स्कूलों में बर्थ डे कल्चर से नाराज विधायक, अब नहीं मनेंगे स्कूलों में जन्मदिन
News in Short
- विधायक ने स्कूलों में बर्थडे मनाने पर आपत्ति जताई।
- बच्चे की पढ़ाई पर असर डालने वाले आयोजनों की चिंता।
- जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किए।
- आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों पर बर्थडे का असर।
- जन्मदिन कल्चर का असर सरकारी स्कूलों में बढ़ रहा था।
News in Detail
सरकारी स्कूलों में जन्मदिन मनाने पर रतलाम के सैलाना विधायक ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनकी नाराजगी को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे आयोजनों पर रोक लगा दी है। विधायक कमलेश्वर डोडियार ने स्कूलों में बर्थ डे कल्चर को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था।
जिला शिक्षा अधिकारी को लिखी चिट्ठी
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक और बच्चे अपना जन्मदिन नहीं मना पाएंगे। स्कूलों में जन्मदिन मनाना जिले के सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार को पसंद नहीं है। भारत आदिवासी पार्टी के विधायक डोडियार का मानना है कि जन्मदिन जैसे आयोजन स्कूल की पढ़ाई को प्रभावित करते हैं। वहीं इस पर होने वाले खर्च का असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर भी हो रहा है। विधायक ने 8 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर ऐसे आयोजनों पर पाबंदी लगाने की मांग की थी।
गैर शैक्षणिक गतिविधि हों बंद
विधायक द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार रतलाम जिले के स्कूलों में पढ़ाई के समय गैर शैक्षणिक गतिविधियां होती हैं। इन गतिविधियों में स्कूल स्टाफ यानी शिक्षक भी शामिल होते हैं। इससे कक्षाओं में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी होते हैं और ऐसे आयोजनों का उन पर सबसे विपरीत असर पड़ता है।
डीईओ ने जारी किए निर्देश
सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर बर्थ डे कल्चर के बुरे प्रभाव पर विधायक की चिंता को डीईओ ने गंभीरता से लिया है। डीईओ केसी शर्मा ने जिले के सभी स्कूलों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि स्कूलों में जन्म दिन मनाने जैसी गतिविधियां आयोजित नहीं की जाएं। वहीं उन्हें इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी गई है।
बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर
स्कूलों में जन्म दिन मनाने पर विधायक की अचानक नाराजगी की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। उनका कहना है स्कूलों में शिक्षकों द्वारा जन्मदिन मनाने जैसे आयोजन तेजी से बढ़ रहे हैं। इन आयोजनों के कारण स्कूलों में कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं और इसमें होने वाली पढ़ाई से बच्चे पीछे रह जाते हैं। इसलिए ऐसी गतिविधियों का स्कूल टाइम में आयोजन करना बच्चों की पढ़ाई के लिए अच्छा नहीं है।
सहकारी बैंकों में घोटाला: प्रशासकों को गुमराह कर करोड़ों डकार गए बैंककर्मी
11 साल बाद जेल से रिहा हुए संत रामपाल, साल 2014 में हुई हिंसा के बाद हुई गिरफ्तारी
पानी बचाने के नियम ‘बेअसर’: प्रदेश भर में सिस्टम फेल, रसूखदारों को खुली छूट