एमपी में 20 दिन की देरी से आया एकेडमिक कैलेंडर, छात्रों को मिलेंगे 183 वर्किंग डे

Sandeep Kumar | Jul 20, 2026, 23:41 IST
एमपी में एकेडमिक कैलेंडर
मध्य प्रदेश के कॉलेजों में सत्र 2026-27 एक जुलाई से शुरू हो चुका है। उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को एकेडमिक कैलेंडर जारी किया। यह सत्र शुरू होने के करीब 20 दिन बाद आया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र एक जुलाई से शुरू हुआ।
  • उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को एकेडमिक कैलेंडर जारी किया।
  • कैलेंडर सत्र शुरू होने के करीब 20 दिन बाद आया।
  • पूरे साल की शैक्षणिक गतिविधियों की समय-सारिणी तय हुई।
  • इस बार कुल 183 शैक्षणिक कार्य दिवस रखे गए।

देरी से जारी हुआ कैलेंडर

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में नया सत्र एक जुलाई से शुरू हो चुका है। लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर (Academic Calendar) सोमवार को जारी किया। यह सत्र शुरू होने के लगभग 20 दिन बाद आया है।



कैलेंडर में पूरे सत्र की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक (Co-educational ) गतिविधियों की विस्तृत समय-सारिणी दी गई है। इसी के आधार पर कक्षाओं, मूल्यांकन और परीक्षाओं का संचालन होगा।



किन गतिविधियों की तय हुई रूपरेखा

कैलेंडर के आधार पर महाविद्यालयों में कक्षाओं के संचालन की योजना बनेगी। आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक परीक्षाएं और सेमिनार भी इसी शेड्यूल पर आधारित होंगे।



इसके अलावा सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की रूपरेखा भी इसी कैलेंडर से तय होगी। सभी महाविद्यालयों को इसी समय-सारिणी का पालन करना होगा।



स्नातक कक्षाओं का शेड्यूल

जारी कैलेंडर के अनुसार स्नातक यानी यूजी (UG – Undergraduate) कक्षाओं का शैक्षणिक कार्य एक जुलाई से 12 नवंबर तक चलेगा। आंतरिक मूल्यांकन (internal assessment ) अगस्त के पहले सप्ताह से सितंबर के अंतिम सप्ताह के बीच होगा।



यूजी की प्रायोगिक परीक्षाएं 20 अक्टूबर से पांच नवंबर तक आयोजित होंगी। सेमेस्टर परीक्षाएं 18 नवंबर से 10 दिसंबर तक होंगी। इनके परिणाम 31 दिसंबर तक घोषित कर दिए जाएंगे।



प्रवेश प्रक्रिया के बीच जारी हुआ कैलेंडर

फिलहाल कॉलेजों की काउंसलिंग यानी सीएलसी के दूसरे चरण के तहत प्रवेश जारी है। ऐसे में कैलेंडर इस बार प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही देरी से जारी हुआ है।



इससे शुरुआती शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कॉलेजों को अब सीमित समय में ही पूरा शेड्यूल पूरा करना होगा।



पीजी कक्षाओं की समय-सारिणी

स्नातकोत्तर यानी पीजी प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होंगी। यह कक्षाएं 25 अप्रैल 2027 तक चलेंगी। पीजी की प्रायोगिक परीक्षाएं एक अप्रैल से 20 अप्रैल 2027 के बीच होंगी। सेमेस्टर परीक्षाएं एक मई से 23 मई 2027 तक आयोजित की जाएंगी।



परिणाम और कुल कार्य दिवस

चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम 20 जून 2027 तक घोषित होगा। द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम 30 जून 2027 तक जारी किया जाएगा।



विभाग ने इस सत्र के लिए कुल 183 शैक्षणिक कार्य दिवस तय किए हैं। इसी आधार पर सभी महाविद्यालयों को अपनी गतिविधियां संचालित करनी होंगी।



पहले नियमों के साथ आता था कैलेंडर

प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा ने इस देरी पर अपनी राय रखी। उनके अनुसार पहले प्रवेश नियमों के साथ ही एकेडमिक कैलेंडर जारी करना विभाग की नियमित प्रक्रिया थी।



उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से इसका पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। इससे कैलेंडर की उपयोगिता प्रभावित हुई है। समय पर कैलेंडर आने से पूरे साल की योजना बेहतर तरीके से बन पाती है।



कैलेंडर पर उठे सवाल

प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय के प्रांताध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा कैलेंडर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले प्रवेश नियमों के साथ कैलेंडर जारी होता था। पिछले कुछ वर्षों से इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा। इससे एकेडमिक कैलेंडर की उपयोगिता प्रभावित हुई है।



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