राजनीति से पहले खेल के मैदान में नेताओं के बेटे: सिंधिया के बेटे क्रिकेट के बॉस, अब शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने संभाली वॉलीबॉल की कमान

Sourabh Bhatnagar | Oct 12, 2026, 14:39 IST
सिंधिया और शिवराज के बेटों का स्पोर्ट्स कनेक्शन।
MP Politics: मध्य प्रदेश के बड़े नेताओं के बेटे चुनावी राजनीति में आने से पहले खेल प्रशासन में अपनी जगह बना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया पहले ही मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष बन चुके हैं। अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी इसी राह पर कदम बढ़ाया है।
Sons Union Ministers Shivraj Singh Chouhan Jyotiraditya Scindia leading roles Madhya Pradesh sports administration. Kartikeya Singh Chouhan elected President MP Volleyball Association, Mahanaryaman Scindia heads MP Cricket Association.

कार्तिकेय मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मध्य प्रदेश के दिग्गज नेताओं की अगली पीढ़ी के लिए खेल प्रशासन सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने का नया रास्ता बन रहा है?



भोपाल में हुए चुनाव में कार्तिकेय को मिली जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ के चुनाव रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को भोपाल में हुए थे। इसमें प्रदेश के 33 जिला संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सभी की सहमति से कार्तिकेय सिंह चौहान को अध्यक्ष चुना गया है। उनका कार्यकाल 2026 से 2030 तक रहेगा।



कार्तिकेय ने नई जिम्मेदारी मिलने पर संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सभी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे।



29 साल की उम्र में MPCA अध्यक्ष बने थे महाआर्यमन

खेल प्रशासन में राजनीतिक परिवारों की नई पीढ़ी की भागीदारी का एक और उदाहरण महाआर्यमन सिंधिया हैं। सितंबर 2025 में वे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के निर्विरोध अध्यक्ष बने थे।



उस समय उनकी उम्र 29 साल थी। इसी के साथ उन्होंने MPCA के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया है। यह सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी है जो यह पद संभाल रही है। पहले उनके दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अध्यक्ष रह चुके हैं। यह संस्था 1957 से अस्तित्व में है।



बता दें कि महाआर्यमन के पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उनके परिवार का भी राजनीति से पुराना संबंध रहा है।



क्या खेल प्रशासन बन रहा राजनीति का नया रास्ता?

मध्य प्रदेश में इन दोनों नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो सकती है। इसकी वजह दोनों युवा चेहरों की पारिवारिक पृष्ठभूमि है।



शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली नेता हैं। ऐसे में उनके बेटों की सार्वजनिक गतिविधियों पर भी लोगों की नजर रहती है।



खेल संगठनों में नेतृत्व करने से खिलाड़ियों, युवाओं और जिला स्तर के प्रतिनिधियों के साथ सीधे काम करने का अवसर मिलता है। इससे संगठन चलाने और फैसले लेने का अनुभव भी हासिल होता है।



हालांकि, खेल संगठनों में अध्यक्ष बनने का यह मतलब नहीं है कि दोनों जल्द चुनाव लड़ने वाले हैं। फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।



वॉलीबॉल के लिए नई Sports Policy लाने की तैयारी

अध्यक्ष बनने के बाद कार्तिकेय ने अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं है। उन्होंने मध्य प्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार करने की बात कही है।



इस नीति के जरिए प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास की योजना बनाई जाएगी। हर जिले की जरूरत के अनुसार काम करने के लिए अलग रोडमैप तैयार होगा।



कार्तिकेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना चाहिए। उनका प्रयास इस खेल को अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचाने का रहेगा।



खिलाड़ियों को सुविधाएं और जिला संघों को आर्थिक मदद

नई कार्यकारिणी का एक प्रमुख लक्ष्य जिला वॉलीबॉल संघों को मजबूत करना रहेगा। इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता देने की दिशा में काम किया जाएगा।



इसके अलावा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।



कार्तिकेय के मुताबिक, प्रदेश में वॉलीबॉल की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर काम करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से Volleyball Development का रोडमैप बनाया जाएगा।



राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को भी मंजूरी

भोपाल में हुई संघ की बैठक में अलग-अलग आयु वर्गी के लिए राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला लिया गया है।



इन प्रतियोगिताओं से विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही संघ की वैधानिक स्थिति के बारे में भी बैठक में जानकारी दी गई है।



अब नई कार्यकारिणी को इन योजनाओं पर अमल करना होगा।



खेल के मैदान में कितनी सफल होगी नई पीढ़ी?

महाआर्यमन सिंधिया और कार्तिकेय सिंह चौहान को पारिवारिक पहचान के साथ खेल संगठनों में नेतृत्व करने का अवसर मिला है। हालांकि, उनकी सफलता का असली पैमाना खिलाड़ियों के लिए किए गए काम होंगे।



एक ओर क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल के प्रशासन की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर वॉलीबॉल को छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।



अब देखना दिलचस्प होगा कि मध्य प्रदेश के इन दो बड़े नेताओं के बेटे खेल प्रशासन में अपनी अलग पहचान बनाते हैं या आने वाले समय में चुनावी राजनीति की तरफ भी कदम बढ़ाते हैं।



अब कार्तिकेय सिंह चौहान के बारे में भी जान लीजिए

कार्तिकेय शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। शिवराज मध्य प्रदेश के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और अभी केंद्र में कृषि मंत्री हैं। कार्तिकेय का जन्म 23 मई 1994 को हुआ था, मतलब अभी करीब 32 साल के हैं।



मां का नाम साधना सिंह है और छोटे भाई कुणाल हैं। मार्च 2025 में कार्तिकेय की शादी अमानत बंसल से हुई थी। अमानत लिबर्टी शूज वाले अनुपम बंसल की बेटी हैं। जनवरी 2026 में इनके घर बेटी इला पैदा हुई।



पढ़ाई की बात करें तो भोपाल में स्कूल किया, फिर पुणे के सिम्बायोसिस से लॉ की डिग्री ली और 2022 में अमेरिका की पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से LLM पूरा किया। यानी वकील हैं। बिजनेस भी करते हैं।



भोपाल में फूलों की दुकान सुंदर फ्लोरिका चलाई थी, डेयरी का काम भी है और अब सोलर एनर्जी के बिजनेस में उतर रहे हैं। विदिशा में सोलर मॉड्यूल बनाने की प्लानिंग है। राजनीति में भी सक्रिय हैं।



पिता के क्षेत्र बुधनी और विदिशा में काम करते रहते हैं। लोग इन्हें शिवराज का भविष्य का वारिस मानते हैं, लेकिन खुद इन्होंने कहा है कि टिकट की लालसा नहीं है।



अब महाआर्यमन सिंधिया के बारे में भी जान लीजिए

महाआर्यमन सिंधिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे हैं। वे ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार से आते हैं। उनका जन्म 17 नवंबर 1995 को हुआ था। फिलहाल उनकी उम्र 30 साल है। उनकी मां प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया हैं। उनकी एक बहन भी हैं, जिनका नाम अनन्या राजे सिंधिया है। उनका परिवार ग्वालियर के जय विलास पैलेस में रहता है।



महाआर्यमन ने अपनी स्कूली पढ़ाई देहरादून के दून स्कूल से की है। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए थे। वहां उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी पढ़ाई की है।



पढ़ाई पूरी करने के बाद महाआर्यमन ने बिजनेस की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने MyMandi नाम का एक स्टार्टअप शुरू करने में मदद की। यह स्टार्टअप फल और सब्जियों की सप्लाई से जुड़ा है। इसके अलावा वे कई बड़ी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।



महाआर्यमन फिलहाल मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष हैं। सितंबर 2025 में वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। उस समय उनकी उम्र महज 29 साल थी। इसके साथ ही वे MPCA के इतिहास में सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। खास बात यह है कि सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी अब इस पद की जिम्मेदारी संभाल रही है।



महाआर्यमन अभी सक्रिय राजनीति से दूर हैं। फिलहाल उनका ध्यान क्रिकेट के विकास और अपने बिजनेस पर है।

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