एमपी में गौपालकों की बल्ले-बल्ले! CM मोहन यादव का ऐलान, जीतने पर मिलेगा 1 लाख रुपए का इनाम
वृंदावन ग्रामों में होगी प्रतियोगिता
बता दें सम्मेलन का मुख्य केंद्र वृंदावन ग्राम होंगे। ये ग्राम प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में बनाए जा रहे हैं। विकासखंड यानी जिले का एक प्रशासनिक हिस्सा। इन्हीं ग्रामों में गौपालक प्रतियोगिता भी होगी।
प्रतियोगिता जीतने वालों को नकद इनाम मिलेगा। पहले स्थान पर आने वाले को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। दूसरे स्थान पर 50 हजार और तीसरे स्थान पर आने वाले को 25 हजार रुपए मिलेंगे।
श्वेत क्रांति 2.0 का मकसद क्या है
सरकार इस प्रतियोगिता से पशुपालकों का हौसला बढ़ाना चाहती है। मकसद मध्य प्रदेश को श्वेत क्रांति 2.0 का अगुवा बनाना है। श्वेत क्रांति यानी दूध उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उनके मुताबिक दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार भी आएगा। गुणात्मक सुधार यानी दूध की मात्रा के साथ गुणवत्ता में भी बेहतरी।
कामधेनु योजना सब्सिडी कितनी
मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना का भी जिक्र किया। योजना का मकसद गौवंश संरक्षण है। साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
बता दें कोई पशुपालक 40 लाख रुपए का लोन लेकर 25 गायें पालता है। तब सरकार उसे सब्सिडी देती है। सब्सिडी यानी सरकार की तरफ से मिलने वाली छूट। यह सब्सिडी 10 लाख रुपए की है।
कामधेनु योजना से किसे मिलती है मदद
इस योजना का लाभ 25 गायों का पालन करने वाले पशुपालक को मिलता है। इसके लिए 40 लाख रुपए का लोन लेना होता है। गाय पालन सब्सिडी से इस लोन का बोझ घटता है।
गौशाला ग्रांट कितना बढ़ा
शहरी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी फैसला हुआ। नगर निगम सीमा की गौशालाओं का सरकारी ग्रांट पहले 20 रुपए प्रति गाय था। ग्रांट यानी सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि। अब यह 40 रुपए प्रति गाय कर दिया गया है। यानी गौशाला ग्रांट सीधे दोगुना हो गया। हर गाय पर गौशाला को अब 20 रुपए ज्यादा मिलेंगे। 100 गायों वाली गौशाला के लिए यह फर्क 2 हजार रुपए का बैठता है।
प्रदेश में कितनी गौशालाएं हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग तीन हजार 500 गौशालाएं हैं। इनमें 5 लाख से ज्यादा गौवंश का संरक्षण हो रहा है। यानी औसतन हर गौशाला में करीब 140 से ज्यादा गौवंश आते हैं। यह संख्या बड़ी है। इसीलिए गौशालाओं के ग्रांट और पशुपालकों की योजनाओं की अहमियत बढ़ जाती है।
दुग्ध उत्पादन मध्य प्रदेश का लक्ष्य
सरकार का संकल्प है कि एमपी सबसे ज्यादा दूध उत्पादन वाला राज्य बने। दुग्ध उत्पादन प्रदेश में बढ़ाने के लिए तीन रास्ते दिख रहे हैं। पहला, प्रतियोगिता। दूसरा, लोन पर सब्सिडी। तीसरा, गौशालाओं को ज्यादा ग्रांट देना।
ऐसे में पशुपालकों के लिए यह सम्मेलन खास बन जाता है। नकद इनाम हौसला देगा। सब्सिडी पूंजी का बोझ कम करेगी। एमपी गाय सब्सिडी जैसी योजनाओं पर पशुपालकों की नजर रहेगी इस तरह एक ही सम्मेलन में इनाम, सब्सिडी और ग्रांट की जानकारी आई है। सबसे बड़ा इनाम 1 लाख रुपए है।
FAQs
- प्रतियोगिता में पुरस्कार राशि कितनी है?
प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आने वाले को 1 लाख रुपए, दूसरे स्थान पर 50 हजार रुपए, और तीसरे स्थान पर आने वाले को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। - श्वेत क्रांति 2.0 का उद्देश्य क्या है?
मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन में बढ़ोतरी कराना है, इसके तहत पशुपालकों का हौसला बढ़ाना और दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाना शामिल है। - कामधेनु योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
कामधेनु योजना का लाभ उन पशुपालकों को मिलता है, जो 40 लाख रुपए का लोन लेकर 25 गायें पालते हैं। इस योजना के तहत सरकार उन्हें 10 लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान करती है।