SIR में मिर्ची बाबा का भी कट गया वोटर लिस्ट से नाम! बोले- मैं जिंदा हूं, संन्यासी हूं, कागज कहां से लाऊं

Sumit Kumar | Oct 15, 2026, 19:48 IST
मिर्ची बाबा ने मध्यप्रदेश में SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने का दावा किया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी विवाद जारी है। राहुल गांधी और विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश के मिर्ची बाबा ने भी अपना नाम वोटर लिस्ट से कटने का दावा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे जिंदा हैं तो उनका नाम क्यों हटाया गया? अब उन्होंने अदालत जाने की चेतावनी दी है।
Mirchi Baba claims his name was removed from the voter list during the SIR process in Madhya Pradesh and questions the Election Commission.

SIR विवाद के बीच मिर्ची बाबा का दावा

महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा ने दावा किया है कि उनका नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।



मिर्ची बाबा ने कहा कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना सही है। लेकिन जीवित लोगों के नाम किस आधार पर काटे जा रहे हैं? उन्होंने गरीबों, ठेला लगाने वालों और संन्यासियों के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया।



बाबा ने सवाल किया कि वे जीवित हैं और चुनाव भी लड़ चुके हैं। इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया?



मिर्ची बाबा बोले- संन्यासी कागज कहां से लाएंगे?

मिर्ची बाबा ने मतदाता सूची की जांच के दौरान मांगे जा रहे दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनसे जन्मस्थान का प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। माता-पिता से जुड़ी जानकारी भी देने को कहा जा रहा है।



उन्होंने कहा कि संन्यास लेने के बाद व्यक्ति का जीवन बदल जाता है। संन्यास परंपरा में पिंडदान के बाद परिवार से सांसारिक संबंध समाप्त माने जाते हैं।



इसके बाद संन्यासी की पहचान उसके गुरु और परंपरा से होती है। कई संन्यासी अपना पुराना नाम भी छोड़ देते हैं। मिर्ची बाबा ने बताया कि संन्यास लेने के बाद उन्हें महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज (Swami Vairagyanand Giri) नाम मिला। ऐसे में पुराने नाम और परिवार से जुड़े दस्तावेज मांगने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।



चुनाव लड़ चुका हूं, टैक्स भी भरता हूं

मिर्ची बाबा ने अपने पुराने चुनावी रिकॉर्ड का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वे पहले चुनाव लड़ चुके हैं। वे आयकर भी भरते हैं। उनका सवाल है कि जब वे देश के नागरिक हैं तो मतदान से संबंधित उनका नाम क्यों हटाया गया?



उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका नाम किस आधार पर काटा गया है। बाबा ने दावा किया कि उनकी तरह कई अन्य संन्यासियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।



बोले- दबकर जीने वाला संन्यासी नहीं

मिर्ची बाबा (Mirchi Baba) ने इस मामले में अदालत जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।



उन्होंने खुद को दबकर जीवन नहीं जीने वाला संन्यासी बताया। बाबा का कहना है कि वे संविधान का पालन करते हुए अदालत जाएंगे। वहां सवाल करेंगे कि उनका नाम किस आधार पर हटाया गया।



मिर्ची बाबा ने कहा कि कई संन्यासी ऐसी परेशानी झेल रहे हैं। लेकिन सभी लोग खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग डर या अन्य कारणों से चुप हैं।



कौन हैं मिर्ची बाबा?

मिर्ची बाबा का नाम स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज है। वे मध्यप्रदेश के चर्चित संतों में शामिल हैं। धार्मिक गतिविधियों के साथ राजनीति में भी उनकी सक्रियता रही है। कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला था। वे विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। राजनीतिक बयानों और विवादों के कारण वे कई बार सुर्खियों में रहे हैं। अब SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से नाम कटने के दावे को लेकर फिर चर्चा में हैं।



MP में कितने मतदाताओं के नाम घटे?

मध्यप्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया (MP SIR) के दौरान मतदाता सूची में बड़े बदलाव सामने आए थे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 23 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई थी। इसमें 42.74 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे।



इसके बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हुई। मूल सूची के मुकाबले इसमें करीब 34.25 लाख मतदाता कम दर्ज हुए। इन आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए गए हैं।



हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने के कई कारण हो सकते हैं। केवल संख्या घटने से यह साबित नहीं होता कि सभी नाम गलत तरीके से हटाए गए।



राहुल गांधी भी उठा चुके हैं सवाल

मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा पहले से राजनीतिक बहस के केंद्र में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग भी की है।



कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए।



एसआईआर को लेकर भी विपक्ष की आपत्तियां सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने दस्तावेजों की मांग और पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका जताई है।



हालांकि, मिर्ची बाबा के मामले का राहुल गांधी या किसी विपक्षी दल के प्रदर्शन से सीधा संबंध सामने नहीं आया है। उनका मामला फिलहाल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के व्यक्तिगत दावे से जुड़ा है।



चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल

एसआईआर के तहत मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन रखना है। इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित और अन्य अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच होती है।



विपक्षी दलों की चिंता इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने को लेकर रही है। विशेष रूप से दस्तावेज जुटाने में परेशानी झेलने वाले लोगों का मुद्दा उठाया गया है।



वहीं, चुनाव आयोग एसआईआर को मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ी प्रक्रिया बताता रहा है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया होती है। नाम हटाए जाने पर संबंधित मतदाता आपत्ति दर्ज करा सकता है।



मिर्ची बाबा के मामले में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से नाम हटाने का कारण अभी उपलब्ध नहीं है।



अब अदालत जाने की तैयारी

मिर्ची बाबा ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का ठोस कारण बताया जाना चाहिए। उन्होंने संन्यासियों की पहचान और दस्तावेजों से जुड़ी परिस्थितियों पर भी ध्यान देने की मांग की है।



अब इस मामले में निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा। यह स्पष्ट होना बाकी है कि उनका नाम किस वजह से हटाया गया।



मिर्ची बाबा ने अदालत जाने की चेतावनी दी है। ऐसे में उनका मामला आगे कानूनी विवाद का रूप भी ले सकता है।

Tags:
  • Mirchi Baba
  • Voter List
  • Rahul Gandhi
  • SIR Protest
  • Election Commission
  • Swami Vairagyanand Giri
  • SIR
  • मिर्ची बाबा
  • मध्यप्रदेश
  • राहुल गांधी