महाकाल मंदिर में सबसे पहले मनेगी दीपावली, चारों आरतियों में जलाई जाएगी फुलझड़ी, मंदिर में आतिशबाजी पर रहेगी रोक

Amresh Kushwaha | Nov 05, 2026, 22:47 IST
उज्जैन के महाकाल मंदिर में देश में सबसे पहले दिवाली मनाए जाने की मान्यता है।
It is believed that Diwali is celebrated first in the country at the Mahakal Temple in Ujjain.
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार 8 नवंबर, रविवार को मंदिर में दीपावली और रूप चौदस का पर्व प्राचीन परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा। इस दिन भगवान महाकाल का विशेष पूजन होगा। उन्हें अभ्यंग स्नान कराया जाएगा और अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। मंदिर की चारों आरतियों में एक-एक फुलझड़ी भी जलाई जाएगी।

मान्यता है कि पूरे देश में सबसे पहले दीपावली महाकाल मंदिर में मनाई जाती है। इस खास मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।



एकादशी से शुरू हुआ दीपोत्सव

महाकाल मंदिर में गुरुवार, 5 नवंबर को एकादशी से Diwali Celebration की शुरुआत हो गई है। शाम की आरती में भगवान महाकाल के सामने हाथ से फुलझड़ी जलाई गई और दीप प्रज्वलित किए गए। इसी के साथ मंदिर में दीपावली से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का सिलसिला शुरू हो गया है।



बाबा महाकाल को कराया जाएगा गर्म जल से स्नान

मंदिर की परंपरा के अनुसार, भगवान महाकाल का अभ्यंग स्नान किया जाएगा। इसी दिन से भगवान को गर्म जल से स्नान कराने की शुरुआत भी होगी। इसके बाद बाबा महाकाल को शासकीय अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा।



विशेष पूजा और आरती के दौरान देश में सुख-शांति, समृद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।



चारों आरतियों में जलाई जाएगी एक-एक फुलझड़ी

दीपावली के दिन महाकाल मंदिर में एक खास Special Ritual निभाई जाएगी। भगवान महाकाल की चारों आरतियों में एक-एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। इनमें सुबह की भस्म आरती, अभ्यंग स्नान के बाद होने वाली आरती, संध्या आरती और रात की शयन आरती शामिल हैं।



इस दौरान मंदिर परिसर को रंगोली से भी सजाया जाएगा। श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर दीपावली का पर्व मनाएंगे।



गौशाला में होगा गोवर्धन पूजन

दीपावली के बाद गोवर्धन पूजन के दिन महाकाल मंदिर की गौशाला में विशेष पूजा होगी। इस अवसर पर गायों को सजाया जाएगा और परंपरा के अनुसार गोवर्धन पूजन किया जाएगा।



मंदिर और महाकाल महालोक में आतिशबाजी पर रोक

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक एवं जनसंपर्क अधिकारी आशीष फलवाडिया ने बताया कि 8 नवंबर को सभी धार्मिक कार्यक्रम परंपरा के अनुसार होंगे।



उन्होंने बताया कि चारों आरतियों में एक-एक फुलझड़ी जलाने की अनुमति रहेगी। हालांकि, मंदिर परिसर और महाकाल महालोक में अन्य किसी भी तरह की Fireworks या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।



मंदिर समिति ने धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए दीपावली मनाने की व्यवस्था की है।

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