एमपी में 5 साल बाद निकली आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती: 3,062 पदों पर होगा सिलेक्शन, 16 नवंबर से पात्र महिलाएं कर सकेंगी आवेदन
जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती में केवल विवाहित महिलाएं ही आवेदन कर पाएंगी। इसके अलावा जो महिला जिस ग्रामसभा से आवेदन करेंगी, उन्हे उसी गांव का निवासी होना जरूरी है। उसकी उम्र 21 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही महिला का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है।
एमपी में इतनी आशा कार्यकर्ताओं के पदों पर भर्ती
मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति होगी। इस बार कुल तीन हजार 62 पदों पर महिलाओं का चयन किया जाएगा। करीब पांच साल बाद यह भर्ती निकाली जा रही है। आशा कार्यकर्ता गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा काम करती हैं। वे प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देती हैं। इसके अलावा लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने में मदद करती हैं।
10वीं पास मैरिड वीमन्स कर सकेंगी आवेदन
आशा कार्यकर्ता भर्ती के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं। इन शर्तों को पूरा करने वाली महिलाएं ही आवेदन कर सकेंगी।
- निवासी: महिला का संबंधित गांव का निवासी होना जरूरी है।
- वैवाहिक स्थिति: केवल विवाहित महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं।
- उम्र: एप्लीकेंटकी उम्र 21 से 45 साल होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: महिला का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है।
आवेदन करने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें। अगर महिला तय योग्यता पूरी नहीं करती, तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
16 नवंबर से 16 दिसंबर तक कर सकेंगी आवेदन
इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन 16 नवंबर 2026 से शुरू किए जाएंगे। इच्छुक महिलाएं 16 दिसंबर 2026 तक फॉर्म भर सकेंगी।
आवेदन के लिए एमपी ई-सेवा पोर्टल eseva.mp.gov.in का इस्तेमाल करना होगा।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले एमपी ई-सेवा पोर्टल खोलें।
- इसके बाद आशा कार्यकर्ता भर्ती से जुड़ा विकल्प चुनें।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें।
- जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भरें।
- फॉर्म में भरी जानकारी को ध्यान से चेक करें।
- इसके बाद आवेदन जमा करें।
कलेक्टर की निगरानी में होगा महिलाओं का चयन
खबरों के मुताबिक, आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती जिला स्तर पर की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला स्वास्थ्य समिति करेगी। इस समिति की अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। गांव के हिसाब से तय पदों पर ही भर्ती होगी। इसके लिए कुछ गांवों को पहले से चिह्नित किया गया है। उन्हीं गांवों में निर्धारित संख्या के अनुसार चयन किया जाएगा।
आवेदन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदनों को संबंधित ग्रामसभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामसभा चयन से जुड़े प्रस्तावों पर अपनी मंजूरी देगी। इसके बाद चयन प्रक्रिया अगले स्तर पर पहुंचेगी। इस तरह भर्ती में गांव से लेकर जिला स्तर तक प्रक्रिया चलेगी।
ग्रामसभा की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी चयन प्रक्रिया
खबरों के मुताबिक, आशा कार्यकर्ता भर्ती में ग्रामसभा की अहम भूमिका होगी। ग्रामसभा चयन से जुड़े प्रस्तावों का अप्रूवल करेगी। इसके बाद प्रस्ताव आगे भेजे जाएंगे। फिर विकासखंड स्तर पर दावे और आपत्तियों का निपटारा होगा। इसके बाद जिला स्तर पर अपील की सुनवाई की जाएगी।
अंत में जिला स्वास्थ्य समिति चयन को मंजूरी देगी। इसके बाद चयनित महिलाओं के नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद चयनित महिलाओं के दस्तावेज जांचे जाएंगे। सभी दस्तावेज राज्य मुख्यालय भेजे जाएंगे। वहां उनका सत्यापन और अनुमोदन किया जाएगा। इसके बाद चयनित महिलाओं की आईडी बनाई जाएगी।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद बनेगी आईडी
जानकारी के मुताबिक, सिलेक्शन ऑर्डर जारी होने का मतलब प्रक्रिया पूरी होना नहीं है। इसके बाद डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। सिलेक्टेड महिलाओं के डॉक्यूमेंट राज्य मुख्यालय भेजे जाएंगे। वहां डॉक्यूमेंट्स की जांच होगी। जांच और मंजूरी मिलने के बाद महिलाओं की आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
इस तरह भर्ती में आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक कई चरण होंगे। महिलाओं को ग्रामसभा और जिला स्तर की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
FAQs
- कौन महिलाएं आशा कार्यकर्ता भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं?
केवल विवाहित महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनकी उम्र 21 से 45 साल के बीच है और जिन्होंने कम से कम 10वीं कक्षा पास की हो। आवेदन करने वाली महिला का संबंधित ग्रामसभा का निवासी होना भी आवश्यक है। - आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी और आवेदन कैसे किया जाएगा?
आवेदन प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 से शुरू होगी और महिलाएं 16 दिसंबर 2026 तक फॉर्म भर सकती हैं। आवेदन करने के लिए एमपी ई-सेवा पोर्टल eseva.mp.gov.in का इस्तेमाल करना होगा। - आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी?
आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती जिला स्तर पर की जाएगी, जिसमें कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। ग्रामसभा चयन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देगी और उसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन होगा।