1300 की जगह 2000 भक्तों की भस्म आरती में एंट्री, ऐसे खेला जाता था खेल

Sourabh Bhatnagar | Jan 04, 2025, 10:01 IST
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भस्म आरती प्रभारी रितेश शर्मा से पूछताछ में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। इसमें ट्रैवल एजेंसियों, फूल प्रसादी विक्रेताओं, निजी गार्ड्स और मीडिया कर्मियों की मिलीभगत का पता चला है।

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अवैध तरीके से दर्शन कराने और भस्म आरती की परमिशन में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में अब तक 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें मंदिर के कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी और मीडिया कर्मी शामिल हैं।



जांच में पता चला कि मंदिर की आईटी शाखा के कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर भस्म आरती की परमिशन समयसीमा के बाद भी जारी करते थे। ऐसा करते हुए वे एडीएम की आईडी को ब्लॉक कर देते थे और मंदिर की आईडी से अतिरिक्त परमिशन बनाते थे।



भस्म आरती परमिशन में कैसे होता था खेल

गिरफ्तारियां और कार्यवाही

अब तक, पुलिस ने 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें प्रमुख रूप से आईटी प्रभारी राजकुमार सिंह, भस्म आरती निरीक्षक रितेश शर्मा, प्रोटोकॉल अधिकारी अभिषेक भार्गव और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।



आरोपी अभिषेक भार्गव, राजकुमार सिंह और रितेश शर्मा। - Dainik Bhaskar


रिमांड पर खुलासे और नए आरोपी

भस्म आरती प्रभारी रितेश शर्मा से पूछताछ में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। इसमें ट्रैवल एजेंसियों, फूल प्रसादी विक्रेताओं, निजी गार्ड्स और मीडिया कर्मियों की मिलीभगत का पता चला है।





एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुरुवार को पांच नए आरोपियों को जोड़ा गया है। इनमें व्यवस्थापक, क्रिस्टल कंपनी का सुपरवाइजर करण राजपूत, मीडियाकर्मी पंकज शर्मा और अन्य शामिल हैं।



भस्म आरती में अधिक परमिशन कैसे दी जाती थी

मंदिर में आग लगने के बाद प्रशासन ने कार्तिक मंडपम, गणेश मंडपम और नंदी हाल में सिर्फ 1300 भक्तों को बैठाने की सीमा तय की थी। शुरुआत में इसका पालन हुआ, लेकिन बाद में 1700 से 2000 तक भक्तों को अनुमति दी जाने लगी।



FAQ

  1. 1. महाकाल मंदिर में अवैध दर्शन का मामला क्या है?
    मंदिर के कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा अवैध तरीके से भक्तों से पैसे लेकर विशेष दर्शन और भस्म आरती की परमिशन दी जा रही थी।
  2. 2. अब तक कितने लोग आरोपी बनाए गए हैं?
    अब तक 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, और जांच जारी है।
  3. 3. भस्म आरती में कैसे घोटाला किया गया?
    निर्धारित समय के बाद आईडी का उपयोग कर अतिरिक्त परमिशन जारी की जाती थी।
  4. 4. कौन-कौन लोग आरोपी हैं?
    मंदिर के आईटी प्रभारी, भस्म आरती निरीक्षक, प्रोटोकॉल अधिकारी, आउटसोर्स कर्मचारी और मीडियाकर्मी शामिल हैं।
  5. 5. क्या कार्रवाई हुई है?
    अधिकांश आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, और पुलिस जांच के तहत नए नाम सामने आ रहे हैं।

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