मालिनी गौड़ बोलीं- लखन दादा की अयोध्या, महापौर बोले- कैलाशजी भी यहां विधायक रह चुके

Sanjay Gupta | Aug 16, 2026, 19:35 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर विधानसभा चार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान मंच से विधायक मालिनी गौड़ ने लखन दादा की अयोध्या बताया, तो वहीं साल 1990 में यहां विधायक रह चुके कैलाश विजयवर्गीय की भी बात अचानक उठ गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में 60 करोड़ के विविध विकास कामों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस दौरान विधानसभा चार में नए बने 16 करोड़ 61 लाख के अटल पथ पर भव्य आयोजन हुआ।



इसके पहले खुली कार से छोटा रोड शो हुआ। इसमें कार में सीएम के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ ही विधायक मालिनी गौड़, सांसद शंकर लालवानी और नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा मौजूद रहे।



इस दौरान इंदौर विधानसभा चार किसकी और आगे 2028 चुनाव में किसकी होगी, इस पर भी स्वागत शब्दों में ही बात रख दी गई। जो आने वाले चुनाव में टिकट के होने वाले घमासान की ओर इशारा कर रही है।



मालिनी बोली लखन दादा की अयोध्या

इस दौरान आयोजन में स्वागत भाषण देते हुए विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि- सभी अतिथियों का मैं विधानसभा चार लखन दादा की अयोध्या में सभी परिवार जन की ओर से स्वागत करती हूं।



फिर महापौर और विजयवर्गीय यह बोले

इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव का जब उदबोधन हुआ तो उन्होंने दो बातें अहम कहीं। इसमें महापौर ने कहा कि हम सभी के आदरणीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी जो यहां से विधायक भी रह चुके हैं।



वहीं, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बारी आई तो उन्होंने भी इसे दोहराया और कहा कि मैं भी पहले इस क्षेत्र से विधायक रह चुका हूं। हालांकि दोनों ने ही लखन दादा की अयोध्या शब्द नहीं कहा।



साल 1990 में विजयवर्गीय बने थे विधायक

यह विधानसभा का गठन 1977 में हुआ था, तब जनता पार्टी से वल्लभ शर्मा पहले विधायक बने। इसके बाद योगदत्त शर्मा 1990 में कांग्रेस के टिकट पर और फिर 1985 में नंदलाल माटा कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। लेकिन साल 1990 में बीजेपी के टिकट पर कैलाश विजयवर्गीय पहली बार यहां से विधायक बने।



साल 1993 में विजयवर्गीय को इंदौर दो से टिकट मिला और फिर यहां से लक्ष्मणसिहं गौड़ विधायक बने। गौड़ साल 1998, 2003 में भी विधायक बने। उनके निधन के बाद मालिनी गौड़ ने 2008, 2013, 2018 औऱ 2023 में लगातार चौथी बार चुनाव जीता और विधायक बनी।



साल 2028 में टिकट की दावेदारी

विधायक गौड़ अब स्वास्थ्य कारणों से चाहती है कि उनके उनके पुत्र एकलव्य गौड़ को टिकट मिल जाए। जिससे गौड़ परिवार लगातार यहां विधानसभा में बना रहे। वहीं इस टिकट पर सांसद शंकर लालवानी भी दावेदारी करते रहे हैं और सिंधी बाहुल्य की बात कहते हुए अभी भी दावेदारी जारी है।



उधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का भी आने वाले चुनाव में यहां और इससे लगे क्षेत्र राऊ विधानसभा के लिए दावेदारी है। बीजेपी के कई और नेताओं की नजर इस इस सीट पर बनी हुई है।



सीएम बोले कांग्रेस केवल बंटाधार करती है

उधर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल बंटाधार ही करती है, विकास नहीं। एक अभी के विपक्ष के नेता है और एक अटलजी थे जो सालों तक विपक्ष में रहे और सभी उनकी तारीफ करते थे।



वंदेमातरम पहली बार लाल किले से पूरा गाया गया, लेकिन दिल्ली में उनके नेताओं ने और इंदौर में भी कांग्रेस नेताओं अपमान किया। कांग्रेस अभी तक वंदेमातरम का अपमान करने वाले नेताओं (निगम में पार्षद फौजिया शेख, रूबीना इकबाल) को बाहर नहीं कर पाई है।



इधर इंदौर तीन में पोस्टर से राजनीतिक हलचल

उधर इंदौर विधानसभा तीन में भी लगे पोस्टर ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। होने् वाली प्रस्तावित भोलेनाथ यात्रा के पोस्टर और होर्डिंग में स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और पार्षद मनीष मामा की फोटो गायब है।



वहीं, प्रदेश संगठन महामंत्री गौरव रणदिवे के पोस्टर लगे हैं। यह पोस्टर उनके समर्थक माने जाने वाले आशीष हार्डिया और सचिन बुढ़ाना की ओर से लगे हैं।



संगठन से जुड़े प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। पहले आशीष हार्डिया और सचिन बुढ़ाना विधायक गोलू शुक्ला और पार्षद मनीष मामा के करीबी माने जाते थे। अब भोलेनाथ यात्रा में उनकी सक्रियता और गौरव रणदिवे के समर्थक के तौर पर चर्चा होने से नई हलचल तेज हो गई है।



सीएम और मंत्री कर गए महापौर की तारीफ

उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कामों की सराहना की। मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर में ऐतिहासिक काम किया है।



सीएम ने महापौर के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों को शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यह भी कहा कि जू को डिजीटल कर दिया, इसमें सरकार की हिस्सेदारी कर दी और राशि भी नहीं लगी।



मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर में विकास और नवाचार की दिशा में लगातार बेहतर काम हो रहा है।



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