पैंट्रीकार का खाना खाने से 30 बच्चे बीमार, डॉक्टरों ने 50 मिनट तक ट्रेन रोक किया इलाज
समझें क्या है पूरा मामला...
- निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार रात हड़कंप मच गया।
- ट्रेन में सफर कर रहे 30 स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
- ये बच्चे दिल्ली यात्रा से लौट रहे थे। उन्होंने ट्रेन की पैंट्रीकार से खाना खाया था।
- खाने के कुछ घंटों बाद ही बच्चों को उल्टी और दस्त होने लगे।
- मामला गंभीर होता देख ट्रेन को खंडवा स्टेशन पर रोका गया।
- डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों का इलाज किया।
पैंट्रीकार के खाने से बिगड़ी तबीयत
सीएमएचओ ओपी जुगतावत के मुताबिक बीमार पड़े बच्चे केरल के त्रिचुर जिले के हैप्पी कॉन्वेंट स्कूल के छात्र हैं। यह पूरा दल दिल्ली भ्रमण के बाद वापस लौट रहा था।
दोपहर में बच्चों ने ट्रेन की पैंट्रीकार का खाना खाया था। खाना खाने के करीब चार घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। कई बच्चों को उल्टी और तेज बुखार की शिकायत हुई। कुछ को दस्त की समस्या भी हुई।
कुल 30 बच्चे इस फूड पॉइजनिंग से प्रभावित हुए। इनमें से 5 बच्चों की हालत गंभीर बताई गई। ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने तुरंत रेलवे को इसकी सूचना दी।
खंडवा
स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया। जिला स्वास्थ्य विभाग को भी इस घटना की जानकारी दी गई। बच्चों की हालत को देखते हुए मंगला एक्सप्रेस को खंडवा स्टेशन पर रोकने का फैसला लिया गया।
ट्रेन को स्टेशन पर करीब 50 मिनट तक रोका गया। इस दौरान रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। डॉक्टरों ने ट्रेन के अंदर ही जाकर बच्चों की जांच शुरू की।
दो बार हुई बच्चों की जांच
डॉक्टरों ने सभी बीमार बच्चों की दो बार जांच की। जांच के बाद जरूरी दवाइयां दी गईं। इसके साथ ही बच्चों को ओआरएस के पैकेट भी दिए गए, ताकि उल्टी-दस्त से हुई कमजोरी को नियंत्रित किया जा सके।
प्राथमिक इलाज के बाद ज्यादातर बच्चों की हालत में सुधार देखा गया। इसके बाद ही रेलवे ने ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना करने का निर्णय लिया।
एहतियात के तौर पर डॉक्टरों की टीम रवाना
बच्चों की सेहत को देखते हुए रेलवे ने एक अतिरिक्त कदम उठाया। रेलवे के डॉक्टरों की एक टीम को ट्रेन के साथ भुसावल स्टेशन तक भेजा गया। इससे रास्ते में अगर किसी बच्चे की तबीयत फिर बिगड़े, तो तुरंत इलाज मिल सके।
यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया, ताकि आगे की यात्रा के दौरान बच्चों को कोई परेशानी न हो।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
फूड पॉइजनिंग की घटना की खबर फैलते ही जिला प्रशासन में हलचल मच गई। पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत खंडवा स्टेशन पहुंचा। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह मौजूद रहे।
अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि सभी बीमार बच्चों को समय पर उचित इलाज मिले। स्टेशन पर कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन प्रशासन की सक्रियता से हालात जल्दी काबू में आ गए।
आगे बढ़ी ट्रेन, यात्रा जारी
करीब 50 मिनट रुकने के बाद मंगला एक्सप्रेस खंडवा से आगे की यात्रा के लिए रवाना हुई। बच्चों की स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ही रेलवे ने यह फैसला लिया।
रेलवे के डॉक्टरों की टीम आगे के सफर में भी बच्चों पर नजर रखेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी।
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