माघ कृष्ण नवमी को सूर्य और सर्प से बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार

Kaushiki | Jan 11, 2026, 08:53 IST
mahakal
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रविवार (11 जनवरी) को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रविवार (11 जनवरी) को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। माघ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को भस्म आरती का अद्भुत आयोजन हुआ।



भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह सबसे पहले, सभा मंडप में वैदिक मंत्रों के साथ स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद, घंटा बजाकर भगवान महाकाल से अनुमति ली गई। फिर, गर्भगृह के पट खुलते ही पुजारियों ने भगवान का रात का श्रृंगार उतारा।



mahakaal


mahakaal


पंचामृत से हुआ महाकाल का अभिषेक

माघ महीना में बाबा महाकाल की नगरी में पट खुलने के बाद, पुजारियों ने कपूर आरती करके पूजन की शुरुआत की थी। इसके तुरंत बाद, नंदी हॉल में विराजमान नंदी जी का स्नान और पूजन हुआ। यह क्रिया बहुत ही श्रद्धा और भक्ति से की गई थी।



जल से भगवान महाकाल का अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद, पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पंचामृत से स्नान के बाद, भगवान महाकाल को अलौकिक रूप से सजाया गया। सबसे पहले उन्हें रजत का चंद्र मुकुट अर्पित किया गया। इसके साथ ही, चांदी का त्रिशूल और विभिन्न आभूषण धारण कराए गए।



mahakaal


बाबा का विशेष श्रृंगार

भस्म आरती के लिए भगवान (बाबा महाकालभस्म आरती) का विशेष श्रृंगार किया गया। चंदन, भांग और सूखे मेवों (ड्रायफ्रूट्स) से उनका मनमोहक रूप बनाया गया। बाबा महाकाल ने शेषनाग का अद्भुत रजत मुकुट पहना था।



इसके अलावा, उन्हें चांदी की मुण्डमाला और रुद्राक्ष पहनाई गई। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर अंत में, फल और स्वादिष्ट मिष्ठान का भोग भगवान को लगाया गया।



बाबा महाकाल उज्जैन में इस पावन भस्म आरती में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। भगवान को भस्म चढ़ाई गई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और भावुक करने वाला होता है।



Tags:
  • भस्म आरती
  • महाकालेश्वर मंदिर
  • बाबा महाकाल
  • बाबा महाकालभस्म आरती
  • माघ महीना