व्यापमं, जमीन और अब चावल घोटाला: मल्लिकार्जुन खड़गे ने MP को बताया भ्रष्टाचार का केंद्र

Amresh Kushwaha | Jul 11, 2026, 14:56 IST
मल्लिकार्जुन खड़गे ने MP को बताया भ्रष्टाचार का केंद्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने एथेनॉल के नाम पर 1200 करोड़ रुपए के चावल घोटाले का आरोप लगाया है। साथ ही व्यापमं और उज्जैन जमीन घोटाले का भी जिक्र किया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
  • उन्होंने एथेनॉल के नाम पर 1200 करोड़ रुपए के चावल घोटाले का दावा किया है।
  • कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बना चावल घोटाले में इस्तेमाल होने का आरोप है।
  • खड़गे ने उज्जैन में जमीन घोटाले का जिक्र कर मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए हैं।
  • उन्होंने व्यापमं घोटाले और पेपर लीक मामलों का भी हवाला दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे का दावा है कि मध्यप्रदेश आज भाजपा शासन में भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बन चुका है। उनके मुताबिक राज्य में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं।



खड़गे ने क्या आरोप लगाया

खड़गे ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रदेश में एक घोटाला खत्म नहीं होता कि दूसरा सामने आ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब एथेनॉल के नाम पर बड़ा चावल घोटाला उजागर हुआ है। उनका कहना है कि यह घोटाला करीब 1200 करोड़ रुपए का है। खड़गे के मुताबिक इस पूरे मामले में भाजपा सरकार और सरकारी तंत्र की मिलीभगत रही है।



चावल घोटाला क्या है

खड़गे के आरोपों के अनुसार जिस चावल का इस्तेमाल कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए होना था, उसे मुनाफे के खेल में शामिल कर लिया गया। उनका दावा है कि करीब पांच लाख मीट्रिक टन चावल इस भ्रष्टाचार का हिस्सा बना दिया गया। खड़गे ने आरोप लगाया कि इसमें राइस मिलर्स और एथेनॉल कारोबार से जुड़े लोगों की मिलीभगत रही। उनका कहना है कि यह पूरा खेल सरकार के संरक्षण में चलाया गया।



कितना बड़ा है घोटाला

खड़गे के मुताबिक यह घोटाला सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जिन गरीब बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए यह अनाज तय किया गया था, उन्हीं का हक मारा गया। उन्होंने इसे जनता के हक के अनाज पर सीधा डाका बताया। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि इतने बड़े पैमाने की गड़बड़ी बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं थी।



उज्जैन जमीन घोटाला भी सवालों में

खड़गे ने इससे पहले सामने आए एक और मामले का भी जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन में उन्हीं इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ी, जहां सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और हाईवे कॉरिडोर प्रस्तावित थे। उनके मुताबिक इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठे थे। खड़गे ने इसे भी भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की एक और मिसाल बताया है।



पुराने घोटालों का जिक्र

अपने पोस्ट में खड़गे ने प्रदेश में हुए पुराने विवादों का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला व्यापमं घोटाले से शुरू हुआ था। उनके मुताबिक इसके बाद भी राज्य में लगातार पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। खड़गे का आरोप है कि इतने मामलों के बावजूद प्रदेश में भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग पाई है। उन्होंने कहा कि हर विभाग में लूट और मुनाफाखोरी का यही खेल भाजपा सरकार की पहचान बन गया है।



मोदी सरकार पर भी निशाना

खड़गे ने अपने आरोपों में केंद्र सरकार को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मामलों पर हमेशा की तरह चुप्पी साधे बैठे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की परंपरा को सत्ता के अहंकार में कुचला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है।



पार्टी के प्रवक्ता लगातार उठा रहे सवाल

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती। कांग्रेस की मांग है कि इन दोनों मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि जब तक हाईकोर्ट या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकेगी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा है कि वे इस मुद्दे को संसद के आगामी सत्र में भी उठाएंगे। पार्टी का मानना है कि जनता को यह जानने का पूरा हक है कि उनके हिस्से का अनाज और सरकारी जमीन किस तरह के लेनदेन में शामिल हुई।



अब आगे क्या

यह पूरा मामला अभी कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों तक सीमित है। मध्यप्रदेश सरकार या भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। विपक्ष का कहना है कि वह इस मुद्दे को आगे भी जोर-शोर से उठाता रहेगा।



खड़गे के इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में और आक्रामक हो सकती है। वहीं भाजपा नेताओं की तरफ से भी जल्द जवाबी बयान आने की संभावना जताई जा रही है। जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।



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