तीन संतान पर बर्खास्त सिंगरौली सब-रजिस्ट्रार को राहत, शासन ने लगाई आदेश पर रोक

Sanjay Dhiman | Jun 15, 2026, 23:23 IST
Photograph: (the sootr)
सिंगरौली सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को तीन संतान के आधार पर बर्खास्त किया गया था। अपील के बाद शासन ने सेवा समाप्ति पर रोक लगा दी। अब वे पद पर बने रहेंगे।

सिंगरौली में पदस्थ सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को तीन संतान होने के आधार पर 11 जून 2026 को बर्खास्त किया गया था। परिहार ने शासन के सामने अपील दायर की और उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। शासन ने माना कि अपील के निपटारे तक बर्खास्तगी रखना उचित नहीं है। वाणिज्यिक कर विभाग ने सेवा समाप्ति के आदेश पर अंतरिम स्टे दे दिया है। फिलहाल परिहार पद पर बने रहेंगे और अपील का अंतिम फैसला होने तक यथास्थिति जारी रहेगी।



तीन बच्चों की वजह से गई नौकरी

मध्यप्रदेश के सिंगरौली में तैनात सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार की नौकरी एक असामान्य वजह से चली गई थी।



महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने 11 जून 2026 को आदेश जारी किया। इसमें दो से अधिक संतान होने के आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।



परिहार के तीन बच्चे हैं। तीसरे बच्चे का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था।



23 साल बाद उठाया पुराना मामला

परिहार ने अपील में साफ कहा कि तीसरा बच्चा 23 साल पहले पैदा हुआ था। इतने सालों बाद नए नियमों के आधार पर बर्खास्तगी तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने यही तर्क देते हुए राहत की मांग की।



डेप्युटी सीएम से मिले परिहार

बर्खास्तगी के तुरंत बाद परिहार हरकत में आए। उन्होंने डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से सीधे मुलाकात की।



उनके सामने अपना पूरा पक्ष रखा। इसके साथ ही 15 जून 2026 को उन्होंने राज्य शासन के सामने औपचारिक अपील भी दायर की।



शासन ने दी अंतरिम राहत

शासन ने माना कि अपील का अंतिम निपटारा होने में वक्त लग सकता है। इस दौरान अगर बर्खास्तगी लागू रही तो परिहार को अपूरणीय नुकसान होगा।



इसी आधार पर वाणिज्यिक कर विभाग ने 11 जून के आदेश पर स्टे दे दिया। विभाग के अपर सचिव राजेश ओगरे ने यह आदेश जारी किया।



अब परिहार की सेवाएं बहाल मानी जाएंगी। अपील के अंतिम फैसले तक यही स्थिति बनी रहेगी।



भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं परिहार पर

परिहार का मामला सिर्फ तीन संतान तक सीमित नहीं है। सिंगरौली में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं।विभाग के अंदर भी उनकी कार्यशैली को लेकर शिकायतें दर्ज हैं। माना जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में तीन संतान के प्रावधान का उपयोग उन्हें हटाने के लिए किया गया।



सीएम के निर्देश ने बदला खेल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि तीन संतान के कारण किसी की नौकरी नहीं जाएगी। यही वजह है कि बर्खास्तगी के तुरंत बाद परिहार को राहत मिल गई। उनका मामला सीधे इस नीति की कसौटी पर खरा उतरा।



FAQ

  1. अशोक सिंह परिहार को क्यों बर्खास्त किया गया था?
    दो से अधिक संतान होने के आधार पर महानिरीक्षक पंजीयन ने 11 जून 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। परिहार के तीन बच्चे हैं। तीसरे बच्चे का जन्म 2003 में हुआ था।
  2. मध्यप्रदेश में तीन संतान पर नौकरी जाती है?
    पहले यह प्रावधान लागू था। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि तीन संतान के कारण किसी की नौकरी नहीं जाएगी। इसी नीति के तहत परिहार को राहत मिली।

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