MP Cabinet Decisions: कम बारिश वाले जिलों के किसानों को मिलेगी मदद, EOW के लिए 345 करोड़ मंजूर, दो बड़े चिंतन शिविरों की तैयारी

Sourabh Bhatnagar | Oct 27, 2026, 14:22 IST
मोहन कैबिनेट की बैठक में क्या हुआ खास? दिसंबर में दो बड़े शिविर,
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक हुई। इसमें विकास योजनाओं, किसानों की मदद, शिक्षा और भ्रष्टाचार के मामलों पर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने कैंपा फंड के लिए 2050 करोड़ रुपए और EOWके लिए 345 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। वहीं, चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के दफ्तर खोलने की मंजूरी भी दी गई है।

बैठक में नगरीय निकायों में सामान की खरीदी के दौरान हुई गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा दिसंबर में मंत्रियों के चिंतन शिविर, कम बारिश वाले जिलों के किसानों की मदद और दिवाली पर स्थानीय कुम्हारों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।



कैंपा फंड के लिए 2050 करोड़ रुपए मंजूर

मोहन कैबिनेट ने कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी दी है। इसके अलावा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के कामकाज के लिए 345 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।



नर्मदा घाटी विकास विभाग की चार पुरानी योजनाओं को आगे जारी रखने का फैसला भी लिया गया है। ये योजनाएं वर्ष 2019-20 से चल रही हैं। इनके लिए कुल 3378 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों से जुड़ी हैं।



वहीं, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं को जारी रखने के लिए 351 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।



कैंपा फंड क्या होता है?

कैंपा फंड (CAMPA Fund) एक सरकारी फंड है। इसका इस्तेमाल जंगलों की सुरक्षा, नए पेड़ लगाने और पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किया जाता है। जब सड़क, बांध, खदान या किसी दूसरे प्रोजेक्ट के लिए जंगल की जमीन ली जाती है, तो संबंधित कंपनी या एजेंसी को इसके बदले पैसा जमा करना पड़ता है। इसी पैसे से नए पेड़ लगाए जाते हैं, खराब हो चुके जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाया जाता है और वन्यजीवों की सुरक्षा के काम किए जाते हैं।



मध्य प्रदेश सरकार ने कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी दी है। इस राशि का इस्तेमाल स्वीकृत योजना के मुताबिक जंगलों के संरक्षण और विकास से जुड़े कामों में किया जाएगा।



चार नए जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय

कैबिनेट ने प्रदेश के चार नवगठित जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इनमें निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर शामिल हैं।



इन कार्यालयों के लिए जरूरी पदों को भी स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग का प्रशासनिक कामकाज स्थानीय स्तर पर संचालित किया जा सकेगा।



नगरीय निकायों में गड़बड़ी पर 392 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में सामान की खरीदी से जुड़ी गड़बड़ियों पर भी चर्चा हुई। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि अब तक 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।



गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और दूसरी तकनीकों की मदद ली गई। मंत्री के मुताबिक, छह महीने के भीतर यह कार्रवाई की गई है।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत और सख्ती से कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।



21 और 22 दिसंबर को होगा मंत्रियों का चिंतन शिविर

मोहन सरकार दिसंबर में चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रही है। यह शिविर 21 और 22 दिसंबर को प्रस्तावित है।



इसमें सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अगले साल सरकार किन योजनाओं और कामों पर ध्यान देगी, इसकी रूपरेखा तैयार होगी।



शिविर में मंत्री सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं की प्रगति और आगे की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।



कम बारिश वाले 12 जिलों के किसानों की मदद पर चर्चा

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 12 जिलों में कम बारिश की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सरकार ने इन जिलों की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट मांगी है।



रिपोर्ट के आधार पर किसानों को सहायता देने और प्रभावित जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, अभी किसी जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।



बैठक में किसान कल्याण वर्ष के तहत किए गए कामों की जानकारी भी दी गई। कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग ने अपनी योजनाओं की प्रगति का प्रेजेंटेशन दिया।



इन जिलों में हुई कम बारिश

मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस बार सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा शामिल हैं। सबसे ज्यादा कमी अलीराजपुर में दर्ज की गई है, जहां सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम बारिश हुई। सरकार इन जिलों की स्थिति का आकलन कर प्रभावित किसानों को मदद देने पर विचार कर रही है।



दिवाली पर स्थानीय कुम्हारों को बढ़ावा देगी सरकार

मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को दिवाली के दौरान अपने प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कुम्हारों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।



सरकार चाहती है कि लोग त्योहार पर स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीये और दूसरे सामान खरीदें। इससे कुम्हारों की कमाई बढ़ेगी और पारंपरिक माटी कला को भी सहारा मिलेगा।



यह पहल स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने से भी जुड़ी है।



सेवा संकल्प अभियान में मिले 17 लाख से ज्यादा आवेदन

कैबिनेट बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए कामों की जानकारी भी रखी गई।



बताया गया कि अभियान के दौरान प्रदेश में 1,345 शिविर लगाए गए। इनमें 17 लाख से ज्यादा आवेदन मिले। इसके अलावा 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं निकाली गईं।



अभियान के तहत लोगों को 11 तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। सरकार ने इन कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया।



इंदौर में 5800 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की जानकारी

कैबिनेट बैठक में प्रदेश में निवेश और अन्य उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव (Semiconductor Conclave) में 5800 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई।



इसके अलावा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश के पांच जिलों को केंद्र सरकार से मिले सम्मान का जिक्र हुआ।



विश्व कौशल प्रतियोगिता में पन्ना जिले के युवाओं के पहला स्थान हासिल करने की जानकारी भी दी गई।



वहीं, बिजली ट्रांसमिशन लॉस (Transmission Loss) 2.6 प्रतिशत रहने पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को मिले सम्मान की जानकारी कैबिनेट के सामने रखी गई।



तीन दिन मनाया जाएगा मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस

बैठक में मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इस बार एक नवंबर से तीन दिन तक स्थापना दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



इसके अलावा 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर बड़े आयोजन करने की तैयारी है।



सरकार ने संबंधित विभागों को इन आयोजनों की तैयारियों पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।



कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में

  • कैंपा फंड के 2050 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी।
  • EOW के कामकाज के लिए 345 करोड़ रुपए स्वीकृत।
  • नर्मदा घाटी विकास विभाग की चार योजनाओं के लिए 3378 करोड़ रुपए मंजूर।
  • सामाजिक न्याय विभाग की सात योजनाओं के लिए 351 करोड़ रुपए स्वीकृत।
  • निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में DEO कार्यालय खोलने की मंजूरी।
  • नगरीय निकायों में गड़बड़ी के 201 मामलों में 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानकारी।
  • 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का चिंतन शिविर प्रस्तावित।
  • कम बारिश वाले 12 जिलों की स्थिति का आकलन कर किसानों की मदद पर विचार।
  • दिवाली पर स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के दीयों को बढ़ावा देने के निर्देश।
  • मध्य प्रदेश स्थापना दिवस एक नवंबर से तीन दिन तक मनाया जाएगा।
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