एमपी में फिर MD ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी, 4 साल में 100 करोड़ से ज्यादा की MDMA जब्त
News In Short
- रतलाम में MD ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी गई।
- 200 ग्राम MD ड्रग्स और उपकरण बरामद किए गए।
- मुख्य आरोपी जमशेद लाला पहले भी तस्करी में सक्रिय था।
- पोल्ट्री फार्म की आड़ में MD ड्रग्स का उत्पादन हो रहा था।
- पुलिस जांच कर रही है, आरोपी से पूछताछ जारी है।
News In Detial
आमीन हुसैन@RATLAM. मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक पोल्ट्री फार्म पर छापा मारा और MD ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 200 ग्राम MD ड्रग्स, ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल बरामद किए। मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी जमशेद लाला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आगे की जांच कर रही है।
रतलाम पुलिस का ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक पोल्ट्री फार्म पर छापा मारा, जहां MD ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने मौके से 200 ग्राम MD ड्रग्स, ड्रग्स बनाने के उपकरण, और अन्य सामग्री बरामद की। यह फैक्ट्री पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी, और इसका मुख्य आरोपी जमशेद लाला है, जो ड्रग्स बनाने का मास्टरमाइंड है।
मुख्य आरोपी जमशेद लाला का नेटवर्क
जमशेद लाला को MD ड्रग्स बनाने में विशेष अनुभव प्राप्त था और वह इस कारोबार का मास्टरमाइंड माना जाता है। पुलिस के मुताबिक, जमशेद लाला ने एक दिन पहले ही 3 किलो MD ड्रग्स एक पार्टी को बेचा था।
इस मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह जांच शुरू कर दी है कि उसने किसे यह ड्रग्स सप्लाई किया और इस नशे का कारोबार का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा
मुख्य आरोपी जमशेद लाला के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में पहले भी ड्रग्स तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी आपूर्ति नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि उसने किसे यह ड्रग्स सप्लाई किए थे और उसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसके साथ ही पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
जांच में जब्त MD बनाने की सामग्री
पुलिस द्वारा की जा रही इस जांच में अब यह देखा जा रहा है कि इस रैकेट का पैमाना कितना बड़ा है और इस तस्करी के कितने और मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारी हो सकती है।
रतलाम पुलिस ने पोल्ट्री फार्म पर छापेमारी करते हुए वहां से कई महत्वपूर्ण उपकरण और केमिकल्स भी बरामद किए। इसमें गैस चूल्हे, ड्राय मशीन, स्टील की थालियां, मल्टीपिन स्विच बोर्ड, और प्लास्टिक कैन जैसी सामग्री शामिल थी, जो MD ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही थी।
पुलिस ने बताया कि ये सभी उपकरण ड्रग्स बनाने की प्रक्रिया में मदद करते थे और इनका उपयोग ड्रग्स निर्माण के लिए किया जा रहा था।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
मध्यप्रदेश में ड्रग्स तस्करी की घटनाएं...
मध्यप्रदेश ड्रग्स तस्करी के मामले में अब एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, खासकर MDMA (मॉलिक्यूलर ड्रग्स या एक्स्टसी) जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण और वितरण में।
राज्य के बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में हाल के वर्षों में कई बड़े रैकेट पकड़े गए हैं, जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। ये घटनाएं पुलिस की सतर्कता को दर्शाती हैं, लेकिन साथ ही समस्या की गहराई भी उजागर करती हैं।
भोपाल में MDMA रैकेट पकड़ा
2023 में भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में पुलिस ने एक अवैध MDMA फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से करीब 10 किलोग्राम MDMA जब्त किया गया, जिसकी कीमत बाजार में 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई। आरोपी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवक थे, जो घरेलू लैब में ड्रग्स बना रहे थे। यह रैकेट दिल्ली और मुंबई के अलावा विदेशों तक सप्लाई करता था।
इंदौर में MDMA फैक्ट्री का खुलासा
2022 में इंदौर के छत्रीपुरा क्षेत्र में एक MDMA मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पकड़ी गई, जहां 5 किलोग्राम से अधिक MDMA और कच्चा माल बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपए थी। आरोपी रसायन विशेषज्ञ थे, जो ऑनलाइन ऑर्डर लेकर ड्रग्स बनाते और डाक के जरिए भेजते थे। यह मामला मध्यप्रदेश में ड्रग्स उत्पादन की क्षमता को रेखांकित करता है।
अन्य प्रमुख घटनाएं और ट्रेंड...
- जबलपुर 2024: फरवरी 2024 में 2 किलोग्राम MDMA जब्त
- उज्जैन 2023: रेलवे स्टेशन से 1.5 किलोग्राम MDMA पकड़ा
ये घटनाएं दिखाती हैं कि MDMA तस्करी चेन सोर्सिंग से लेकर लोकल प्रोडक्शन तक फैली हुई है। NCB के आंकड़ों के अनुसार, 2022-2025 के बीच मध्यप्रदेश से 100 किलोग्राम से अधिक MDMA जब्त हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और चुनौतियां
मध्यप्रदेश पुलिस ने NCB के साथ मिलकर 50 से अधिक रैकेट पकड़े हैं। ड्रोन सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग अब इस्तेमाल हो रही है। फिर भी, युवाओं में पार्टी ड्रग्स की डिमांड और केमिकल उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। DGP मध्यप्रदेश ने 2026 में 'ड्रग-फ्री MP' कैंपेन शुरू किया है।
क्या है एमडीएमए?
मेथिलीनडाइऑक्सी-एन-मेथैम्फेटामाइन, या एमडीएमए एक ऐसी दवा है जिसका निर्माण अवैध रूप से किया जाता है। एक्स्टसी एक उत्तेजक पदार्थ है जो मतिभ्रम पैदा कर सकता है। इसे डिजाइनर ड्रग के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसे किसी को "नशा" का अनुभव कराने के उद्देश्य से बनाया जाता है।
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