इंदौर दौरे से पहले अचानक भोपाल पहुंचे मोहन भागवत, समिधा में पदाधिकारियों संग करेंगे बैठक, जैन मुनि से भी मिलेंगे

Amresh Kushwaha | Oct 28, 2026, 16:08 IST
मोहन भागवत का भोपाल दौरा।
Mohan Bhagwat arrives unexpectedly in Bhopal ahead of his Indore visit; he will hold a meeting with office-bearers at Samidha and also meet with a Jain monk.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह अचानक भोपाल पहुंचे हैं। इंदौर जाने से पहले वे भोपाल में कुछ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। यहां समिधा में संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद जैन मुनि समय सागर से मुलाकात करेंगे। शाम को इंदौर के डेली कॉलेज में संघ के शताब्दी वर्ष का समापन कार्यक्रम होगा।

इसे चरैवेति एकत्रीकरण नाम दिया गया है। कार्यक्रम में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के जुटने की उम्मीद है। इसका आयोजन संघ का इंदौर विभाग कर रहा है।



भोपाल क्यों रुके भागवत?

भोपाल में मोहन भागवत के दो कार्यक्रम तय हैं। पहले वे संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद जैन मुनि समय सागर से मुलाकात करेंगे। भोपाल पहुंचने पर स्वप्निल कुलकर्णी, विमल गुप्ता और कैलाश लोवंशी ने उनका स्वागत किया। विमल गुप्ता संघ के प्रांत प्रचारक हैं। वे प्रांत में संघ के लिए पूर्णकालिक काम करते हैं।



समिधा में किससे होगी बैठक?

तय कार्यक्रम के मुताबिक मोहन भागवत फिलहाल समिधा में हैं। यहां वे संघ से जुड़े अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भागवत बुधवार को भोपाल और इंदौर में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भोपाल में बैठक के बाद वे इंदौर जाएंगे। वहां शाम को संघ का बड़ा कार्यक्रम होगा।



जैन मुनि से मुलाकात कब?

मोहन भागवत जैन मुनि समय सागर से भी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात दोपहर 2:45 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच होगी। जैन मुनि समय सागर इन दिनों भोपाल के एमपी नगर के पास चातुर्मास कर रहे हैं।



चातुर्मास के दौरान जैन साधु बारिश के मौसम में एक ही जगह रुककर साधना करते हैं। भागवत इसी स्थान पर जाकर जैन मुनि से मिलेंगे। इसके बाद वे इंदौर के लिए रवाना होंगे।



इंदौर में शताब्दी वर्ष का समापन

इंदौर में बुधवार शाम 4:30 बजे से संघ का बड़ा कार्यक्रम शुरू होगा। इसका नाम 'चरैवेति एकत्रीकरण' रखा गया है। इसी कार्यक्रम के साथ संघ के शताब्दी वर्ष का समापन होगा।



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो गए हैं। इसे लेकर देशभर में सालभर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में होने वाला यह कार्यक्रम इसी सिलसिले की आखिरी कड़ी है।



कार्यक्रम का आयोजन संघ के मालवा प्रांत का इंदौर विभाग कर रहा है। इसमें संघ के कई बड़े राष्ट्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां पिछले एक महीने से चल रही हैं।



इंदौर डेली कॉलेज में क्या होगा?

इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में यह कार्यक्रम होगा। यहां स्वयंसेवक शारीरिक गतिविधियों और योग का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही सभी मिलकर 'चरैवेति-चरैवेति' गीत गाएंगे।



कार्यक्रम में बताया जाएगा कि शताब्दी वर्ष के दौरान इंदौर विभाग में कौन-कौन से काम हुए। संघ के विचारों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा समाज के प्रति लोगों की जिम्मेदारियों पर बात होगी। देश के विकास में आम नागरिक कैसे योगदान दे सकते हैं, यह भी बताया जाएगा।



एक लाख स्वयंसेवकों का अनुमान

आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के पहुंचने की उम्मीद है। इनमें इंदौर शहर और महू के ग्रामीण इलाकों के स्वयंसेवक शामिल होंगे। समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।



एक ही परिसर में करीब एक लाख लोग जुट सकते हैं। इतने बड़े आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्वयंसेवक भी तैयारियों में जुटे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना के कारण यह संघ का अहम कार्यक्रम माना जा रहा है।



संघ क्या संदेश देना चाहता है?

इस बड़े आयोजन के जरिए संघ लोगों को एक खास संदेश देना चाहता है। 'चरैवेति' का मतलब है लगातार आगे बढ़ते रहना। इसी सोच के साथ पूरा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।



कार्यक्रम में देशहित को सबसे ऊपर रखने की बात होगी। लोगों को एकजुट रहने और आपसी भाईचारा बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा। साथ ही नागरिकों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया जाएगा।



संघ चाहता है कि शताब्दी वर्ष का कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी स्वयंसेवक सक्रिय रहें। वे समाज और देश की भलाई के लिए लगातार काम करते रहें। आम लोग भी अपने स्तर पर देश के विकास में योगदान दें।



इसके बाद क्या होगा?

2 नवंबर से अखिल भारतीय बैठक

चरैवेति एकत्रीकरण के बाद इंदौर में संघ की एक और बड़ी बैठक होगी। यह बैठक 2 से 4 नवंबर तक चलेगी। इसे अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक कहा जाता है। इसका आयोजन भी इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में होगा।



बैठक में देशभर के 46 प्रांतों से करीब 450 पदाधिकारी शामिल होंगे। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। उनके साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी बैठक में शामिल होंगे। सरकार्यवाह संघ में महासचिव जैसा पद होता है।



इस बैठक के लिए 28 अक्टूबर से वरिष्ठ पदाधिकारियों का इंदौर पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अलग-अलग बैठकें होंगी। इनमें संघ के संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।



मालवा प्रांत में बदलाव की तैयारी

संघ के संगठन में बदलाव की भी तैयारी चल रही है। इसके तहत मालवा प्रांत को इंदौर और उज्जैन संभाग में बांटने की योजना है। नई व्यवस्था 2027 से लागू हो सकती है।



इस बदलाव का मकसद संघ के कामकाज को और आसान बनाना है। छोटे क्षेत्रों में काम करने से स्थानीय स्तर पर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। लोगों से संपर्क बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। नई व्यवस्था में प्रांत की जगह संभाग स्तर पर काम को ज्यादा महत्व मिल सकता है।



फिलहाल सभी की नजरें भोपाल में मोहन भागवत की मुलाकात और इंदौर में होने वाले बड़े आयोजन पर हैं।

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