महाकाल भस्म आरती में VIP प्रोटोकॉल की अनदेखी, बिना पास के नंदी हॉल तक पहुंच रहे लोग`
उज्जैन के महाकाल की भस्म आरती में वीआईपी प्रोटोकॉल के नाम पर नियमों की अनदेखी हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हर दिन 100 से 150 लोग बिना वैध एंट्री पास के सीधे नंदी हॉल तक पहुंच जाते हैं। ये लोग सिफारिशी पत्रों और वीआईपी फैक्स के जरिए अंदर घुस रहे हैं।
बिना पास के हो रही एंट्री
जिला और मंदिर प्रशासन को रोज रात 10 से 12 बजे के बीच 20 से ज्यादा वीआईपी फैक्स मिल रहे हैं। इन फैक्स में पांच से 15 लोगों को सीधे भस्म आरती में घुसने का आदेश होता है।
नियम के मुताबिक हर श्रद्धालु, चाहे वो वीआईपी हो या आम, उसे आधार कार्ड के साथ एंट्री पास लेना और 200 रुपए शुल्क देना जरूरी है। हैरानी की बात है कि इन फैक्स में कोई भी वैध पास नहीं लाता है।
फर्जी आईएएस बनकर भस्म आरती में प्रवेश
जानकारी के अनुसार पिछले महीने एक व्यक्ति ने फर्जी आईएएस बनकर दिल्ली से कॉल किया था। उसने सर्किट हाउस में कमरा बुक कराया थी। साथ ही उज्जैन पहुंचते ही खुद को वीआईपी प्रोटोकॉल का अधिकारी बताना शुरू कर दिया था।
जब प्रोटोकॉल स्टाफ ने उसका वेरिफिकेशन किया और पहचान पत्र मांगा तो उसने एक सिफारिशी पत्र दिखा दिया। इसमें उसे भस्म आरती में सीधे प्रवेश देने का आदेश था।
परेशानी ये है कि ऐसे पत्रों की जांच करने का कोई ठोस तरीका नहीं है। बाद में पूछताछ के दौरान अतुल की असलियत सामने आ गई थी।
सात दिन में इतने लोगों को मिली एंट्री
जानकारी के अनुसार एक हफ्ते में इतने लोगों को एंट्री मिली थी। 23 अप्रैल को 15 लोगों को, 24 अप्रैल को 13 लोग और 25 अप्रैल को 15 लोगों को को एंट्री मिली थी।
साथ ही 26 अप्रैल को 14 लोग, 27 अप्रैल को 15 लोग, 28 अप्रैल को 15 लोग और 29 अप्रैल को 15 लोग एंट्री में शामिल थे।
कैसे होती है भस्म आरती की बुकिंग
भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट (www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in) के जरिए पास लेना अनिवार्य है। हर दिन डेढ़ से दो हजार श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाती है।
इनमें से लगभग 1700 लोगों को एक महीने पहले बुकिंग मिलती है। वहीं लगभग 300 लोगों को एक दिन पहले तत्काल कोटे में मौका मिलता है।
हर श्रद्धालु की पहचान और एंट्री ट्रैक
मंदिर प्रबंधन ने नवंबर 2024 में आरएफआईडी बैंड सिस्टम शुरू किया था, ताकि हर श्रद्धालु की पहचान और एंट्री ट्रैक की जा सके। बैंड स्कैन होने के बाद ही प्रवेश दिया जाता था, लेकिन यह सिस्टम कुछ ही दिनों में बंद कर दिया गया था।
FAQ
- क्या उज्जैन में VIP को भस्मआरती के लिए फीस देना जरूरी है?
हां मंदिर के नियमों के अनुसार हर श्रद्धालु को, चाहे वह VIP हो या आम, 200 रुपए का शुल्क देना अनिवार्य है और साथ में अपना आईडी कार्ड दिखाना जरूरी है। - महाकाल मंदिर उज्जैन भस्मआरती की बुकिंग कैसे करें?
भस्मआरती की बुकिंग महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट (www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in) के जरिए की जा सकती है। इसके लिए आप एक महीने पहले ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। - क्या महाकाल मंदिर में बिना पास के भस्मआरती में प्रवेश कर सकते हैं?
नियमों के मुताबिक बिना वैध पास के प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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