आलोक नागर और राजेश भट्ट होंगे मप्र के सूचना आयुक्त, नोटिफिकेशन जल्द
सूत्रों के अनुसार, जिन दो नामों पर सहमति बनी है, इनमें फर्म एंड सोसाइटी पूर्व रजिस्टार आलोक नागर और दूरदर्शन में कार्यरत राजेश भट्ट शामिल हैं। बता दें कि राज्य सूचना आयोग में अधिकतम 10 सूचना आयुक्तों के पद भरे जा सकते हैं। वर्तमान में आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं।
सुप्रीम कोर्ट हर साल सभी राज्यों से सूचना आयोगों में रिक्त पदों की जानकारी मांगती है। कुछ महीने पहले राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भेजी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया था कि मध्यप्रदेश में एक मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। इसके अलावा तीन पद भरे जाने के लिए प्रस्तावित हैं।
इसके बाद राज्य सरकार ने तीन पदों के लिए रिक्तियां निकाली थीं, लेकिन चयन प्रक्रिया के दौरान फिलहाल दो ही पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इन दोनों नामों पर राज्यपाल की सहमति मिल चुकी है और अब सरकार की ओर से औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद दोनों नए सूचना आयुक्तों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
रिक्त पदों का प्रभाव
- लंबे समय से पद खाली होने से RTI अपीलों का भारी बैकलॉग जमा हो गया है।
- नई नियुक्तियों से आयोग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को न्याय मिलना आसान होगा।
खास-खास बातें...
- सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सूचना आयुक्तों के रिक्त पदों को समय पर नहीं भरने पर सख्त रुख अपनाया था। जिसके बाद मध्य प्रदेश में राज्य सूचना आयोग में नियुक्ति प्रक्रिया तेज हो गई।
- रिक्त पदों की स्थिति: राज्य सूचना आयोग में कुल 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से मुख्य सूचना आयुक्त सहित तीन पद भरे हुए हैं, जबकि सात पद अभी भी रिक्त हैं। इन खाली पदों के कारण आयोग में 23 हजार से अधिक अपीलें लंबित हैं।
- नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी: राज्य सरकार को तीन रिक्त पदों के लिए 219 आवेदन प्राप्त हुए थे।
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सूचना का अधिकार | मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग | आरटीआई
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