भोपाल के मैनिट हॉस्टल में 80 छात्र बीमार, दूषित पानी और खराब खाना देने का आरोप
समझें क्या है पूरा मामला...
- Bhopal Manitके हॉस्टल नंबर 9 और 11 में हालात बिगड़ गए हैं।
- दूषित पानी और खराब सफाई से करीब 80 छात्र बीमार पड़ चुके हैं।
- कई छात्रों का इलाज शारदा अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में चल रहा है।
- छात्रों का कहना है कि पूरी फीस लेने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
- अब छात्रों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
पानी को लेकर बड़ी शिकायत
बताया जा रहा है कि छात्रावासों में पानी की सप्लाई नियमित नहीं है। सुबह के समय पानी न आने से सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। नहाने और शौच जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि यह समस्या कई हफ्तों से बनी हुई है। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
शौचालयों की हालत भी खराब
छात्रों के मुताबिक शौचालयों की सफाई नियमित नहीं होती है। ज्यादातर टॉयलेट इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। गंदगी बढ़ने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। यही वजह मानी जा रही है कि बीमार छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के पास इलाज कराने वाले छात्रों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
जर्जर इमारत, कचरे के ढेर
हॉस्टल परिसर में जगह-जगह कचरा जमा दिखता है। लंबे समय से भवन की मरम्मत भी नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि इतने बड़े हॉस्टल के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। सफाईकर्मियों और रखरखाव कर्मचारियों की भारी कमी बताई जा रही है। इस वजह से रहने की स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है।
हर सेमेस्टर 10 हजार रुपए फीस
जानकारी के अनुसार हर छात्र से हर सेमेस्टर में 10 हजार 500 रुपए हॉस्टल मेंटेनेंस फीस ली जाती है। लेकिन छात्रों का कहना है कि इसके बदले सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
छात्रों का कहना है कि न साफ पानी, न अच्छा खाना, न ठीक से सफाई होती है। छात्रों में इसे लेकर गहरी नाराजगी है। वे इसे पैसे लेकर जिम्मेदारी से बचने जैसा बता रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने प्रशासन से सफाई अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही पानी और भोजन की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच की भी मांग उठाई है। बीमार छात्रों को बेहतर इलाज देने की बात भी कही गई है।
छात्रों का कहना है कि अगर जांच में लापरवाही मिलती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि
वहीं इस मामले में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. आर.एन. यादव ने बताया कि, अभी तक चार छात्रों में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है। इन सभी का शारदा अस्पताल में इलाज चल रहा है।
साथ ही आर.एन. यादव ने कहा कि हॉस्टल के पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
वहीं, छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ खाने और पानी की खराब व्यवस्था का मामला नहीं है। उनका कहना है कि यह उनकी सेहत, सुरक्षा और बेहतर तरीके से रहने के अधिकार से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है
सीहोर के VIT का मामला
बता दें कि इससे पहले नंवबर 2025 में एक ऐसा ही मामला सीहोर के VIT कॉलेज से सामने आया था। यहां भी छात्रों का आरोप था कि कैंपस में गंदा पानी और घटिया खाना दिया जा रहा है। साथ ही छात्रों का आरोप था कि खराब सफाई और पीलिया के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
इस घटना के बाद से ही छात्रों में भारी गुस्सा देखा गया था। जानकारी के अनुसार लगभग चार हजार से ज्यादा छात्रों ने कैंपस में आगजनी और तोड़फोड़ की थी। यह मामला सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था।
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