जिस महिला CEO को मिली जिंदा गाड़ने की धमकी वो दफ्तर में कैद, मंत्री नागर सिंह चौहान का भाई जमानत पर बाहर

Amresh Kushwaha | Apr 26, 2026, 11:04 IST
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आलीराजपुर में जिला पंचायत सीईओ के साथ बदसलूकी और धमकी का मामला सामने आया है। मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई पर सीईओ प्रिया काग को धमकाने और रास्ता रोकने का आरोप है। बता दें की मंत्री का भाई आदतन अपराधी है।

जब कानून की रक्षा करने वाले ही असुरक्षित महसूस करने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।



एक तरफ जनपद पंचायत की महिला सीईओ प्रिया काग हैं, जिन्हें सरेआम जिंदा गाड़ने की धमकी मिली और आज वे दफ्तर की चारदीवारी तक सिमट गई हैं।



वहीं दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई और मुख्य आरोपी इंदर सिंह चौहान हैं, जो गैर-जमानती धाराओं के बावजूद शनिवार को जमानत पर बाहर आ गए हैं।



दफ्तर की चारदीवारी में कैद महिला अधिकारी

प्रिया काग, जो जनपद पंचायत आलीराजपुर में एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर तैनात हैं, उनकी जिंदगी 22 अप्रैल के बाद पूरी तरह बदल गई है। आरोपी द्वारा दी गई खौफनाक धमकी के बाद से वे फील्ड विजिट (Field Visit) पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं।



प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए गनमैन (Gunman) तो तैनात कर दिया है, लेकिन मानसिक सुरक्षा का क्या? अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने की सजा उन्हें एक तरह की दफ्तर कैद के रूप में मिल रही है।



जानें क्या है पूरा मामला...

यह पूरी घटना 22 अप्रैल की है। आलीराजपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग दोपहर 3 बजे अपने कार्यालय पहुंची थीं। कामकाज सामान्य चल रहा था, लेकिन तभी वहां इंदर सिंह चौहान पहुंचे। इंदर सिंह जनपद पंचायत अध्यक्ष के पति भी हैं। इंदर सिंह कन्या विवाह योजना (Kanya Vivah Yojana) में कुछ आवेदनों के निरस्त होने को लेकर नाराज थे।



जिंदा गाड़ दूंगा... रसूख की गर्माहट में खोई मर्यादा

विवाद की वजह वो आवेदन थे, जो एमपी कन्या विवाह योजना के तहत अपात्र होने के कारण रद्द कर दिए गए थे। सीईओ प्रिया काग ने बताया कि इसी बात से गुस्से में आकर इंदर सिंह चौहान महिला CEO को मारने के लिए दौड़े।



उन्होंने कहा कि तेरे दांत तोड़ दूंगा, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा। प्रिया काग ने कहा कि वे अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायत के मुताबिक, वहां मौजूद लेखाधिकारी सावन भिंडे ने बीच में आकर मामले को शांत करने की कोशिश की।



आरोपी को मिली जमानत

महिला अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे फिलहाल जमानत मिल गई है।



विवादों से है इंदर सिंह का पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब इंदर सिंह चौहान सुर्खियों में आए हों। उनका विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। इससे पहले भी उन पर खाद वितरण के दौरान एक सेल्समैन के साथ मारपीट करने के आरोप लग चुके हैं। इतना ही नहीं, सरकारी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को हटवाने की कोशिशों को लेकर भी उन पर सवाल उठते रहे हैं।



32 साल का रिकॉर्ड: 25 गंभीर केस

इंदर सिंह चौहान का आपराधिक इतिहास किसी फिल्म की कहानी जैसा है। पिछले 32 वर्षों में उन पर हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), अपहरण, लूट और डकैती जैसे कुल 25 गंभीर मामले दर्ज हुए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि रिकॉर्ड के अनुसार आज तक उन्हें एक भी मामले में सजा नहीं हुई है। इंदर सिंह अब तक 17 मामलों में कोर्ट से बरी हो चुके हैं, जबकि 4 मामलों में राजीनामा या खात्मा हो चुका है।



हाई बीपी बना राहत का जरिया

ताजा मामले में पुलिस ने इंदर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया था, जो कि एक गैर-जमानती अपराध है। इसके बावजूद, 23 अप्रैल को कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी ने अपनी खराब सेहत और हाई ब्लड प्रेशर का हवाला दिया।



कानून की बारीकियों और बीमारी के तर्क ने काम किया और उन्हें शनिवार को जमानत मिल गई। फिलहाल दो मामले अभी भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें एक 2025 का सरकारी काम में बाधा डालने और दूसरा 2026 का ताजा धमकी मामला शामिल है।



सत्ता का रसूख और प्रशासनिक बेबसी का मंजर

यह मामला केवल एक धमकी का नहीं है, बल्कि सत्ता के रसूख और कानून के बीच के संघर्ष का है। जब एक रसूखदार व्यक्ति का भाई 25 केस होने के बाद भी बीमारी के नाम पर राहत पा लेता है, तो आम जनता और सरकारी कर्मचारियों का सिस्टम से भरोसा डगमगाने लगता है। एक महिला अधिकारी जो फर्जीवाड़ा रोकने की कोशिश कर रही थी, वह आज सुरक्षा गार्डों के घेरे में है, जबकि धमकी देने वाला आरोपी खुली हवा में सांस ले रहा है।



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