एमपी में आयुष से आरोग्य अभियान की तैयारी, एआई से स्वास्थ्य जांच की योजना, आयुष किट के मानक अधूरे

Ramanand Tiwari | Oct 29, 2026, 20:36 IST
एमपी में आयुष से आरोग्य अभियान की तैयारी, पंचायतों तक योग और एआई से स्वास्थ्य आकलन की योजना, आयुष किट के मानक अभी तय नहीं है।
MP prepares Ayush Se Aarogya campaign with plan for yoga outreach via panchayats and AI-based health assessment, standards for Ayush kits still pending
मध्यप्रदेश में आयुष से आरोग्य अभियान की तैयारी है, लेकिन कई जरूरी व्यवस्थाएं अभी अधूरी हैं। भोपाल में आयुष विभाग पंचायतों के जरिए गांवों तक योग और स्वास्थ्य परामर्श पहुंचाना चाहता है। योजना में एआई आकलन और गर्भवती महिलाओं के लिए आयुष किट शामिल करने की तैयारी है। इसके बावजूद प्रशिक्षकों की तैनाती, औषधियों के मानक, बजट और शुरुआत की तारीख स्पष्ट नहीं हैं।

पंचायतों को जिम्मेदारी

अभियान पंचायतों तक पहुंचेगा, मगर गांवों में योग प्रशिक्षकों की उपलब्धता अभी तय नहीं है। पंचायतों को अभ्यास के लिए स्थान उपलब्ध कराना है, जबकि प्रशिक्षकों की व्यवस्था स्पष्ट नहीं है। फिलहाल आयुष वेलनेस केंद्रों के प्रशिक्षकों की सेवाएं गांवों तक पहुंचाने की तैयारी बताई गई है। हर पंचायत में प्रशिक्षक की नियुक्ति, नियमित उपस्थिति और निगरानी का स्पष्ट खाका सामने नहीं आया।



एआई से जोखिम पहचानने की तैयारी

अभियान में एआई से वात, पित्त और कफ संबंधी प्रकृति का आकलन कराने की तैयारी है। इससे स्वास्थ्य संबंधी संभावित जोखिमों के शुरुआती संकेत पहचानकर लोगों को सलाह देने की योजना है। लेकिन एआई के संकेत किसी बीमारी की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं कर सकते, इसलिए जांच जरूरी होगी। तकनीक की सटीकता, ग्रामीणों के डेटा की सुरक्षा और चिकित्सकीय रेफरल व्यवस्था फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं।



गर्भवती महिलाओं की आयुष किट में औषधियां तय नहीं

गर्भवती महिलाओं को आयुष किट देने की तैयारी है, लेकिन उसमें शामिल औषधियां तय नहीं हैं। किट की मात्रा, उपयोग के नियम, पात्रता और वितरण प्रक्रिया पर भी अंतिम निर्णय बाकी है। अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांच के लिए पंजीकृत महिलाओं को किट उपलब्ध कराने का विचार है। गर्भावस्था में औषधियों का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के बिना जोखिमपूर्ण हो सकता है, निगरानी जरूरी है। इसलिए नियमित प्रसव पूर्व जांच और जरूरी चिकित्सकीय देखभाल का स्थान आयुष किट नहीं ले सकती।



मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो राज्यों का अध्ययन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 मई को केरल-तमिलनाडु की आयुष सेवाओं के अध्ययन के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग की चार सदस्यीय टीम दोनों राज्यों की व्यवस्थाएं देखकर रिपोर्ट सौंप चुकी है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के मुताबिक तमिलनाडु में गर्भवती महिलाओं के लिए औषधि किट की व्यवस्था है। मंत्रालय के अगस्त विवरण में पिछले वर्ष 1 लाख 27 हजार 84 महिलाओं के लाभान्वित होने की जानकारी दी गई। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने प्रदेश की जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना को मूर्त रूप दिए जाने के निर्देश जिम्मेदार अफसरों को दिए।।



कुपोषण से मुकाबले की तैयारी

कुपोषित बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ काम करने की तैयारी है। लेकिन आयुष औषधियों के वितरण संबंधी मानक और उनकी उपयोगिता का विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। कुपोषण से निपटने में पौष्टिक भोजन, नियमित जांच और तय चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता देनी होगी। विभाग योग और खानपान से मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप से जुड़ी जागरूकता भी बढ़ाना चाहता है।



तीन विभागों पर जिम्मेदारी

पंचायत विभाग से बैठक हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के साथ अगली चर्चा बाकी है। अभियान में पंचायत, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभागों के बीच तालमेल बनाना जरूरी होगा। चयनित गांवों की संख्या स्पष्ट नहीं है और अभियान की शुरुआत की समयसीमा भी अज्ञात है। ऐसे में योजना का वास्तविक असर प्रशिक्षकों, जांच सुविधाओं और सुरक्षित वितरण व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

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