मोहन कैबिनेट बैठक में आज UCC और मेडिकल यूनिवर्सिटी समेत कई विधेयकों पर लगी मुहर

Amresh Kushwaha | Jul 19, 2026, 13:52 IST
मोहन कैबिनेट
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को मंजूरी मिल गई है। दूसरी शादी और कोर्ट के बाहर तलाक पर रोक रहेगी। आदिवासी समाज को इससे छूट दी गई है। जानिए कैबिनेट के सभी बड़े फैसले...

Mohan Cabinet: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जगदीशपुर में रविवार, 19 जुलाई को कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने खुद बैठक की पूरी जानकारी दी है। इस बैठक में समान नागरिक संहिता सहित कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने इसे राज्य के लिए बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है। कईविभागोंसेजुड़ेअहमविधेयकोंकोभीमंजूरीदीगई।



यूसीसी में क्या बदलेगा

सीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू होगी। इसके तहत पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं हो सकेगी। कोर्ट के बाहर तलाक लेना भी अब गैरकानूनी होगा। हर तलाक अब अदालत के जरिए ही मान्य होगा। बेटे और बेटियों को संपत्ति में बराबर अधिकार मिलेंगे। महिलाओं को भी पुरुषों जितना ही संपत्ति का हक मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई फर्क नहीं रखा गया है। उन्होंने इसे महिलाओं और बेटियों के लिए बड़ी राहत बताया है।



लिव-इन के नए नियम

कानून में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। लिव-इन में रहने वालों को अब पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अपनी उम्र की जानकारी भी साफ तौर पर देनी होगी। अगर कोई इसे छिपाकर रखता है तो कानूनी कार्रवाई होगी। शादीशुदा व्यक्ति अगर लिव-इन में रहता है तो उसे सजा मिलेगी। ऐसे मामलों में पांच साल तक जेल हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें किसी को छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होगा।



सीएम ने की सभी दलों से अपील

मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से इस कानून का समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक फायदे-नुकसान से ऊपर है। यह कानून महिला सम्मान और सामाजिक समरसता से जुड़ा है। इससे राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलेगी। सीएम ने कहा कि यह कानून विभाजन को विश्वास में बदलेगा। साथ ही यह अन्याय की जगह सम्मान लाएगा। उन्होंने बताया कि हर वर्ग और हर धर्म ने इसका समर्थन किया। उन्होंने विधेयक से जुड़े समिति सदस्यों और जनता का भी आभार जताया।



आदिवासी समाज पर सफाई

कैबिनेट बैठक में जनजाति समाज को लेकर भी सवाल उठा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आदिवासी समाज को अलग नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि संविधान सम्मत नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे। सरकार समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस पर स्पष्टता से जवाब दिया है।



आदिवासी समाज पर सफाई

कैबिनेट बैठक में जनजाति समाज को लेकर भी सवाल उठा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आदिवासी समाज को अलग नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि संविधान सम्मत नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे। सरकार समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस पर स्पष्टता से जवाब दिया।



कारोबार होगा आसान

कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी। इससे व्यापार और कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान होंगी। अब एक ही जगह पर कई तरह की मंजूरियां मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नीति लागू करने में एमपी नंबर वन राज्य है। केंद्र के सुझाव तेजी से लागू करने वाले राज्यों में एमपी भी शामिल है। इससे राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।



आग से बचाव पर कानून

सीएम ने बताया कि राज्य में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए अग्निशमन आपातकालीन विधेयक 2026 भी लाया जा रहा है। इसमें कई विभागों को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे आपातकालीन सेवाएं तेज और बेहतर होंगी। भविष्य में आग की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून समय की जरूरत है।



मेडिकल यूनिवर्सिटी दो में बंटेगी

राज्य में अब तक सिर्फ एक मेडिकल यूनिवर्सिटी थी। कैबिनेट ने आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय और धनवंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पास किया है। इससे एक यूनिवर्सिटी को अब दो हिस्सों में बांटा जाएगा। जबलपुर विश्वविद्यालय में आगे एम्स (All India Institute Of Medical Sciences) जैसा अस्पताल बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले परीक्षा में देरी से पूरा सत्र प्रभावित होता था। अब नई व्यवस्था से मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक अब विश्वविद्यालय बहु उद्देशीय बनाए जा रहे हैं।



सड़क और श्रम कानून में सुधार

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026 भी पारित किया है। इसमें अंग्रेजों के जमाने के पुराने नियम बदले गए हैं। श्रम संहिता में भी मजदूरों के लिए कुछ सुधार किए गए हैं। आजादी से पहले के सात पुराने कानून अब हटाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जरूरत के हिसाब से नए कानून लाए जाएंगे। निजी विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम 2026 को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से प्रशासनिक व्यवस्था और आसान होगी।



एक देश एक कानून का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनसंघ के समय से चला सिद्धांत है। एक देश, एक विधान, एक प्रधान का यह सपना पुराना है। उन्होंने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि यह पुराना सपना अब पूरा हो रहा है। मध्य प्रदेश एक समान कानून व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया।



71 अस्पतालों का उन्नयन

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। राज्य के 71 स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का दर्जा बढ़ाया जाएगा। 29 उप स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। 19 प्राथमिक केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिलेगा। 18 सामुदायिक केंद्रों को सिविल अस्पताल बनाया जाएगा। सात सिविल अस्पतालों को सौ बिस्तर वाले बड़े अस्पताल में बदला जाएगा। धार्मिक दृष्टि से अहम चित्रकूट में भी सौ बिस्तर का अस्पताल खुलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार लगातार सुधार कर रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी।



कुल मिलाकर जगदीशपुर की यह कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम रही। कानून, स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार से जुड़े कई फैसले एक साथ लिए गए। सरकार का दावा है कि ये सभी फैसले जनता के हित में हैं। आने वाले समय में इन फैसलों का असर आम लोगों की जिंदगी पर दिखेगा।



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