चादर की कीमत मरीज की जान से ज्यादा, मऊगंज अस्पताल में मरीज को नहीं दिया बेड
News In Short
- मऊगंज सिविल अस्पताल की एक चौंकाने वाली फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
- एक्सीडेंट में घायल शख्स अस्पताल के फर्श पर पड़ा नजर आ रहा है।
- पास में ही अस्पताल के कई बेड खाली पड़े हुए थे।
- अस्पताल स्टाफ ने खून लगने के डर से मरीज को बेड नहीं दिया।
- घायल मरीज को गंभीर हालत में रीवा रेफर किया जाना था।
News In Detail
मध्य प्रदेश के मऊगंज से एक ऐसी चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जो स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करती है। यह तस्वीर एक सरकारी सिविल अस्पताल की है। अस्पताल की स्थिति देख कर लगता है कि यहां मरीजों को सामान समझा जाता है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सीडेंट में घायल एक मरीज दर्द से तड़पता रहा जबकि, अस्पताल के बेड खाली पड़े थे। कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे। कहा जा रहा है कि बेडशीट खराब न हो जाए, इसलिए उस मरीज को जमीन पर ही छोड़ दिया गया था।
यह तस्वीर मऊगंज की स्वास्थ्य व्यवस्था को उजागर करती है, जहां सिस्टम खुद भी मदद की मांग कर रहा है। फोटो में साफ देखा जा सकता है कि एक घायल मरीज अस्पताल के फर्श पर पड़ा है, जबकि पास में बेड खाली हैं, लेकिन अस्पताल स्टाफ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा।
इसलिए नहीं दिया मरीज को बेड
जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है कि मरीज को बेड इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि अस्पताल प्रशासन को डर था कि खून लगने से बेडशीट गंदी हो जाएगी। मरीज को रीवा रैफर किया जाना था, इसलिए उसे तब तक जमीन पर पड़ा रहने दिया गया।
अस्पताल में मरीजों को मारे थप्पड़
मऊगंज सिविल अस्पताल से ऐसी शिकायतें अब आम हो गई हैं। कभी यहां मरीजों को थप्पड़ मारे जाते हैं, तो कभी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिलते। हर बार ऐसा होने के बाद प्रशासन कारण बताओ नोटिस देकर अपना काम खत्म कर देता है, लेकिन ठोस कार्रवाई कभी नहीं होती और सारी फाइलें बंद कर दी जाती हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या सरकारी अस्पतालों में बेड सिर्फ दिखाने के लिए होते हैं? क्या एक चादर की कीमत इंसान की जान और उसकी इज्जत से ज्यादा है? ये खबरें भी पढ़िए... इंदौर चूहा कांड से सीख नहीं ले रहे एमपी के अस्पताल, नवजातों की जान खतरे में डाल रहा सिस्टम! मध्यप्रदेश न्यूज: कटनी में ट्रेन के टॉयलेट में मिला नवजात, ठंड से कांप रहा था लावारिस मासूम सतना में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज एमपी न्यूज: बोरवेल में फंसे तीन साल के भागीरथ की मौत, 24 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच पाया