MP के 300 कॉलेजों में होगी खेती की पढ़ाई: छात्रों को सिखाएंगे स्मार्ट फार्मिंग और मौसम की तकनीक

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 11:00 IST
अब कॉलेजों में छात्र खेती के साथ मौसम विज्ञान की भी पढ़ाई कर सकेंगे।
A new educational initiative is being launched for students in Madhya Pradesh. Modern agricultural techniques will be taught across 300 government colleges in the state.
मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए पढ़ाई में नई पहल होने जा रही है। प्रदेश के 300 सरकारी कॉलेजों में खेती की आधुनिक तकनीक पढ़ाई जाएगी। इसके तहत छात्रों को स्मार्ट खेती और वेदर साइंस सिखाया जाएगा। इससे वे खेती के नए तरीकों को समझ सकेंगे। इस पहल में ICAR और इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग भी मदद करेंगे। भारत वेदर साइंस विभाग भी इसमें शामिल होगा।

300 सरकारी कॉलेजों में क्या बदलेगा?

मध्य प्रदेश के 300 सरकारी कॉलेजों में खेती से जुड़े विषय जुड़ेंगे। अभी इन कॉलेजों में ट्रेडिशनल सब्जेक्ट्स की पढ़ाई होती है। इनमें आर्ट, साइंस और कॉमर्स जैसे विषय शामिल हैं। अब छात्रों को खेती की आधुनिक तकनीक भी सिखाई जाएगी।



इस नए सिलेबस में खेती की व्यावहारिक जानकारी पर जोर रहेगा। छात्रों को फसल की देखभाल के नए तरीके बताए जाएंगे। उन्हें खेती में तकनीक का इस्तेमाल करना भी सिखाया जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं को खास फायदा मिल सकता है।



खेती की पढ़ाई में इन संस्थाओं का मिलेगा साथ

इस पहल के लिए कई संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, ICAR के साथ MoU किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भी सहयोग करेगा। भोपाल का भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान भी इससे जुड़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के साथ भी समझौते की बात है। इन संस्थाओं की मदद से छात्रों को आधुनिक खेती की जानकारी मिलेगी।



मौसम देखकर खेती करना भी सीखेंगे छात्र

इस पहल में मौसम की पढ़ाई पर खास ध्यान दिया जाएगा। छात्रों को मौसम से जुड़ी जानकारियां समझना सिखाया जाएगा। किसान मौसम के आधार पर कई जरूरी फैसले लेते हैं। जैसे फसल की बुवाई और सिंचाई का सही समय तय करना। फसल की कटाई का समय भी मौसम से जुड़ा होता है।



कॉलेजों में छात्रों को मौसम का पूर्वानुमान (Weather Forecast) समझाया जाएगा। उन्हें मौसम के फसलों पर पड़ने वाले असर की जानकारी मिलेगी। इससे वे मौसम के हिसाब से खेती की योजना बनाना सीखेंगे।



ड्रोन से खेती करना सीखेंगे छात्र

स्मार्ट खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसमें ड्रोन और आधुनिक उपकरणों की अहम भूमिका है। छात्रों को इनके इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा सकती है। ड्रोन से खेतों और फसलों की निगरानी करना आसान होता है। इससे फसल की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है। आधुनिक उपकरण खेती के कई काम आसान बना सकते हैं।



गांव के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए मौके

मध्यप्रदेश में खेती कई लोगों की आजीविका का बड़ा साधन है। प्रदेश की बड़ी आबादी किसी न किसी रूप में खेती से जुड़ी है। ऐसे में कृषि शिक्षा में बदलाव अहम माना जा रहा है।



इस पहल से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। वे कृषि क्षेत्र में तकनीकी कामों को अपना करियर बना सकेंगे। ड्रोन और आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल भी सीख सकेंगे। हालांकि, इस पहल का पूरा सिलेबस अभी सामने नहीं आया है। सरकारी आदेश के बाद इसकी विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद प्रशिक्षण और पढ़ाई का तरीका भी स्पष्ट होगा।



FAQs



  1. यह पहल कितने कॉलेजों में लागू होगी?
    मध्य प्रदेश के लगभग 300 सरकारी कॉलेजों में यह पहल लागू होगी।
  2. छात्रों को इस नई प्रणाली में क्या-क्या पढ़ाया जाएगा?
    छात्रों को स्मार्ट खेती, मौसम विज्ञान, ड्रोन उपयोग और आधुनिक उपकरणों के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी।
  3. इस पहल में कौन-कौन सी संस्थाएं सहयोग दे रही हैं?
    इस पहल के लिए ICAR, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल का भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान और भारत मौसम विज्ञान विभाग जैसे संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।
Tags:
  • मप्र सरकारी कॉलेज
  • स्मार्ट खेती
  • वेदर साइंस
  • कृषि शिक्षा मध्य प्रदेश
  • भारत मौसम विज्ञान विभाग
  • Smart Farming
  • ICAR MoU
  • MP Government Colleges
  • Agriculture Education