औकात में रह… कहने वाले BJP विधायक प्रीतम लोधी पर आईपीएस एसोसिएशन हमलावर
News In Short
- 16 अप्रैल को पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश ने थार से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी।
- करेरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने दिनेश पर FIR दर्ज कर पूछताछ की।
- पुलिस कार्रवाई से भड़के विधायक ने आईपीएस अफसर को अभद्र भाषा में धमकाया था।
- विधायक का वीडियो वायरल हुआ तो मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन मैदान में आ गई है।
- सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) पर जारी प्रेस नोट में संघ ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- संघ सीएम से मिलकर भी शिकायत दर्ज करवाने जा रहा है।
News In Detail
जब विधायक का बेटा थार से लोगों को कुचल गया
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में 16 अप्रैल 2026 को एक बड़ा हादसा हुआ था। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने थार गाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ाई। उसने बाइक पर सवार तीन युवकों को टक्कर मारी। फिर स्कूल जाने वाली दो छात्राओं को भी कुचल दिया। पांचों घायल हुए और उन्हें करेरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराना पड़ा।
हादसे के बाद जब लोगों ने दिनेश से सवाल किए तो उसने अजीब तर्क दिया। उसने कहा कि उसने हॉर्न भी दिया था, सायरन भी बजाया था। बाइक वाले खुद लहरा रहे थे। यह बात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों में गुस्सा भड़क उठा।
मेरे लिए जनता परिवार से पहले है लेकिन...
हादसे की सूचना मिलते ही विधायक प्रीतम लोधी ने पहले सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए बेटा नहीं, बल्कि जनता पहले है। यहां तक कि उन्होंने खुद कहा कि उन्होंने SP से अपने बेटे के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। वहीं, जैसे ही पुलिस ने दिनेश को थाने बुलाया तो उनकी भाषा बदल गई।
करेरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने दिनेश को पूछताछ के लिए बुलाया। थार पर अवैध हूटर और काली फिल्म मिली। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट में चालान काटा। इसी पूछताछ के दौरान एसडीओपी ने दिनेश को कथित तौर पर समझाया कि अब करेरा में नजर न आए। बस, इतना काफी था।
IPS अफसर को डैडी की जागीर वाला बयान
पुलिस की इस सख्ती के बाद विधायक का रूप बदल गया। वे एक इंटरव्यू में बेलगाम हो गए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में वे एसडीओपी आईपीएस आयुष जाखड़ को सीधे संबोधित करते हुए बोले कि करेरा क्या तेरे डैडी की है? फिर धमकी देते हुए कहा कि मेरा बेटा दिनेश करेरा आएगा और चुनाव भी लड़ेगा। तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। यहीं नहीं रुके। उन्होंने जाखड़ को कहा कि हमारा इतिहास भी देख लेना एक बार। अपनी औकात में रह।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अफसर सिर्फ वहीं जाते हैं, जहां उन्हें फायदा मिलता है। उन्होंने एसडीओपी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे दी।
एसडीओपी जाखड़ का जवाब
एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने इस विवाद पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की। आरोपी को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के लिए बुलाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने विधायक के बेटे से कोई गलत बात नहीं की। जाखड़ ने इससे आगे कुछ और बोलने से इनकार कर दिया।
IPS संघ मैदान में उतरा, सीधे निंदा की
21 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर ही भारतीय पुलिस सेवा संघ (IPS Association), मध्य प्रदेश ने एक प्रेस नोट जारी किया। इस संयोग पर संघ ने खुद लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सिविल सेवा दिवस पर ही एक सिविल सेवक के साथ हुए इस व्यवहार पर नोट जारी करना पड़ रहा है।
संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर (ADG- Additional Director General) ने साफ शब्दों में कहा कि विधायक की भाषा अभद्र, अमर्यादित और धमकी भरी है। यह सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। प्रेस नोट में लिखा गया कि डॉ. जाखड़ एक नवनियुक्त पुलिस अधिकारी हैं। उनके और उनके परिवार के प्रति जो अपमानजनक टिप्पणियां और धमकियां दी गईं, वे पूरी तरह अशोभनीय हैं।
संघ ने कहा कि यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है। इससे पूरे प्रशासनिक तंत्र के मनोबल पर बुरा असर पड़ता है। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे भाषा और आचरण में संयम रखें। लोकतंत्र में ऐसी धमकीपूर्ण भाषा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। संघ ने उचित कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी कहा कि इस तरह का व्यवहार प्रशासन की निष्पक्षता को सीधी चोट पहुंचाता है।
मंत्रालय कर्मचारी संघ ने भी की कार्रवाई की मांग
हाल ही में सोशल मीडिया पर पिछोर विधायक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे करैरा जिला के एसडीओपी जाखड़ को धमकी दे रहे थे और अपमानजनक बातें कर रहे थे। यह मामला मीडिया-सोशल मीडिया में भी प्रकाशित-प्रचारित हुआ है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने इस घटना पर चिंता जताई है। संघ का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा किसी अधिकारी को धमकाना बेहद चिंताजनक है। इससे नौकरशाही का मनोबल गिर सकता है और अधिकारियों में अपने कर्तव्यों को सही तरीके से निभाने में हिचकिचाहट पैदा हो सकती है। इससे कल्याणकारी राज्य और सुशासन की अवधारणा को नुकसान पहुंच सकता है। संघ के अध्यक्ष इंजी सुधीर नायक ने इस कृत्य की घोर भर्त्सना की और मांग की कि सरकार और मुख्यमंत्री इस मामले में उचित कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों में डर का माहौल खत्म हो सके।
पहले भी विवादों में रहे हैं प्रीतम लोधी
प्रीतम सिंह लोधी शिवपुरी के पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। वे इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। ब्राह्मण समाज और अन्य मुद्दों पर उनके बोल पहले भी अखबारों की सुर्खियां बन चुके हैं। लेकिन इस बार मामला सिर्फ बयान तक नहीं रहा। एक IPS अधिकारी को सरेआम धमकाने और पुलिस को खुली चुनौती देने का यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 20 साल से भाजपा को सर आंखों पर बिठाने वाली जनता को भाजपा विधायक पुत्र सरेआम रौंद रहे हैं। साथ ही, विधायक IPS से कह रहे हैं कि तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। उन्होंने गृह मंत्री से जवाब मांगा।
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