मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, भड़की कांग्रेस, EC से मिलेंगे नेता

Amresh Kushwaha | Jun 10, 2026, 08:37 IST
मीनाक्षी नटराजन
मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भाजपा की आपत्ति पर रद्द हो गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। दिल्ली और भोपाल में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट जाने की भी तैयारी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मीनाक्षी नटराजन मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार थीं।
  • भाजपा की आपत्ति के बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है।
  • आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई है।
  • कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी बताया है।
  • पार्टी अब चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।

नामांकन रद्द, कांग्रेस भड़की

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर इस वक्त जबरदस्त उबाल है। राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है।



आज यानी बुधवार, 10 जून को दिल्ली और भोपाल दोनों ही जगहों पर कांग्रेस के दिग्गज नेता चुनाव आयोग के दफ्तर जाएगी। साथ ही, इस कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे और इंसाफ की मांग करेंगे। पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी और सियासी दोनों मोर्चों पर आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रही है।



ECI ने दी सुबह 11 बजे की डेडलाइन

इस बड़े सियासी ड्रामे की शुरुआत मंगलवार, 09 जून से ही हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर जमकर धरना प्रदर्शन किया।



कांग्रेस के कड़े रुख को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज यानी 10 जून को सुबह 11 बजे पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय दिया है। कांग्रेस नेता इस बैठक में अपनी दलीलें आयोग के सामने पुरजोर तरीके से रखने की तैयारी में हैं।



भाजपा की आपत्ति और कांग्रेस का सीट चोरी का आरोप

दरअसल, मंगलवार को बीजेपी की ओर से दर्ज कराई गई एक आपत्ति के बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया था। भाजपा का आरोप था कि नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक पेंडिंग मामले की जानकारी छिपाई है।



दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी का नाम दिया है।



भोपाल में आधी रात का ड्रामा: फर्श पर बैठे दिग्गज नेता

भोपाल में इस मामले ने मंगलवार रात से नया मोड़ ले लिया है। रात करीब 10 बजे मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई विधायक और कार्यकर्ता अचानक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के कार्यालय पहुंच गए। इनमें प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव और आरिफ मसूद भी शामिल थे।



चूंकि दफ्तर बंद हो चुका था और वहां कोई बड़ा अधिकारी मौजूद नहीं था, इसलिए कांग्रेस नेता वहीं फर्श पर धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद वहां डिप्टी सीईओ पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन लिया। साथ ही, उन्हें आज यानी बुधवार को औपचारिक मुलाकात का समय दिया है।



दिल्ली के EC गेट पर डटे रहे केसी वेणुगोपाल और सचिन पायलट

पार्टी का यह गुस्सा सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं था, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली में भी इसका सीधा असर देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट और भूपेश बघेल समेत कई बड़े चेहरे चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे। जब सुरक्षा कारणों से उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, तो वे सभी मुख्य गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नेताओं से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया।



हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे- कांग्रेस

कांग्रेस ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस वक्त पूरी तरह से भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। नेताओं का तर्क है कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया गया है, वह कोई आपराधिक मामला नहीं है और न ही उस पर कोर्ट ने अभी तक कोई संज्ञान लिया है।



कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। यदि उन्हें चुनाव आयोग से न्याय नहीं मिला, तो वे तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।



यदि चुनाव होते तो ये था राज्यसभा की तीसरी सीट का पूरा गणित

18 जून को होगा चुनाव

राज्यसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल तय हो चुका है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून थी। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून होनी थी। वहीं, नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून रखी गई है। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी होगी। यानी 18 जून की शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी।



मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या के अनुसार दोनों सीटें पार्टी के खाते में आना लगभग तय माना जा रहा है।



FAQ

  1. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द किया गया?
    रिटर्निंग ऑफिसर ने पाया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र (फॉर्म 26) में तेलंगाना की एक अदालत में दर्ज निजी परिवाद का जिक्र नहीं किया था। उस मामले में कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को उन्हें समन जारी किया था। चूंकि मामला सक्रिय था और मीनाक्षी को उसकी जानकारी थी, इसलिए एफिडेविट अधूरा माना गया। हैंडबुक के अध्याय 6, पॉइंट 10(xiii) के आधार पर नामांकन निरस्त किया गया।

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