महाकालेश्वर मंदिर की भस्मारती पास को लेकर बड़ा खुलासा, हजारों में बिक रहे VIP पास
समझें क्या है पूरा मामला...
- उज्जैन महाकाल मंदिर की भस्मारती की बुकिंग के लिए भक्तों को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता है।
- वीआईपी कोटे का फायदा उठाकर दलाल और एजेंट भस्मारती के एंट्री पास बेच रहे हैं।
- जांच में एजेंटों ने पैसे लेकर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए।
- जिनके नाम पर ये पास जारी हुए, उन्होंने इस पूरे मामले से खुद को अनजान बताया है।
भस्मारती में क्यों है इतनी मारामारी
महाकाल मंदिर उज्जैन की भस्मारती देशभर के श्रद्धालुओं की पहली पसंद है। हर दिन हजारों भक्त दर्शन की चाहत रखते हैं। लेकिन ऑनलाइन स्लॉट कुछ ही सेकंड में भर जाते हैं।
आम श्रद्धालुओं को भस्मारती बुकिंग के लिएहफ्तों इंतजार करना पड़ता है। इस मजबूरी का फायदा दलाल उठा रहे हैं। वे VIP और प्रोटोकॉल कोटे के नाम पर पास बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं।
कैसे चलता है यह नेटवर्क
एक मीडिया संस्थान ने इस पूरे खेल की पड़ताल की। इस जांच में सामने आया कि दलाल सोशल मीडिया और सीधे संपर्क के जरिए श्रद्धालुओं तक पहुंचते हैं। साथ ही पहचान दस्तावेज लेते हैं और तय रकम में पास देने की गारंटी देते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन नेताओं और संस्थाओं के नाम पर पास जारी होते हैं, वे खुद इससे अनजान होने का दावा करते हैं।
इस मामले में BJP जिलाध्यक्ष, कांग्रेस जिला अध्यक्ष और RSS के आराधना भवन तक के नाम का इस्तेमाल हुआ। यहां तक कि कोर्ट रेफरेंस के जरिए भी पास बनवाए जा रहे हैं।
BJP रेफरेंस पर 2100 में हुई डील
17 मई को एक श्रद्धालु ने अभिषेक गुरु नाम के एजेंट से संपर्क किया। इसके बाद 19 मई की भस्मारती के लिए 2100 रुपए प्रति व्यक्ति में सौदा तय हुआ। एजेंट ने दावा किया कि बाकी लोग 3500 रुपए तक लेते हैं।
अभिषेक ने बताया कि ये पास नेताओं और कलेक्टर ऑफिस के रेफरेंस से बनते हैं। दस्तावेज मिलते ही 19 मई की रात पास उपलब्ध करा दिया गया।
वहीं उज्जैन BJP जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सफाई दी कि जो नाम बताए जा रहे हैं, वे कभी मंदिर समिति को भेजे ही नहीं गए।
कांग्रेस रेफरेंस पर 2500 में मिला पास
17 मई के दिन शाम को विकास पंड्या नाम के एजेंट से संपर्क हुआ। उसने 2500 रुपए प्रति व्यक्ति में पास देने की बात कही। साथ ही एजेंट ने पूरी बात गुप्त रखने को कहा।
इसके अगले दिन दोपहर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के रेफरेंस पर बना पास मिल गया।
वहीं उज्जैन नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि किसी ने पार्टी के नाम का गलत इस्तेमाल किया होगा। उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
मंदिर समिति के पास नहीं है जांच का सिस्टम
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रोटोकॉल पास पर आने वाले लोग वाकई पात्र हैं या नहीं, इसकी जांच कौन करता है। फिलहाल मंदिर समिति के पास ऐसा कोई पुख्ता सिस्टम नहीं है।
दलाल इसी कमी का फायदा उठा रहे हैं। जब तक यह खामी दूर नहीं होती आम श्रद्धालुओं की आस्था के साथ यह खिलवाड़ जारी रहेगा।
मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर भस्म आरती में प्रवेश दिलाने या दर्शन करवाने का काम कर रहा है, तो यह पूरी तरह गलत है। ऐसे मामलों में पहले भी कार्रवाई की गई है। आगे भी किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
FAQ
- महाकाल भस्मारती के पास कैसे बुक होते हैं?
भस्मारती के पास ऑनलाइन बुकिंग के जरिए मिलते हैं। स्लॉट खुलते ही कुछ सेकंड में भर जाते हैं। इसी कमी का फायदा दलाल उठाकर VIP कोटे के पास बेच रहे हैं। - VIP प्रोटोकॉल पास क्या होते हैं?
VIP प्रोटोकॉल पास नेताओं, संस्थाओं या अधिकारियों के रेफरेंस पर जारी होते हैं। इनके जरिए बिना ऑनलाइन बुकिंग के भस्मारती में प्रवेश मिलता है। दलाल इन्हीं पासों को 2500 से 3000 रुपए में बेच रहे हैं।
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