एमपी में मानसून की होगी धमाकेदार एंट्री, अगले कुछ घंटे अहम
समझें क्या है पूरा मामला
- दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई और महाराष्ट्र तक पहुंच चुका है।
- अगले कुछ घंटों में मंडला, बालाघाट, डिंडोरी से MP में एंट्री संभव है।
- बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) शाखा से मानसून आने की संभावना है।
- सिवनी जिले में मंगलवार शाम तक 50 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है।
- भोपाल सहित कई शहरों में अगले तीन दिन बादल और बारिश का अनुमान है।
मानसून की दस्तक, MP की बाट
एमपी में मानसून की राह बहुत ज्यादा लंबी नहीं रही। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South West Monsoon) मंगलवार को मुंबई, महाराष्ट्र के वर्धा और कई अन्य हिस्सों तक पहुंच गया। साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और ओडिशा भी इसकी जद में आ चुके हैं। भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी (IMD- India Meteorological Department) ने यह जानकारी दी।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ घंटे अहम हैं। इस दौरान मानसून मंडला, बालाघाट और डिंडोरी के रास्ते मध्यप्रदेश में दाखिल (एमपी में मानसून की दस्तक) हो सकता है। यह प्रवेश बंगाल की खाड़ी शाखा के जरिए होने की उम्मीद है।
मानसून से पहले ही बारिश का दौर
प्रदेश में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियां पहले से ही जारी हैं। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार भोपाल सहित कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बौछारें हो रही हैं। मंगलवार शाम तक बालाघाट से सटे सिवनी जिले में 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इलाके के कई शहरों और कस्बों में अच्छी बारिश हुई।
यह आंकड़ा बताता है कि मानसून (imd Alart) दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। हवाएं नमी से भरपूर हो चुकी हैं और आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है।
80 फीसदी बार इसी रास्ते आया मानसून
पिछले दो दशकों का रिकॉर्ड देखें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 80 प्रतिशत बार बंगाल की खाड़ी शाखा के जरिए ही मध्यप्रदेश में दाखिल हुआ है।
विशेषज्ञ एके शुक्ला बताते हैं कि जब भी मानसून (एमपी मौसम विभाग) इस रास्ते आया, उसके बाद लगातार लो-प्रेशर (Low-Pressure) सिस्टम बने। ऐसे वर्षों में प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना भी ज्यादा रही।
इसके उलट जब मानसून अरब सागर (Arabian Sea) शाखा से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दाखिल हुआ, तब बारिश का वितरण असमान रहा। यानी इस बार बंगाल की खाड़ी शाखा से एंट्री प्रदेश के लिए अच्छा संकेत है।
दोनों शाखाएं हुईं सक्रिय
शुक्ला के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से अरब सागर शाखा और 11 दिनों से बंगाल की खाड़ी शाखा की रफ्तार थमी हुई थी। लेकिन अब परिस्थितियां अनुकूल होने से दोनों शाखाएं एक साथ सक्रिय हो रही हैं। मुंबई और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचने के बाद मानसून को मध्यप्रदेश में प्रवेश करने में अधिक वक्त नहीं लगता। यह बात भी शुक्ला ने ही कही।
भोपाल में क्या होगा असर?
राजधानी भोपाल में अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। दिन का तापमान गिर सकता है, लेकिन उमस बढ़ने की भी आशंका है। जैसे ही मानसून की आधिकारिक एंट्री होगी, बारिश की आवृत्ति और क्षेत्रीय विस्तार दोनों में इजाफा होगा।
यानी राहत आने वाली है, बस थोड़ा और इंतजार।
FAQ
- सवाल 1: मध्यप्रदेश में मानसून कब और किस रास्ते से आएगा?
जवाब: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 50 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मानसून मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जिलों के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है। - सवाल 2: बंगाल की खाड़ी शाखा से मानसून आने पर MP को क्या फायदा होता है?
जवाब: पिछले दो दशकों के आंकड़े बताते हैं कि जब भी मानसून बंगाल की खाड़ी शाखा से मध्यप्रदेश में आया, उसके बाद लो-प्रेशर सिस्टम बनते रहे और सामान्य से अधिक बारिश हुई। - सवाल 3: भोपाल में मानसून आने से पहले मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: अगले तीन दिनों तक भोपाल में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिन का तापमान कुछ गिर सकता है, लेकिन उमस बढ़ सकती है। मानसून की आधिकारिक एंट्री के बाद बारिश और तेज व व्यापक होगी।
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