2 से 6 अक्टूबर तक MP में रहेंगे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, इंदौर में संघ की बैठक में होंगे शामिल, बालाघाट भी जाएंगे
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 2 से 6 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में रहेंगे। वे नागपुर से सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचेंगे। इंदौर में 3 से 5 अक्टूबर तक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक होगी। इसमें सभी 46 प्रांतों के संघ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक के बाद भागवत 6 अक्टूबर को बालाघाट जाएंगे।
पांच दिन के इस प्रवास में Mohan Bhagwat कहां-कहां जाएंगे? बैठक में किन बातों पर चर्चा होगी? आइए एक-एक करके समझते हैं।
मोहन भागवत का मध्यप्रदेश दौरा: पूरा कार्यक्रम
बता दें कि एमपी में मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) का कार्यक्रम पांच दिन का है। उनका प्रवास 2 अक्टूबर से शुरू होकर 6 अक्टूबर को खत्म होगा । इस बीच संघ प्रमुख दो जगहों पर रहेंगे: इंदौर और बालाघाट।
जानकारी के अनुसार मोहन भागवत का मप्र दौरा (Mohan Bhagwat MP Visit) नागपुर से शुरू होगा। वे सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचेंगे। वहां तीन दिन तक संघ की बैठक चलेगी।
पांच दिन के प्रवास में तीन दिन इंदौर की बैठक के नाम हैं। साथ ही 6 अक्टूबर बालाघाट के नाम है। नागपुर से इंदौर का सड़क सफर इन दोनों से पहले होगा।
इंदौर से बालाघाट तक तारीखों का हिसाब
तारीखों का हिसाब सीधा है। मोहन भागवत का 2 अक्टूबर को प्रवास शुरू होगा। 3 से 5 अक्टूबर तक इंदौर में बैठक होगी। 6 अक्टूबर को बालाघाट का कार्यक्रम है। इंदौर इन तीन दिनों का केंद्र रहेगा।
इंदौर बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
इस बैठक में संघ के सभी 46 प्रांत (संघ के कामकाज के क्षेत्रीय हिस्से) शामिल होंगे। हर प्रांत के पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे। यानी सभी प्रांतों की आवाज एक मेज पर होगी। सोचिए एक बार, 46 प्रांतों के पदाधिकारी एक ही शहर में एक साथ बैठेंगे।
संघ शताब्दी वर्ष की आखिरी बैठक क्यों अहम
बता दें कि इंदौर की बैठक संघ शताब्दी वर्ष की आखिरी बड़ी संगठनात्मक बैठक है। ऐसे में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
शताब्दी यानी सौ साल। संघ का शताब्दी वर्ष अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इसलिए संगठन के भीतर इस बैठक को आखिरी बड़े मौके की तरह देखा जा रहा है।
20 अक्टूबर को शताब्दी वर्ष का समापन
20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) है। उसी दिन संघ शताब्दी वर्ष का समापन हो जाएगा। यानी इंदौर की बैठक खत्म होने के 15 दिन बाद समापन होगा। तारीखों को जोड़कर देखिए। बैठक 5 अक्टूबर को खत्म होगी। 6 अक्टूबर को बालाघाट का कार्यक्रम होगा। फिर 20 अक्टूबर को समापन होगा समापन से पहले यह बैठक इतनी अहम क्यों मानी जा रही है? जवाब आखिरी बड़ी बैठक होने में है।
बैठक में किन बातों पर होगा मंथन
अब जरा पीछे चलते हैं। पिछले एक साल में संघ की ओर से संचालित सभी गतिविधियों की समीक्षा (काम की जांच-परख) होगी। यानी बीते साल का पूरा लेखा-जोखा इंदौर में रखा जाएगा।
एक साल का हिसाब, अगले साल की योजना
समीक्षा के बाद बारी आएगी आगे की। अगले एक साल की कार्ययोजना पर भी मंथन होगा। इसके अलावा कई और विषयों पर चर्चा की जाएगी। इन विषयों की सूची फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
बालाघाट के कारंजा में अगला पड़ाव
इंदौर की बैठक खत्म होते ही संघ प्रमुख आगे बढ़ेंगे। 6 अक्टूबर को वे बालाघाट के लांजी ब्लॉक के कारंजा पहुंचेंगे। वहां उनका एक स्थानीय कार्यक्रम है।
कार्यक्रम के विषय और स्वरूप की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इस तरह प्रवास का खाका साफ है। इंदौर में तीन दिन की बैठक होगी। फिर बालाघाट में एक दिन का कार्यक्रम होगा। मोहन भागवत मप्र दौरा 6 अक्टूबर को कारंजा में पूरा होगा। अब सबकी नजर 3 अक्टूबर से शुरू होने वाली बैठक पर है।
यह खबर क्यों जरूरी है..
मध्य प्रदेश के इंदौर में संघ की सालाना बैठक हो रही है। 46 प्रांतों के पदाधिकारी वहां जुटेंगे। बैठक में पिछले एक साल की समीक्षा और अगले एक साल की कार्ययोजना पर बात होगी। यह संघ शताब्दी वर्ष की आखिरी बड़ी संगठनात्मक बैठक है।
बालाघाट के कारंजा जैसे स्थानीय स्तर पर भी संघ प्रमुख का कार्यक्रम है। बड़े संगठनों की दिशा जानना नागरिकों के लिए जरूरी है। लोकतंत्र में जानकारी और पारदर्शिता सहभागिता को मजबूत करती है। इसीलिए यह खबर आम पाठक के लिए भी मायने रखती है।
FAQ
- मोहन भागवत मध्य प्रदेश के प्रवास पर कब रहेंगे?
मोहन भागवत 2 से 6 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वे नागपुर से सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचेंगे। 6 अक्टूबर को बालाघाट के कारंजा में उनका कार्यक्रम होगा। - इंदौर में मोहन भागवत की बैठक में कौन-कौन शामिल होगा?
इंदौर में मोहन भागवत की बैठक में संघ के सभी 46 प्रांतों के पदाधिकारी शामिल होंगे। - संघ शताब्दी वर्ष का समापन कब होगा?
संघ शताब्दी वर्ष का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन होगा। इंदौर की बैठक इस वर्ष की आखिरी बड़ी संगठनात्मक बैठक है। इसमें पिछले एक साल की समीक्षा और अगले एक साल की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।