महू में लव जिहाद के आरोपी डॉक्टर के घर-क्लीनिक में तोड़फोड़, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

Sanjay Dhiman | Mar 23, 2026, 20:04 IST
Photograph: (the sootr)
महू में डॉक्टर पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप। क्लिनिक में तोड़फोड़ के बाद तीन गिरफ्तार। ग्रामीणों का चक्काजाम और क्षेत्र में पुलिस की भारी तैनाती।

mhow. महू तहसील के बदगोंदा थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉक्टर ने महिला को नशे का इंजेक्शन देकर उसके साथ गलत काम किया और अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। पीड़िता ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज के बहाने उसे क्लिनिक बुलाया था, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को एक फार्महाउस पर भी बुलाया, जहां फिर से दुष्कर्म किया।



ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने डॉक्टर के क्लिनिक, मेडिकल स्टोर और घर में तोड़फोड़ की और वहां आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया।प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।



पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

महू कोतवाली पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है- मनीष पाटीदार, छोटू पाटीदार और सचिन पाटीदार। पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ दुष्कर्म, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।



सख्त कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की हिंसक घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया है। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति अब सामान्य होती दिख रही है, लेकिन घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है।



कानूनी धाराएं और आगे की जांच

पुलिस ने मुख्य आरोपी पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। यह कानून विशेष रूप से ऐसे मामलों के लिए बनाया गया है। पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।



वहीं, स्थानीय नेताओं का कहना है कि पुलिस को सिर्फ दंगाइयों पर नहीं, बल्कि आरोपी पर भी ठोस कार्रवाई करना चाहिए। मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है, जिससे इलाके में तनाव बरकरार है।



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