डंडे के बल पर बंद नहीं कराना चाहते, नवरात्रि पर फिर उठी मीट की दुकान बंद करने की मांग
नवरात्रि के दौरान अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं को लेकर कई विवाद उठते रहे हैं। इस बार, मध्य प्रदेश में नवरात्रि के दौरान मीट-मटन की दुकानें बंद रखने की मांग जोर पकड़ रही है। हिंदू संगठनों ने यह मांग उठाई है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक मीट-मटन की दुकानें बंद रखी जाएं। उनका कहना है कि इन दिनों में हिंदू धर्म के अनुयायी व्रत रखते हैं और देवी की पूजा करते हैं, और ऐसे समय में मांसाहार पर रोक लगानी चाहिए। बता दें कि उत्तर प्रदेश में मंत्री के आदेश और दिल्ली में उठी मांग के बाद अब मध्य प्रदेश में भी नवरात्रि में मीट-मटन की दुकानें बंद रखने की मांग उठी है।
बीजेपी विधायक का बयान
मुस्लिम धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया
वहीं इस मामले में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के अध्यक्ष काजी अनस अली ने कहा कि मुस्लिमों की भी अपनी भावनाएं हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि रमजान के दौरान मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शराब की दुकानों को बंद रखा जाना चाहिए, क्योंकि इस्लाम में शराब हराम है। उनका कहना था कि अगर नवरात्रि के दौरान मीट-मटन की दुकानें बंद की जाती हैं, तो यह एक दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना होगा।
संस्कृति बचाओ मंच की मांग
संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक मीट-मटन की दुकानें बंद होनी चाहिए। उनके अनुसार, सनातन धर्म के अनुयायी इन नौ दिनों में पवित्रता और शुद्धता के साथ देवी की पूजा करते हैं, और इस दौरान मांसाहार से बचने की आवश्यकता होती है। इस मांग को लेकर उन्होंने प्रदेशभर में समर्थन जुटाने की बात की है।
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