MP में 80 किमी फोरलेन सड़क: बदनावर-टिमरवानी कॉरिडोर को कैबिनेट मंजूरी, कनेक्टिविटी बढ़ाने पर 3839 करोड़ खर्च
मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बदनावर-टिमरवानी फोर लेन सड़क परियोजना (Badnawar-Timrawani Four Lane Road Project) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।
करीब 80.45 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना (Highway Development Project) के निर्माण पर लगभग 3,839 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश के कई जिलों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देना और बड़े राष्ट्रीय मार्गों से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने इस सड़क को 2028 में होने वाले सिंहस्थ (Simhastha 2028) से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
बदनावर-टिमरवानी फोर लेन सड़क परियोजना क्या है
बदनावर-टिमरवानी फोर लेन सड़क (Badnawar Timrawani Four Lane Road) परियोजना मध्य प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सड़क बदनावर, पेटलावद, थांदला और टिमरवानी के बीच बनाई जाएगी। इस सड़क के निर्माण से इन क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- कुल लंबाई: 80.45 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: 3,839 करोड़ रुपए
- निर्माण लक्ष्य: 2028 से पहले
- प्रमुख मार्ग: बदनावर – पेटलावद – थांदला – टिमरवानी
- परियोजना का उद्देश्य: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाना
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी नई सड़क
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सड़कदिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) से कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे में शामिल यह मार्ग व्यापार, उद्योग और पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। नई फोर लेन सड़क बनने के बाद मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंचना और आसान हो जाएगा।
35 गांवों पर पड़ेगा परियोजना का असर
सरकार के अनुसार इस परियोजना से करीब 35 गांव प्रभावित होंगे। हालांकि इन गांवों के लिए सड़क निर्माण के दौरान पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। सड़क बनने के बाद इन ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा, बाजार तक पहुंच और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।
सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने इस परियोजना को सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सिंहस्थ भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
जल जीवन मिशन 2.0 को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 (Jal Jeevan Mission 2.0) को भी मंजूरी दी है। इस मिशन के तहत दिसंबर 2028 तक देश के 12.6 करोड़ ग्रामीण घरों को नल से जल कनेक्शन (Tap Water Connection) देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का कुल बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है।
मदुरै एयरपोर्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा
केंद्रीय कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट (Madurai Airport) को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने का भी फैसला लिया है। तमिलनाडु का यह शहर ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रेलवे सेक्टर में भी बड़ा निवेश
केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सांतरागाछी-खड़गपुर और सैंथिया-पाकुर (Santragachi-Kharagpur Railway Line) के बीच चौथी रेलवे लाइन बिछाने के लिए करीब 4,400 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है।
जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए नई सड़क
कैबिनेट ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए 31.42 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क (Greenfield Expressway) को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 3,630.77 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस सड़क का सबसे अहम हिस्सा 11 किलोमीटर लंबी एलीवेटेड रोड (Elevated Road) होगी।
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