उज्जैन महाकाल मंदिर में आधार कार्ड देखकर मुस्लिम युवक के साथ मारपीट, वीडियो वायरल
समझें क्या है पूरा मामला
- उज्जैन महाकाल मंदिर में मुस्लिम युवक सरफराज शेख के साथ मारपीट हुई।
- आधार कार्ड देखने के बाद भीड़ ने युवक की पहचान उजागर की।
- युवक पुणे से एक हिंदू युवती के साथ दर्शन करने आया था।
- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- पुलिस ने युवक को सुरक्षित निकाला, कोई शिकायत दर्ज नहीं।
उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्मारती की कतार में खड़े एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट हुई। युवक के माथे पर त्रिपुंड लगा था और वह एक हिंदू युवती के साथ आया था। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आधार कार्ड देखने के बाद उसकी पहचान उजागर की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
उज्जैन पहुंचा था दर्शन के लिए
पुणे के पिंपरी इलाके का रहने वाला 26 साल का सरफराज शेख एक हिंदू युवती के साथ उज्जैन आया था। दोनों महाकाल के दर्शन करना चाहते थे। 16 और 17 जून की दरमियानी रात करीब 2 बजे वे भस्मारती की कतार में खड़े थे। सरफराज के माथे पर चंदन का त्रिपुंड लगा था। उस पर 'महाकाल' भी लिखा हुआ था।
आधार कार्ड ने खोली पहचान
कतार में मौजूद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को युवक पर शक हुआ। उन्होंने उससे आधार कार्ड मांगा। कार्ड देखते ही उसका मुस्लिम होना सामने आ गया। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोग भड़क गए। देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया और मुस्लिम युवक की पिटाई कर दी गई।
गुहार लगाता रहा, किसी ने नहीं सुना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सरफराज बार-बार छोड़ने की गुजारिश करता रहा। लेकिन भीड़ ने उसकी एक न सुनी। कतार में खड़े दूसरे श्रद्धालुओं में भी अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस ने युवक को बचाया
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि युवक को सुरक्षित निकालकर उससे पूछताछ की गई। फिलहाल किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। एहतियात के तौर पर दोनों के परिजनों को उज्जैन बुलाया गया है। थाना प्रभारी के मुताबिक शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
क्या कहता है कानून
किसी भी धर्म के व्यक्ति को सार्वजनिक जगह पर उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर मारना कानूनन अपराध है। भारतीय दंड संहिता (IPC – Indian Penal Code) की धारा 153A धर्म के आधार पर नफरत फैलाने पर रोक लगाती है। महाकालेश्वर मंदिर एक सार्वजनिक धार्मिक स्थल है। यहां प्रवेश को लेकर कोई आधिकारिक धार्मिक प्रतिबंध नहीं है।
अब क्या होगा आगे
पुलिस दोनों पक्षों से बात कर रही है। परिजनों के उज्जैन पहुंचने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। लिखित शिकायत मिलने पर ही FIR (First Information Report) दर्ज होगी।
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