आज से मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड खोलेंगे सीएम मोहन यादव, सीएम हाउस में होगी वन-टू-वन चर्चा
मोहन सरकार जून में अपने ढाई साल के कार्यकाल को पूरा करने जा रही है। रविवार और सोमवार, 17-18 मई को मंत्रियों को सत्ता-संगठन के प्रमुखों के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
सबसे पहले डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा अपने वित्त, आबकारी और प्रभार वाले जिलों का हिसाब देंगे। इसके बाद में राज्यमंत्री राधा सिंह अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी।
यह रिपोर्ट 18 मुख्य बिंदुओं पर बनी है। सत्ता-संगठन के प्रमुख मंत्रियों को उनकी कमियों से अवगत कराएंगे। इसे संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
समीक्षा मुख्यमंत्री निवास पर होगी समीक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वन-टू-वन समीक्षा मुख्यमंत्री निवास पर होगी। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे।
विवादों में फंसे मंत्रियों से पक्ष पूछा जाएगा
मंत्रियों को यह बताना होगा कि उनके विभाग ने केंद्र-राज्य की बड़ी परियोजना में कितनी प्रगति की है। काम धीमा रहा तो वजह क्या रही और इसे सुधारने के लिए रोडमैप क्या है इस पर भी चर्चा होगी।
इसके अलावा विवादों में फंसे मंत्रियों से उनका पक्ष भी पूछा जाएगा। कैबिनेट विस्तार पर भी बात होगी। मंत्री चाहते हैं कि उन्हें विवादों में जबरन शामिल किए जाने से पहले उनका पक्ष लिया जाए।
मंत्रिमंडल विस्तार पर सबकी नजरें
जानकारी के अनुसार निगम और मंडल में हाल की नियुक्तियों के बाद अब सबकी नजरें मंत्रिमंडल विस्तार पर हैं। इसलिए मंत्रियों की वन-टू-वन समीक्षा को इस विस्तार से जोड़कर अहम माना जा रहा है।
समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि मोहन मंत्रिमंडल से किन मंत्रियों की छुट्टी होगी। जब छुट्टी वाले नाम तय हो जाएंगे तभी नए सदस्य जोड़े जाएंगे।
सीएम मोहन यादव 17 मई से करेंगे मंत्रियों से वन-टू-वन, खुलेगा रिपोर्ट कार्ड
मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट
बता दें कि इन बैठकों में मंत्रियों की इंटरनल असेसमेंट यानी परफॉर्मेंस रिपोर्ट दिखाई जाएगी। साथ ही विभागीय कामकाज, फील्ड के मुद्दों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी। बैठकों के बाद कैबिनेट में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
चाय पर चर्चा, रिपोर्ट कार्ड पर नजर
बैठक की खास बात यह है कि यह कोई औपचारिक दरबारी मुलाकात नहीं होगी। माहौल चाय पर चर्चा वाला रखा जाएगा, लेकिन एजेंडा बेहद गंभीर है। इन बैठकों में मंत्रियों को उनका परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड दिखाया जाएगा।
यानी उनके विभाग ने कितना काम किया, जमीन पर कितना उतरा, यह सब आंकड़ों के साथ सामने रखा जाएगा। साथ ही यदि किसी मंत्री का अपने विभाग या किसी और मामले में कोई गिला-शिकवा है, तो वो भी सुना जाएगा। इस काम के लिए हर मंत्री को 15 मिनट का समय दिया गया है।
लंबे समय से टल रहा था मामला
यह बात पहले से चल रही थी कि सीएम अपने मंत्रियों से सीधे बात करेंगे। कई बार यह बैठकें आगे खिसकती रहीं। अब 17 मई की तारीख तय हो गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें
सरकार के ढाई साल पूरे होने के करीब आते-आते कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं भी गर्म हो गई हैं। मध्य प्रदेश कैबिनेट (MP Cabinet) में इस वक्त चार पद खाली हैं। निगम-मंडलों में नियुक्तियों के बाद से यह अटकलें और बढ़ गई हैं। कई विधायक भी मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि वन-टू-वन बैठकों के बाद परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसमें कैबिनेट (मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक) विस्तार या फेरबदल दोनों की संभावना बताई जा रही है। हालांकि अभी यह सब अटकलों के दायरे में है।
नए निगम-मंडल सदस्यों पर भी ध्यान
इससे पहले सीएम ने यह भी निर्देश दिए थे कि नए नियुक्त निगम और मंडल सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियां ठीक से समझाई जाएं। इसके लिए एक दिन का राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करने को कहा गया था।
सीएम का कहना था कि सभी नियुक्त सदस्य अपनी भूमिका को पूरी तरह समझें, तभी काम में एकरूपता और कुशलता आएगी।
ढाई साल की सरकार का आत्ममंथन
दिसंबर 2023 में मोहन यादव ने 28 मंत्रियों के साथ कैबिनेट बनाई थी। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने 2023 के विधानसभा चुनाव में 230 में से 163 सीटें जीती थीं। सरकार का यह ढाई साल का कार्यकाल जल्द पूरा होने वाला है।
ऐसे में यह समीक्षा बैठकें और वन-टू-वन चर्चाएंसरकार के लिए एक तरह का आत्ममंथन भी हैं। क्या काम हुआ, क्या नहीं हुआ, किस विभाग ने अच्छा किया और कहां सुधार की जरूरत है, यह सब इन बैठकों में सामने आएगा।
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