MP में 1160 करोड़ का चावल घोटाला: 13 आरोपियों पर FIR,राइस मिलर्स पिता-पुत्र फरार

Sanjay Dhiman | Jul 11, 2026, 21:51 IST
Photograph: (the sootr)
बालाघाट में 1160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। 13 से ज्यादा आरोपी बनाए गए, चार गिरफ्तार हुए। संचेती राइस मिल के पिता-पुत्र फरार हैं। SIT जांच कर रही है, पूर्व सांसद ने CBI जांच की मांग उठाई है।

बालाघाट में 1160 करोड़ रुपए का फोर्टिफाइड चावल घोटाला सामने आया है। पुलिस ने वारासिवनी थाने में FIR दर्ज कर ली है। मामले में 13 से ज्यादा लोग आरोपी बनाए गए हैं। संचेती राइस मिल के संचालक पिता-पुत्र फरार हैं। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



तीन जून को हुई शुरुआत

यह मामला 3 जून को सामने आया था। वारासिवनी क्षेत्र में एक ट्रक पकड़ा गया था। ट्रक में सरकारी फोर्टिफाइड चावल भरा हुआ था। यह चावल बालाघाट के एफसीआई (FCI – Food Corporation of India) गोदाम से निकला था। इसे छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट भेजा जाना था।



शुरुआत में सिर्फ एक ट्रक का मामला लगा। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पूरा नेटवर्क सामने आया। कई ट्रक, कई राइस मिलर्स और ट्रांसपोर्टर इसमें शामिल मिले।



कैसे होता था मुनाफे का खेल

सरकारी सिस्टम से चावल करीब 2320 रुपए प्रति क्विंटल में निकलता था। इसे बाजार में करीब 2800 रुपए प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा था। हर क्विंटल पर अच्छा मुनाफा कमाया जा रहा था। यह मुनाफा नेटवर्क के अलग-अलग लोगों में बंटता था।



जांच में यह भी सामने आया कि कार्रवाई में देरी हुई। कुछ अधिकारी जांच के दायरे में आने से डर रहे थे। इसी वजह से मामला लंबे समय तक दबा रहा।



किन लोगों पर हुआ मामला दर्ज

पुलिस ने FIR में 13 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया है। गिरफ्तार आरोपियों में ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे शामिल हैं। एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप भी गिरफ्तार हुए हैं। इसके साथ प्लांट सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और ट्रांसपोर्टर उबेद खान भी पकड़े गए हैं।



संचेती राइस मिल के संचालक गंभीर संचेती फरार हैं। उनके बेटे सौरभ संचेती भी फरार हैं। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।



SIT कर रही है पूरे मामले की जांच

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने इस मामले की पुष्टि की है। उनके मुताबिक 20 से 25 सदस्यीय एसआईटी (SIT – Special Investigation Team) बनाई गई है। टीम अब तक 17 ट्रक जब्त कर चुकी है। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।



सिवनी के दो राइस मिलर्स को भी नोटिस दिया गया है। तकनीकी सबूतों के आधार पर 5 से 6 लोगों के बयान दर्ज हुए हैं। जांच अभी जारी है और और भी नाम सामने आ सकते हैं।



CBI जांच की उठी मांग

इस मामले में अब सवाल और तेज हो गए हैं। सरकारी चावल की सप्लाई सिर्फ एक प्लांट तक सीमित नहीं थी। इससे बड़े नेटवर्क की आशंका बढ़ गई है।



पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने एक पूर्व मंत्री और उनके भाई पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) जांच की मांग की है।



आगे क्या हो सकता है

पुलिस अब फरार पिता-पुत्र की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसी और सबूत जुटा रही है। अगर नेटवर्क बड़ा निकला तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। राज्य सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है।



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