MP पुलिस प्रशासन की बैठक में बड़ा फैसला, 10 सालों के यौन लैंगिक अपराधों की होगी जांच, डीजीपी के निर्देश

Sandeep Kumar | Sept 29, 2024, 23:34 IST
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मध्य प्रदेश में यौन अपराधों की प्रभावी रोकथाम, यौन अपराधियों की सघन जांच और यौन अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कार्रवाई करने सभी पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश में बच्चियों के साथ घटनाओं के बाद शासन-प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। दरअसल सीएम डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav ) ने प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को सुनिश्चित करने और शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिए गए निर्देश दिए थे। जिसके बाद डीजीपी सुधीर सक्सेना ( DGP Sudhir Saxena ) ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए से प्रदेश में यौन अपराधों की प्रभावी रोकथाम और यौन अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कार्रवाई करने के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश के सभी जोनल आईजी, एडीजी भोपाल और इंदौर कमिश्नरेट के आयुक्त, सभी जिलों के एसपी समेत इंदौर और भोपाल के पुलिस उपायुक्त शामिल।



अभियान चलाकर करें आरोपियों पर कार्रवाई

डीजीपी सुधीर सक्सेना ने कहा कि आज से ही लैगिंक अपराधों में संलिप्त रहे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रदेश के सभी थाना क्षेत्रों में पिछले दस सालों में इस तरह के अपराधों में शामिल रहे लोगों की सघन जांच और निगरानी तय करें। पुलिस के विभिन्न डाटा बेस से यौन अपराधी विशेषकर एक से अधिक बार ऐसे रेप जैसे अपराध किए हो उनकी जानकारी प्राप्त करें। यदि वे अपना क्षेत्र छोड़कर अन्यत्र कहीं भी निवास कर रहे हों तो संबंधित पुलिस थाने को जानकारी दे ताकि उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकें। डीजीपी ने कहा कि शासन की मंशानुसार पॉस्को एक्ट और अन्य यौन अपराधों संबंधित फास्ट ट्रेक कोर्ट (fast track court ) में चल रहे मामलों के त्वरित निराकरण करें।



स्कूलों में SC की गाइडलाइन का पालन हो : डीजीपी

डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षा के संबंध में जारी गाइडलाइन के अनुरूप जिला प्रशासन के सहयोग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों के समस्त स्टॉफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कराया जाए। साथ ही स्कूल परिसर के आसपास के लोगों और रास्तों पर भी सजग चौकसी रहे। वाहनों में सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना सुनिश्चित किया जाए।



पुलिस आम लोगों से संवाद करें

DGP ने कहा कि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ समाज की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। इसलिए पुलिस आम लोगों से लगातार संवाद बनाकर रखे। उन्होंने कहा कि रहवासी मल्टी स्टोरिज में महिला बाल सुरक्षा को लेकर रहवासियों को संवेदनशील करें। रहवासियों को कहें कि किसी भी संदेही की सूचना तत्काल पुलिस को दें।



नवरात्र में महिला बाल सुरक्षा रखें ध्यान

नवरात्र में गरबा स्थल पर महिला सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। गरबा स्थल के आसपास विशेष पेट्रोंलिंग कराएं। गरबा स्थल पर आवागमन के रास्तों पर ड्रोन कैमरों का भरपूर उपयोग करें। गरबा स्थल पर विडियोग्राफी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। गरबा समाप्ति के बाद भी तब तक पुलिस पेट्रोंलिंग चालू रहे जब तक की सभी महिलाएं बच्चियां सुरक्षित घर न पहुंच जाएं, हर हाल में कानून-व्यवस्था चाक चौबंद रहे।



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