MP Vehicle Update 2026: एमपी में बिना OTP नहीं बनेगा PUC, जानें नए नियम
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश में अब पीयूसी सर्टिफिकेट बिना OTP के नहीं बनेगा।
- वाहन के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा।
- OTP डालने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी होगा।
- गलत या पुराना नंबर होने पर पहले परिवहन विभाग में नंबर अपडेट कराना होगा।
- यह व्यवस्था NIC ने सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर लागू की है।
MP में PUC के नियम बदले
भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में एक नई व्यवस्था लागू हो गई है। अब वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए OTP वेरिफिकेशन जरूरी होगा। यह OTP वाहन के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा। बिना इसके कोई भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर NIC (National Informatics Centre) ने यह बदलाव किया है। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा ने बताया कि जैसे ही केंद्र पर वाहन का नंबर दर्ज होगा, सिस्टम खुद मालिक के मोबाइल पर OTP भेजेगा। प्रदूषण जांच पास होने और OTP वेरिफिकेशन के बाद ही प्रमाण पत्र मिलेगा।
किन लोगों को होगी परेशानी
जिन वाहन मालिकों के रिकॉर्ड में पुराना या बंद नंबर है, उन्हें दिक्कत आ सकती है। ऐसे लोगों को पहले परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में नंबर अपडेट कराना होगा। तभी वे OTP पा सकेंगे और प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।
प्रदेश में करीब 2.5 करोड़ वाहन हैं। सिर्फ भोपाल में ही 20 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहन मालिकों पर इस बदलाव का सीधा असर पड़ेगा।
भोपाल में रोज 2500 पीयूसी
भोपाल के RTO (Regional Transport Office) डॉ. जितेन्द्र शर्मा के अनुसार राजधानी में लगभग 60 पीयूसी केंद्र चल रहे हैं। इनमें हर दिन करीब 2500 प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। पूरे प्रदेश में 550 से 600 केंद्रों से रोजाना 22 हजार से 25 हजार सर्टिफिकेट जारी होते हैं।
इतने बड़े पैमाने पर काम होने से फर्जीवाड़े की आशंका भी रहती थी। नई व्यवस्था इसी पर रोक लगाने की कोशिश है।
एक नंबर से कई पीयूसी की समस्या खत्म होगी
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर से कई वाहनों के प्रमाण पत्र बनाए जा रहे थे। वाहन मालिक की असली पहचान की जांच नहीं होती थी। इससे रिकॉर्ड की सच्चाई पर सवाल उठते थे।
नई व्यवस्था में सिर्फ वाहन के पंजीयन रिकॉर्ड में दर्ज नंबर पर ही OTP जाएगा। किसी दूसरे के नंबर पर या गलत जानकारी से प्रमाण पत्र बनवाना अब आसान नहीं रहेगा।
जल्द मिलेगा एक्सपायरी अलर्ट भी
विभाग जल्द ही एक और सुविधा शुरू करने वाला है। इसके तहत पीयूसी की वैधता खत्म होने से पहले वाहन मालिक के मोबाइल पर संदेश भेजा जाएगा। इससे वे समय पर प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करा सकेंगे और चालान से बच सकेंगे।
वाहन मालिकों को क्या करना होगा
वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में उनका सही और चालू मोबाइल नंबर दर्ज हो। अगर नंबर पुराना या गलत है तो पहले उसे अपडेट कराएं। पीयूसी केंद्र पर जाते समय मोबाइल साथ रखें ताकि OTP मिल सके और वेरिफिकेशन हो सके।
यह बदलाव छोटा लग सकता है लेकिन वाहन रिकॉर्ड की सफाई और फर्जीवाड़े पर रोक के लिहाज से यह एक जरूरी कदम है।
FAQ
- मध्यप्रदेश में PUC सर्टिफिकेट के लिए OTP क्यों जरूरी हुआ?
फर्जी या गलत जानकारी से प्रमाण पत्र बनाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। NIC ने सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर यह बदलाव किया। - PUC सर्टिफिकेट के लिए नंबर को अपडेट कैसे करें?
ऐसे वाहन मालिकों को पहले परिवहन विभाग के दफ्तर जाकर रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। नंबर अपडेट होने के बाद ही OTP मिल सकेगा। बिना सही नंबर के PUC सर्टिफिकेट नहीं बनेगा। - मध्यप्रदेश में रोज कितने PUC सर्टिफिकेट बनते हैं?
पूरे प्रदेश में 550 से 600 केंद्रों के जरिए रोजाना 22 हजार से 25 हजार सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं। अकेले भोपाल में करीब 60 केंद्र हैं, जहां हर दिन लगभग 2500 सर्टिफिकेट जारी होते हैं।
ये भी पढ़ें...
एमपी में ड्राइविंग लाइसेंस: 100 नंबर का टेस्ट, 60 से कम तो फेल
श्रम विभाग का नया नियम : अब 24 घंटे में मिलेगा दुकान का लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब RTO के चक्कर का झंझट खत्म, लेकिन नाबालिग ने गाड़ी चलाई तो खैर नहीं!
सड़क सुरक्षा अभियान में ट्रैफिक सख्ती, एमपी में 5 हजार से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त