मध्यप्रदेश में कैबिनेट विस्तार पर क्या बोले सीएम मोहन यादव?

Aman Vaishnav | Jun 19, 2026, 10:02 IST
मोहन यादव का मंत्रिमंडल विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव का आधा कार्यकाल पूरा हो गया। सीएम ने एक इंटरव्यू में मंत्रिमंडल फेरबदल, यूसीसी, जीआईएस, मेट्रोपॉलिटन प्लान और किसानों से जुड़े सवालों पर खुलकर जवाब दिए। साथ ही युवाओं को मंत्रिमंडल में ज्यादा मौका मिलने के संकेत भी दिए।

युवाओं को मिलेगी जगह

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का आधा कार्यकाल पूरा हो गया है। इस मौके पर उन्होंने एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह से खास बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर बड़े संकेत दिए हैं।



सीएम ने कहा कि इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों से बात करने के बाद ही लिया जाएगा।



मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को फेल नहीं मानता है।



वहीं सीएम ने यह जरूर माना कि सरकार और संगठन दोनों ने सभी मंत्रियों के काम की बारीकी से समीक्षा की है।



सीएम ने बताया कि इस समीक्षा प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इनपुट भी शामिल होते हैं। साथ ही भाजपा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का फीडबैक भी अहम भूमिका निभाता है। जब उनसे पूछा गया कि अगले विस्तार में युवाओं की संख्या बढ़ेगी, तो उन्होंने इसकी संभावना जताई।



साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि अनुभवी नेताओं को भी जगह मिलती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार का उदाहरण दिया, जहां राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री) और जीतन राम मांझी जैसे वरिष्ठ नेता आज भी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।



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जीआईएस की तैयारी जोरों पर

सीएम ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि इस बार का आयोजन पिछली बार से बड़ा और प्रभावी होगा। पिछले डेढ़ से दो साल में हुए कई निवेश समझौते अब जमीन पर उतर चुके हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की पहचान अब तेजी से औद्योगिक विकास वाले राज्य के तौर पर बन रही है।



सीएम ने बताया कि इसके चलते सरकार की जिम्मेदारी और लोगों की अपेक्षाएं दोनों बढ़ गई हैं। उन्होंने आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया। साथ ही हेल्थ, टूरिज्म और एजुकेशन सेक्टर में भी निवेश की उम्मीद जताई।



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यूसीसी पर साफ हुई स्थिति

आदिवासी समुदायों पर यूसीसी के असर को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु समुदायों की अपनी परंपराएं हैं। इन समुदायों के विवाह और पारिवारिक मामले इन्हीं परंपराओं से तय होते हैं। इसलिए ऐसे समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। उन्होंने यह भी बताया कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और पारसी सहित सभी वर्गों से सुझाव लिए गए हैं।



सीएम ने बताया कि इसका मकसद प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार सही कानून बनाना है। लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों के संपत्ति अधिकार पर भी उन्होंने स्पष्ट राय रखी।



सीएम का कहना था कि किसी भी बच्चे की कोई गलती नहीं होती है। इसलिए जन्म के साथ ही हर बच्चे के अधिकार सुरक्षित होने चाहिए। उन्होंने इसे सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी बताया।



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भोजशाला का होगा विकास

धार भोजशाला को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि इस पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह काम पुरातत्व विभाग के नियमों के दायरे में रहकर किया जाएगा। धार और आसपास राजा भोज की विरासत से जुड़े स्थलों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भोजशाला प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा है। इससे इसके विकास को और रफ्तार मिलेगी।



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मेट्रोपॉलिटन प्लान पर जोर

सीएम ने बताया कि अगला जीआईएस भी भोपाल में होगा। उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से सभी औद्योगिक कार्यक्रमों को फायदा मिलेगा।



सीएम ने पुराने मास्टर प्लान की सोच को अब नाकाफी बताया है। उनका कहना था कि मालवा क्षेत्र अब बड़े परिवहन मार्गों का केंद्र बन चुका है। इसलिए सिर्फ शहरों के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सौ साल की योजना जरूरी है।



सीएम मोहन यादव ने इसके लिए दिल्ली-एनसीआर का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी साफ किया कि अब नगर निगम स्तर के बजाय भोपाल और इंदौर का साझा मेट्रोपॉलिटन मास्टर प्लान लाया जाएगा।



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परीक्षा सुरक्षा और किसानों की बात

नीट (NEET) सहित कुछ राज्य स्तरीय परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों पर भी सीएम से सवाल हुआ। उन्होंने माना कि डिजिटल युग में परीक्षा सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है।



सीएम ने बताया कि इसके समाधान के लिए महू स्थित सेना मुख्यालय के साथ एक एमओयू किया गया है। एक रिसर्च सेंटर भी बनाया जा रहा है। यहां साइबर अपराध रोकने की नई तकनीक विकसित होगी।



ओबीसी आरक्षण से जुड़े सवाल पर सीएम ने जातिगत जनगणना का जिक्र किया। उनका कहना था कि जनगणना के आंकड़े आने के बाद आरक्षण से जुड़े कई सवालों के साफ जवाब मिल सकेंगे। गेहूं खरीदी को लेकर भी सीएम ने अहम जानकारी दी।



सीएम ने बताया कि इस बार छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई। इससे लगभग 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं छोटे किसानों से खरीदा गया।



मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस व्यवस्था से किसानों को जल्दी भुगतान मिला। परिवहन का खर्च भी कम हुआ। नतीजे अच्छे रहने पर अगले साल भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।



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FAQ

  1. मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल कब होगा?
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी संगठन से चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए हैं कि फेरबदल जल्द हो सकता है। इसमें युवा चेहरों को ज्यादा मौका मिलने की संभावना है, हालांकि अनुभवी नेताओं को भी जगह मिलेगी।
  2. यूसीसी आदिवासी समुदायों पर लागू होगा या नहीं?
    सीएम मोहन यादव के मुताबिक आदिवासी, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु समुदायों को यूसीसी (Uniform Civil Code) के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। इन समुदायों की अपनी पारंपरिक विवाह और पारिवारिक व्यवस्थाएं हैं, जिन्हें ध्यान में रखा जाएगा।
  3. मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं खरीद में किसानों को क्या फायदा मिला?
    इस बार छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गेहूं खरीदा गया। इससे उन्हें जल्दी नंबर मिला और जल्दी भुगतान हुआ। करीब 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं छोटे किसानों से खरीदा गया।

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