महाकाल की भस्म आरती में दिखा दिव्य रूप, चांदी का मुकुट, मुंडमाला और फूलों से सजे बाबा महाकाल
भांग और भस्म से हुआ अद्भुत श्रृंगार
अभिषेक पूरा होने के बाद भगवान महाकाल का बहुत ही मनमोहक श्रृंगार किया गया। पुजारियों ने बाबा को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित की।
इसके बाद हरिओम का पावन जल चढ़ाया गया और फिर कपूर से भव्य आरती की गई। आरती पूरी होते ही ज्योतिर्लिंग को एक साफ कपड़े से ढका गया और फिर विधि-विधान से भस्म रमाई गई। यह पवित्र भस्म महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से अर्पित की गई।
चांदी के आभूषण और फूलों से सजा दिव्य रूप
भस्म रमाने के बाद भगवान को विशेष आभूषण पहनाए गए।
- सिर पर शेषनाग का सुंदर रजत मुकुट पहनाया गया।
- गले में चांदी की मुंडमाला और पवित्र रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई।
- मोगरे और ताजे गुलाब के सुगंधित फूलों की मालाओं से पूरा दरबार महक उठा।
- अंत में भगवान महाकाल को ताजे फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
भक्तों ने लिया आशीर्वाद, साकार रूप में दिए दर्शन
इस पूरी भस्म आरती (Bhasma Aarti) में शामिल होने के लिए बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। सभी भक्तों ने कतार में लगकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। धार्मिक मान्यता है कि भस्म चढ़ाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।
महाकाल मंदिर में आरती का समय बदलेगा
बता दें कि उज्जैन महाकाल मंदिर (Shri Mahakaleshwar Temple) में 27 अक्टूबर से आरतियों का समय बदल जाएगा। ठंड शुरू होने के साथ बाबा महाकाल की पूजा का समय भी बदलेगा। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होगी। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी। हालांकि महाकाल की भस्म आरती (Mahakal Bhasm Aarti) के समय में बदलाव नहीं किया गया है।
27 अक्टूबर से तीन आरतियों की नई टाइमिंग
महाकाल मंदिर में मौसम के अनुसार पूजा और आरती का समय बदलता है। इस बार भी इसी परंपरा के तहत नई समय-सारणी लागू होगी। दद्योदक आरती अब सुबह 7 बजे के बजाय 7:30 बजे होगी। यानी यह आरती आधे घंटे देरी से शुरू होगी। भोग आरती भी सुबह 10 बजे के बजाय 10:30 बजे होगी।
वहीं, संध्या आरती शाम 7 बजे के बजाय 6:30 बजे होगी। इसलिए श्रद्धालुओं को शाम की आरती के लिए आधे घंटे पहले पहुंचना होगा। आरतियों के समय में यह बदलाव मंदिर की परंपरा का हिस्सा है। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होकर होली तक चलेगी। श्रद्धालु इसी के अनुसार दर्शन की योजना बनाएं।
भस्म आरती और शयन आरती का समय नहीं बदलेगा
महाकाल मंदिर में भस्म आरती और शयन आरती पुराने समय पर होंगी। इन दोनों आरतियों की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भस्म आरती तड़के 4 बजे शुरू होगी। यह सुबह 6 बजे तक चलेगी। वहीं, शयन आरती रात 10:30 बजे शुरू होगी। यह रात 11 बजे तक चलेगी। भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु पुरानी टाइमिंग का ध्यान रखें।
दूसरी आरतियों में शामिल होने वाले भक्त नई टाइमिंग के अनुसार पहुंचें। मौसम बदलने के साथ मंदिर की पूजा-पद्धति में भी बदलाव होता है। यह महाकाल मंदिर की पुरानी परंपरा है। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होगी। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी। इसलिए श्रद्धालु दर्शन की योजना नए समय के अनुसार बनाएं।