राज्यसभा चुनाव : विधायक कमलेश्वर डोडियार बोले- 18 को बताऊंगा किसे दिया वोट
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान सैलाना विधायक गायब बताए गए थे।
- भारत आदिवासी पार्टी (Bharat Adivasi Party) के विधायक कमलेश्वर डोडियार रतलाम जिले से हैं।
- उनके फोन बंद होने पर गायब होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
- डोडियार ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि 18 जून को बताएंगे किसे वोट दिया।
- उन्होंने बिचौलियों और आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कटाक्ष किया।
विधायक का फेसबुक पर जवाब
आमीन हुसैन@रतलाम. मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक नाम चर्चा में आ गया। सैलाना से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार का फोन बंद था और वे कहीं नजर नहीं आ रहे थे। इस पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
फिर अचानक उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट डाली। इस पोस्ट में उन्होंने मीडिया और आलोचकों दोनों को एक साथ जवाब दिया।
18 जून तक इंतजार करें
डोडियार ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वे मेन स्ट्रीम मीडिया (Mainstream Media) को सूचित करते हैं कि राज्यसभा चुनाव में उन्होंने किसे वोट दिया, यह 18 जून को बताएंगे। यानी उन्होंने साफ कर दिया कि अभी कोई खुलासा नहीं होगा। 18 जून तक सबको इंतजार करना होगा।
बिचौलियों पर सीधा निशाना
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपनी पोस्ट में एक और बात कही जो काफी चर्चा में है। उन्होंने लिखा कि जो लोग उन्हें सुझाव दे रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं, उनके जवाब नहीं देंगे। डोडियार ने यह भी कहा कि सुझाव देने से पहले उन लोगों को पहले पंच या वार्ड पार्षद बनना चाहिए। यह बात उन्होंने उन लोगों के लिए कही, जो बड़े-बड़े दावे करते हैं। लेकिन खुद जनता का विश्वास कभी नहीं जीत पाए।
आदिवासी नेताओं और बाहरी लोगों की दखल
जानकारी के मुताबिक, विधायक के गायब होने की खबर फैलते ही कई आदिवासी संगठनों के नेता और कुछ गैर-आदिवासी व्यक्ति भी मैदान में उतर आए। ये लोग डोडियार को वोटिंग को लेकर सुझाव देने लगे और सोशल मीडिया पर ट्रोल भी करने लगे।
इस पर डोडियार ने मुंह-तोड़ जवाब दिया। उन्होंने इशारों-इशारों में कह दिया कि वे किसी दबाव में काम नहीं करते। जो लोग बिना किसी जनाधार के राय देते हैं, उनकी बात पर ध्यान देना जरूरी नहीं।
कौन हैं कमलेश्वर डोडियार?
कमलेश्वर डोडियार मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे भारत आदिवासी पार्टी से जुड़े हैं, जो मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय की आवाज उठाने का दावा करती है।
यह पार्टी मुख्यधारा की राजनीति से अलग एक स्वतंत्र आदिवासी राजनीतिक मंच के रूप में खुद को पेश करती है। राज्यसभा चुनाव में डोडियार का वोट इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे किसी बड़े राष्ट्रीय दल से नहीं हैं।
राज्यसभा चुनाव में छोटे दलों की अहमियत
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीट के लिए वोटिंग में हर विधायक का वोट मायने रखता है। खासकर तब जब कोई उम्मीदवार जीत के आंकड़े के करीब हो। इसीलिए छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों पर सबकी नजर रहती है। डोडियार जैसे विधायकों को साधने की कोशिशें अक्सर होती हैं। यही वजह है कि उनके गायब होने पर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था।
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