महाकाल कंट्रोल रूम से सभी बड़े मंदिर जुड़ेंगे, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
News in Short
- उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ाई जाएगी।
- कर्मचारियों को विनम्रता प्रशिक्षण देकर बेहतर व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।
- महाकाल कंट्रोल रूम से भीड़ प्रबंधन और निगरानी होगी।
- जूता स्टैंड, पेयजल और छांव बढ़ाने समेत कई बदलाव किए जाएंगे।
- पीए सिस्टम से तुरंत सूचना और जिम्मेदार अधिकारी हर समय मौजूद रहेंगे।
News in Detail
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मंदिरों की व्यवस्थाओं को सुधारने की योजना बनाई गई है। कलेक्टर ने कर्मचारियों को विनम्रता प्रशिक्षण देने और महाकाल कंट्रोल रूम के जरिए भीड़ प्रबंधन पर जोर दिया। जूता स्टैंड, पेयजल और छांव बढ़ाने समेत कई बदलाव श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जाएंगे।
मंदिरों में बेहतर व्यवहार
उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में अब श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन ही नहीं, बेहतर व्यवहार भी मिलेगा। कलेक्टर आईएएस रौशन कुमार सिंह ने मंदिर प्रशासकों की बैठक में साफ कहा कि कर्मचारियों का व्यवहार विनम्र होना चाहिए। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा बैठक का मुख्य विषय रहा। हर बड़े मंदिर में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे ताकि भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
धक्का-मुक्की रोकने की व्यवस्था
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में कोई धक्का-मुक्की वाला माहौल नहीं होना चाहिए। श्रद्धालुओं की लाइनें व्यवस्थित हों और क्रॉस मूवमेंट न हो। पीए सिस्टम के जरिए तुरंत सटीक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाएगी। हर समय मंदिर में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिए जा सकें।
मंदिरों के वित्तीय प्रबंधन
बैठक में मंदिरों की कमाई और खर्च का हिसाब-किताब भी चर्चा में रहा। कलेक्टर ने कहा कि बैंक में जमा धन का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए होना चाहिए। अनावश्यक बैंक खाते खोलने से बचें और खर्च का रिकॉर्ड साफ-सुथरा रखें।
मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में सुबह की भीड़ के लिए शीघ्र दर्शन काउंटर और अलग होल्डिंग एरिया बनाने के निर्देश दिए गए। काल भैरव मंदिर में पेयजल और छांव बढ़ाने की योजना बनाई गई।
अन्य मंदिरों में सुधार
गढ़कालिका मंदिर में त्योहार और सामान्य दिनों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाएगी। हरसिद्धि मंदिर में जूता स्टैंड और स्पष्ट संकेतक लगाए जाएंगे। बैठक में प्रथम कौशिक, एल एन गर्ग सहित अन्य मंदिरों के अधिकारी मौजूद रहे।
महाकाल कंट्रोल रूम से सभी मंदिर जुड़े रहेंगे। कर्मचारियों को व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाएगी। धक्का-मुक्की रोकने नई व्यवस्था लागू होगी। जूता स्टैंड, पेयजल और छांव बढ़ाई जाएगी। पीए सिस्टम से तुरंत सूचना दी जाएगी।
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