एमपी में पहली बार एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी: भोपाल के अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगा आयोजन, 6 देशों की टीमें दिखाएंगी दम
खास बात यह है कि मैच को 166 देशों में लाइव दिखाए जाएंगे। इससे भोपाल और मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टूर्नामेंट का शुभारंभ करेंगे। खबरों के मुताबिक, आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, खेल पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।
सीएम मोहन यादव करेंगे टूर्नामेंट का शुभारंभ
प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर मंत्री विश्वास सारंग की मौजूदगी में एमओयू से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान मंत्री सारंग ने आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टूर्नामेंट का शुभारंभ करेंगे। करीब 5 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में मुकाबले होंगे। यहां फ्लड लाइट की व्यवस्था की गई है। इसकी मदद से डे-नाइट मैच खेले जाएंगे। यानी दर्शक दिन के साथ रात में भी हॉकी का रोमांच देख सकेंगे।
टूर्नामेंट को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ाने की भी तैयारी है। इसके लिए भोपाल से ट्रॉफी टूर शुरू किया जाएगा। यह टूर मध्य प्रदेश के सभी संभागों तक पहुंचेगा। इसके जरिए लोगों को प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, हॉकी के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास होगा।
हॉकी के साथ दिखेगी एमपी की जनजातीय संस्कृति
खबरों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सिर्फ हॉकी ही आकर्षण नहीं होगी। यहां मध्य प्रदेश की संस्कृति भी दिखाई जाएगी। इसके लिए आयोजन स्थल पर विशेष ट्राइबल फूड और आर्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल पर जनजातीय समाज का पारंपरिक खानपान देखने को मिलेगा। साथ ही, उनकी लोककलाओं और कला से जुड़ी चीजों को भी जगह मिलेगी। इसका मकसद जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देना है।
इस तरह विदेशी खिलाड़ी और दर्शक खेल के साथ प्रदेश की संस्कृति भी जान सकेंगे। आयोजन से मध्य प्रदेश के पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार इसे खेल और संस्कृति को साथ लाने का मौका मान रही है।
प्रदेश में 27 हॉकी फीडर सेंटर, 22 एस्ट्रोटर्फ पर प्रेक्टि
मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में हॉकी खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए कई केंद्र चल रहे हैं। प्रदेश में 27 हॉकी फीडर सेंटर संचालित हैं। इसके अलावा 13 खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर भी चल रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। प्रदेश में 22 हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान हैं। यहां खिलाड़ी रेगुलर प्रेक्टिस करते हैं। वहीं, 7 नए एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाने का काम जारी है।
मंत्री सारंग ने भोपाल को हॉकी की नर्सरी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कई अच्छे खिलाड़ी दिए हैं। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
खेल सुविधाएं बढ़ाने पर सरकार का जोर
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य खेलों को आम लोगों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भी खेल सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। नए मैदान बनाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को अभ्यास के बेहतर मौके देने पर जोर है।
सरकार का लक्ष्य भोपाल को अंतरराष्ट्रीय हॉकी के नक्शे पर पहचान दिलाना है। साथ ही, मध्य प्रदेश को बड़े खेल केंद्र के रूप में विकसित करना है। एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी इसी दिशा में अहम आयोजन माना जा रहा है। इस प्रतियोगिता से प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का माहौल मिलेगा। वहीं, भोपाल में देश-विदेश के दर्शकों का ध्यान भी पहुंचेगा। इससे खेल पर्यटन और स्थानीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
FAQs
- एशियन वीमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 भोपाल में कब होगी?
यह प्रतियोगिता 19 से 28 नवंबर 2026 तक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगी। - इस प्रतियोगिता में कौन-कौन सी टीमें खेलेंगी?
इस प्रतियोगिता में भारत के साथ जापान, चीन, मलेशिया, कोरिया और थाईलैंड की शीर्ष महिला टीमें हिस्सा लेंगी। - कैसे और कहां मुकाबले देखे जा सकेंगे?
मुकाबले 5 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में फ्लड लाइट के तहत डे-नाइट प्रारूप में होंगे, और इन्हें 166 देशों में लाइव दिखाया जाएगा।