महाकाल मंदिर में धनतेरस पर दीपोत्सव की शुरुआत, गणपति-महालक्ष्मी पूजा के बाद होगा रुद्राभिषेक, चढ़ेगा चांदी का सिक्का
भगवान महाकाल के साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन किया जाएगा। आज सुबह से पूजा शुरू हो गई है। इस पूजा में गणपति पूजन, महालक्ष्मी पूजन, पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक शामिल होंगे।
महाकाल मंदिर में धनतेरस पर विशेष पूजा की तैयारी
उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में धनतेरस का पर्व विशेष धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। दीपोत्सव की शुरुआत के मौके पर मंदिर के नंदी हॉल में विशेष पूजन का आयोजन किया गया है।
इस पूजा में मंदिर के पुजारी और पुरोहित शामिल होंगे। भगवान महाकालेश्वर के साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन-अभिषेक किया जाएगा। धनतेरस पर भगवान महाकाल को चांदी का सिक्का भी अर्पित किया जाएगा। मंदिर में यह आयोजन परंपरा के अनुसार किया जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की आराधना का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।
सुबह से शुरू होगी महापूजा
बता दें कि महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में आज शुक्रवार सुबह 9 बजे से विशेष महापूजा का आयोजन किया गया है। इस पूजा की अवधि करीब एक घंटे की होगी। पूजन के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश की आराधना की जाएगी। इसके बाद माता महालक्ष्मी का पूजन होगा।
गणपति और महालक्ष्मी पूजन के बाद भगवान महाकालेश्वर का पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस विशेष Dhanteras Puja में वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। मंदिर की पुरोहित समिति के पुजारी धार्मिक विधि-विधान के साथ इस आयोजन को संपन्न कराएंगे।
भगवान महाकाल का होगा पंचामृत से रुद्राभिषेक
धनतेरस की विशेष पूजा में भगवान महाकालेश्वर का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। हिंदू धार्मिक परंपरा में पंचामृत अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। पंचामृत सामान्य रूप से दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग भगवान के अभिषेक में किया जाता है।
इसके अलावा भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी होगा। रुद्राभिषेक भगवान शिव की आराधना की एक प्रमुख धार्मिक विधि है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव की पूजा और अभिषेक से भक्त सुख, शांति और कल्याण की कामना करते हैं। महाकाल मंदिर में होने वाला यह Special Puja Ritual धनतेरस की पारंपरिक पूजा का हिस्सा है।
जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना से होगा पूजन
महाकालेश्वर मंदिर की पुरोहित समिति के अध्यक्ष लोकेश व्यास के अनुसार, धनतेरस के अवसर पर यह विशेष पूजा जनकल्याण और विश्व कल्याण की भावना से की जाएगी। पूजन में केवल व्यक्तिगत सुख-समृद्धि ही नहीं, बल्कि सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना भी शामिल होगी।
धनतेरस पर महाकाल को अर्पित होगा चांदी का सिक्का
इस बार धनतेरस की विशेष पूजा में भगवान महाकालेश्वर को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा। मंदिर के पुजारी भगवान महाकाल, धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का विधिवत पूजन-अभिषेक करेंगे।
हिंदू धर्म में धनतेरस पर चांदी और अन्य धातुओं की वस्तुएं खरीदने तथा उनका पूजन करने की परंपरा है। चांदी को शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ महाकाल मंदिर में चांदी का सिक्का अर्पित करने की परंपरा निभाई जाएगी।
FAQs:
- धनतेरस पर महाकाल मंदिर में कौन-कौन से विशेष पूजा आयोजित की जाएगी?
धनतेरस पर महाकाल मंदिर में गणपति पूजन, महालक्ष्मी पूजन, पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक की विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। - इस विशेष पूजा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस विशेष पूजा का मुख्य उद्देश्य जनकल्याण और विश्व कल्याण की भावना से सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करना है। - धनतेरस पर महाकाल को किस वस्तु का अर्पण किया जाएगा?
धनतेरस पर महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा, जो हिंदू धर्म में शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।