NABH सर्टिफिकेट न देने पर MP के 126 अस्पताल आयुष्मान से बाहर, मुफ्त इलाज बंद

Amresh Kushwaha | Apr 05, 2026, 08:31 IST
mp ayushman hospitals empanelment cancelled nabh
मध्यप्रदेश में 126 अस्पतालों की आयुष्मान भारत मान्यता रद्द हो गई है। NABH सर्टिफिकेट न देने पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के अस्पताल प्रभावित हुए हैं। अब इन अस्पतालों में गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।

News In Short

  • मध्यप्रदेश में 126 अस्पतालों की आयुष्मान भारत मान्यता खत्म कर दी गई है।
  • इन अस्पतालों ने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी समय पर नहीं दी।
  • भोपाल के 51, इंदौर के 30, ग्वालियर के 33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं।
  • अब इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज नहीं होगा।
  • NABH सर्टिफिकेट लेने वाले अस्पतालों को दोबारा योजना से जोड़ा जाएगा।

News In Detail

MP में 126 अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई

मध्यप्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा फैसला लिया है। राज्य के चार बड़े शहरों के 126 अस्पतालों की मान्यता रद्द कर दी गई है। इन अस्पतालों ने NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट की जरूरी जानकारी तय समय में नहीं दी थी।



आयुष्मान कार्यालय ने पहले इन सभी अस्पतालों को नोटिस भेजा था। जवाब न मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। अब इन अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को योजना के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।



4 शहरों में कितने अस्पताल प्रभावित

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH जानकारी नहीं दे सके। भोपाल में सबसे ज्यादा 51 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है।



इंदौर के 30, ग्वालियर के 33 और जबलपुर के 12 अस्पताल इस सूची में आए हैं। यानी अकेले भोपाल और इंदौर में 81 अस्पताल प्रभावित हुए हैं। यह संख्या राज्य के बड़े शहरों के लिए चिंता की बात है।



मरीजों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता- आयुष्मान CEO

आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने इस फैसले को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है ताकि मरीजों को सुरक्षित इलाज मिल सके।



इन अस्पतालों के नाम सूची में

Hospital Name
स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल
आधोशहर हॉस्पिटल
यूनिटिक हॉस्पिटल
अयोध्या श्री हॉस्पिटल एंड प्राइम सेंटर प्लानपी
डॉक्टर मल्टीस्पेशलिटी ट्रॉमा एंड क्रिटिकल केयर सेंटर
बालाजी क्रेटर जनरल हॉस्पिटल
यथा हॉस्पिटल
हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
अटल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
पिगज़ीन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड सिवस सेंटर
सुरेश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
लाइफलाइन हॉस्पिटल
अंतर्राष्ट्रीय हॉस्पिटल
वी केयर क्लिनिकल हॉस्पिटल
महावीर इंटरनेशनल मेडिकल साइंस एंड रिसर्च
आर्केडिक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
पुष्पाजोति सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
क्षमा हॉस्पिटल
न्यूरियन ट्रॉमा सेंटर एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
संजीवनी हॉस्पिटल
सहना हॉस्पिटल
बालाजी चिल्ड्रन हॉस्पिटल
गुडविल हॉस्पिटल
वीना कॉलेज एंड हॉस्पिटल (VCH हॉस्पिटल)
अल रशीद बैरीरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
संकलन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
पक्षी हॉस्पिटल
परस्ना हॉस्पिटल
आयर्य निधि हॉस्पिटल
पीएमसीएच हॉस्पिटल
साई श्री हॉस्पिटल
जगन्नाथ आई केयर सेंटर (डे केयर सेंटर)
विवेक हॉस्पिटल
मुरल हॉस्पिटल
सचिन ममता हॉस्पिटल
कुम्भ हॉस्पिटल
भोपाल टेस्ट दब्ब बाबी सेंटर
पालवानी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
हॉप हॉस्पिटल
स्वामी विवेकानंद रीजनल स्पाइन सेंटर
मुस्कान चिल्ड्रन एंड जनरल हॉस्पिटल
अवधेश मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
मेसर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
ग्रीन सिटी हॉस्पिटल
केयर एंड केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
केंद्रीय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
वयस्क हॉस्पिटल
सेल हॉस्पिटल

NABH सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है

NABH सर्टिफिकेट अस्पताल की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पताल की जांच होती है। इनमें मरीज की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और इमरजेंसी सेवाएं शामिल हैं।



नर्सिंग स्टाफ की क्षमता और सर्जरी प्रक्रियाओं को भी परखा जाता है। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीज को भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है। बिना इस प्रमाण के योजना में बने रहना अब संभव नहीं होगा।



फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा

जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है उन्हें डीम्ड इंपैनलमेंट (Deemed Impanelment) का फायदा मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को आवेदन करते ही सीधे योजना से जोड़ा जाएगा। उन्हें अलग से किसी निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी।



जिन अस्पतालों के पास फुल NABH नहीं है उन्हें पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा। इसके बाद तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। यह एक चरणबद्ध व्यवस्था है जिससे छोटे अस्पताल भी तैयार हो सकें।



गुणवत्ता के हिसाब से मिलेगा भुगतान

आयुष्मान अस्पताल को उनकी सेवा गुणवत्ता के आधार पर भुगतान मिलेगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। एंट्री लेवल NABH वाले अस्पतालों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान का लाभ मिलेगा।



इस नीति का मकसद है कि अस्पताल बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रेरित हों। जो जितनी अच्छी सेवा देगा उसे उतना ज्यादा फायदा मिलेगा। यह व्यवस्था अस्पतालों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाएगी।



मरीज देंगे फीडबैक, बढ़ेगी पारदर्शिता

अब अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में मरीजों की भूमिका भी होगी। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे। इस फीडबैक के आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।



इससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई करना भी आसान होगा। यह कदम आम मरीजों को सशक्त बनाने की दिशा में अहम है।



ये खबर भी पढ़िए...



MP में आयुष्मान अस्पतालों के बदले नियम, आज से बिना NABH सर्टिफिकेट एंट्री बंद!



आयुष्मान योजना और मतदाता सूची विवाद ने विधानसभा में मचाया हंगामा



31 मार्च के बाद MP के 60% बड़े निजी अस्पतालों में नहीं चलेगा आयुष्मान कार्ड



आयुष्मान भारत योजना: अब इन परिवारों को भी मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • आयुष्मान योजना
  • आयुष्मान भारत योजना
  • आयुष्मान भारत
  • आयुष्मान अस्पताल