महाकाल लोक बनाने वाली बाबरिया कंपनी 67 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी में उलझी, जमानत खारिज
News In Short
- महाकाल लोक बनाने वाली एमपी बाबरिया कंपनी पर केस दर्ज हुआ है।
- कंपनी पर 67 करोड़ 74 लाख की फर्जी बैंक गारंटी का आरोप लगा है।
- सीबीआई ने कंपनी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
- आरोपी मनोज बाबरिया की अग्रिम जमानत खारिज दी गई है।
- यह पूरा मामला जल निगम के प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
News In Detail
मध्य प्रदेश जल निगम में तीर्थ गोपीकॉन कंपनी द्वारा फर्जी 184 करोड़ की बैंक गारंटी का केस और बड़ा हो गया है। जल निगम में ही करोड़ों के ठेके लेने के मामले में अब सीबीआई भोपाल ने सूरत (गुजरात) की कंपनी एमपी बाबरिया व अहमदाबाद की मेसर्स अंकिता कंस्ट्रक्शन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
यह केस 67 करोड़ 74 लाख की फर्जी बैंक गारंटी देने के मामले में हुआ है। सीबीआई ने इन कंपनियों पर गंभीर धाराएं लगाई हैं।
बाबरिया ने कोर्ट में यह रखी थी बात
इस मामले में सूरत, गुजरात के रहने वाले आरोपी मनोज पिता पुरुषोत्तम बाबरिया की अग्रिम जमानत याचिका इंदौर जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है।
बाबरिया ने इसमें खुद को निर्दोष बताया है। बाबरिया के अनुसार, सब कांट्रेक्टर निकुंज पोकिया ने राहुल गुप्ता के जरिए यह 33.87 करोड़ व 33.87 करोड़ रुपए की दो बैंक गारंटी बनवाकर दीं।
मुझे इसकी वैधता की जानकारी नहीं थी। हमें जून 2023 में मध्यप्रदेश जल निगम से लाखुंदर मल्टी विलेज स्कीम प्रोजेक्ट मिला था।
बाबरिया ने बताया कि जब अप्रैल 2025 में फर्जी बैंक गारंटी होने का नोटिस आया तो हमने तत्काल दूसरी 24 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी बनाकर विभाग में जमा कर दी। हमारा प्रोजेक्ट अभी भी चल रहा है और काम कर रहे हैं। साथ ही नियमित भुगतान भी हो रहा है।
महाकाल लोक और पीएम से उद्घाटन की बात रखी
बाबरिया ने इसमें अपने काम गिनाते हुए कहा कि हमने 16 मल्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। इसमें उज्जैन का महाकाल लोक कॉरिडोर भी है। इसका उद्घाटन खुद पीएम ने किया था। लेकिन राहुल गुप्ता के चलते मुझे इस केस में आरोपी बनाया गया है। इसमें हमारी गलती नहीं है।
सीबीआई ने रखी यह बात
उधर सीबीआई ने कोर्ट में तर्क रखा कि जल निगम के एमडी केवीएस चौधरी की शिकायत पर यह केस दिसंबर 2025 में दर्ज किया गया था। इसमें तीर्थ गोपीकॉन पर भी पहले हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हुई और केस किया गया।
शिकायत में था कि मेसर्स एमपी बाबरिया, अंकिता कंस्ट्रक्शन जेवी व अन्य व्यक्तियों द्वारा फर्जी बैंक गारंटी दी गई है। इसमें मनोज बाबरिया और राहुल गुप्ता ने साजिश की है।
बाबरिया द्वारा राहुल गुप्ता को भुगतान भी किए गए। यह गारंटी मजोदिया मल्टी विलेज स्कीम व लाखुंदर प्रोजेक्ट के लिए दी थी।
कोर्ट ने जमानत की खारिज
सभी तर्कों को सुनने के बाद जिला कोर्ट ने इस मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही सीबीआई ने यह भी बताया कि आरोपी सीबीआई के सामने पेश नहीं हो रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि पहले तीर्थ गोपीकॉन के केस में प्रमुख महेश कुंभानी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। साथ ही अन्य आरोपियों को भी सीबीआई ने पकड़ा है।
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