विधायक रामेश्वर शर्मा की सिंधी समाज पर टिप्पणी: हाईकोर्ट ने मांगा निचली अदालत का रिकॉर्ड
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- विधायक रामेश्वर शर्मा ने FIR रद्द करने की मांग की
- मामला 2019 की कथित टिप्पणी से जुड़ा है
- FIR में सिंधी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष को भी प्रतिवादी बनाया गया
- हाईकोर्ट ने निचली अदालत का पूरा रिकॉर्ड मांगा
- अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को तय
भोपाल के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में उनके खिलाफ दर्ज FIR को पूरी तरह रद्द करने की मांग की गई है। यह याचिका उसी 2019 के मामले से जुड़ी है, जिसमें सिंधी समाज पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाया गया था।
याचिका में यह भी कहा गया है कि FIR कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है, इसलिए उसे खत्म किया जाना चाहिए। इस मामले में शिकायतकर्ता सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष भगवान देव इसरानी को भी प्रतिवादी बनाया गया है। क्योंकि इसरानी की शिकायत पर ही उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
2018 चुनावों से जुड़ा है मामला
यह मामला 2019 में बैरागढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज FIR से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान आचार संहिता लागू रहने के समय कथित फोन कॉल के जरिए सिंधी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
FIR में कहा गया था कि कथित बातचीत के दौरान समाज विशेष को लेकर ऐसी बातें कही गईं, जिससे सामाजिक तनाव की स्थिति बनी। इस FIR में विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ सोनू तोमर को भी आरोपी बनाया गया था।
कई सालों तक ठंडे बस्ते में रहा मामला
साल 2019 में दायर याचिका में 2020 तक कुछ सुनवाई भी हुई, लेकिन उसके बाद लंबे समय तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। करीब 6 साल तक यह केस ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
अब 2026 में यह मामला फिर से सक्रिय हो गया है और कोर्ट में लगातार सुनवाई शुरू हो चुकी है। इसी वजह से यह केस एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा में आ गया है।
कोर्ट ने तलब किया निचली अदालत का रिकॉर्ड
इस मामले की सुनवाई जबलपुर में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत का पूरा रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
कोर्ट ने साफ कहा कि बिना ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड के आगे निर्णय संभव नहीं है। इसलिए अब पूरा रिकॉर्ड आने के बाद ही सुनवाई आगे बढ़ेगी।
भगवानदेव इसराणी की इस शिकायत के बाद दर्ज हुई थी FIR
सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रेसिडेंट ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया था कि निवेदन है कि सिन्धी समुदाय एक व्यवसायिक पेशेवर एंव पढ़ा लिखा समुदाय है।
रामेश्वर शर्मा भाजपा प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान सिंधी समाज के विरुद्ध दुष्प्रचार करते रहे तथा समाज को गालियां देकर भी संबोधित करते रहे जिसके कारण सम्पूर्ण समाज में तनाव का वातावरण व्याप्त हो चुका है तथा समाज के लोगो को अप्रिय घटना घटित न करने की हिदायत दी जा रही है। लेकिन सम्पूर्ण समाज रामेश्वर शर्मा के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करवाना चाहता है।
उदाहरण के लिए रामेश्वर शर्मा के द्वारा संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) निवासी सोनू तोमर के मोबाइल नं. 998103** पर निम्न अपशब्द कहे गए हैं जिसकी रिकार्डिंग है और आपके समक्ष इसी शिकायत पत्र पर रिकार्डिंग का रुपान्तरण भी प्रस्तुत है जो इस तरह से है-
FIR में दर्ज कथित कॉल (रिकॉर्ड का अंश)...
- रामेश्वर शर्मा: सोनू, अलग हो की नहीं, रामेश्वर बोल रहा हूं।
- सोनू: हां भाई साहब बोलो।
- रामेश्वर शर्मा: भीड़ में तो नहीं हो।
- सोनू: नहीं नहीं भाई साहब घर पर ही हूं।
- रामेश्वर शर्माः यार तुम मदद करो एक तो पीसी शर्मा जीत रहा है वहां लगो हमारे लोग वहां इन्टरनल तुम्हारी मदद कर रहे हैं। अब तुम यहा जो है हिन्दी सिन्धी चलने दो (हंसी के साथ) क्योंकि इन मां के... से अपन सब दुखी तो हैं ही।
- सोनू: भाई साहब आपने हमारे लिये क्या नुकसान कर दिया है मैं अब तक परेशान हूँ।
- रामेश्वर शर्मा: तो तुम जरा इसको देखो यार वहा जायो यहा मदद करो
- सोनू: चलिये ठीक है भाई साहब ठीक, ठीक, ठीक
- रामेश्वर शर्मा: और कोई बात हो तो तुम मुझे डायरेक्ट बतायो जो हो बो बतायो
- सोनू: हा लगाता हूं फोन राम भाई को बोलता हूं
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