5 नंबर मार्केट के रिडेवलपमेंट पर घिरा MPHODB, दो साल में हुआ निर्माण एजेंसी का चयन, अब तक 1.73 करोड़ का नुकसान

Sanjay Sharma | May 06, 2026, 18:30 IST
Photograph: (the sootr)
एमपी के पहले रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र की कंपनी फाइनल। भोपाल के 5 नंबर मार्केट में 650 करोड़ से 20 मंजिला 8 टॉवर बनेंगे। 380 फ्लैट, 130 दुकानें। पुराने मालिकों को नए फ्लैट-शॉप मिलेंगे। 2023 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट।

News in Short

  • हाउसिंग बोर्ड की प्लानिंग से पिछड़ गया रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट
  • 20 माह से बोर्ड चुका रहा शिफ्ट हुए परिवारों का किराया
  • प्रदेश के पहले रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर उठ रहे हैं सवाल
  • 700 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र की कंपनी फाइनल
  • 20-20 मंजिला 8 टॉवर में बनेंगे 380 फ्लैट और 130 दुकान
  • पुराने रहवासी और दुकानदारों को मिलेंगे नए मकान- दुकान

News in Detail

BHOPAL. बार- बार प्लानिंग में गड़बड़ी और गलतियों से सबक न लेना एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड पर भारी पड़ रहा है। मध्य प्रदेश आवास एवं अधोसंरचना विकास मंडल ( MPHIDB) का प्रोजेक्ट की खटाई में पड़ गया है। राजधानी के पॉश इलाके के रिडेवलपमेंट की प्लानिंग में हाउसिंग बोर्ड से चूक हुई है। 700 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा करना था। इसके तहत 5 नंबर मार्केट एरिया में 380 फ्लैट और 130 दुकानों का निर्माण होना है।



प्रोजेक्ट को 2023 में स्वीकृति मिली थी। आधी अधूरी तैयारियों के चलते केवल 148 परिवारों की शिफ्टिंग ही हो सकी। अब इनका किराया बीते 20 माह से हाउसिंग बोर्ड उठा रहा है। जबकि दर्जनों आवास और दुकानें खाली न होने से रिडेवलपमेंट का काम ही शुरू नहीं हो पाया है। वहीं दुकानदारों की शिफ्टिंग के लिए अस्थायी मार्केट पर हुआ खर्च भी बेमानी साबित हो रहे हैं।



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घनी आबादी वाले शहरों के लिए अहम है प्रोजेक्ट

पहले आपको बताते हैं आखिर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट है क्या ? दरअसल हाउसिंग बोर्ड अन्य बड़े शहरों के लिए रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रिडेवलपमेंट और रिडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट घनी आबादी वाले शहरों के लिए हैं। जहां पर आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पुनर्विकास की जरूरत है। इसके तहत पुराने आवास और मार्केट की जगह मल्टीस्टोरी बिल्डिंग तैयार कर लोगों की शिफ्टिंग की जानी है। जिससे कम जगह में ज्यादा लोगों को रहने की सुविधा देकर और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जा सकें। राजधानी के 5 नंबर मार्केट को इसी प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। यह मध्य प्रदेश का पहला रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट भी है।



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प्लानिंग में कमी से शुरूआत में ही हुआ नुकसान

हाउसिंग बोर्ड ने सरकार की रिडेवलपमेंट नीति पर 2023 में प्लानिंग शुरू की थी। बोर्ड ने कंसल्टेंट एजेंसियों की मदद से करीब 700 करोड़ की लागत का प्लान तैयार किया। इसके तहत 5 नंबर मार्केट के 165 रहवासी और 65 दुकानदारों को नोटिस थमाए गए थे। हाउसिंग बोर्ड से लोगों की शिफ्टिंग में यहीं चूक हो गई। दुकानदार और रहवासियों की शिफ्टिंग शुरू की गई।



148 परिवारों को अक्टूबर 2024 में शिफ्ट किया गया, लेकिन कई दुकानदार और रहवासी कोर्ट चले गए। इस वजह से शिफ्टिंग का काम अटक गया। वहीं जिन 148 लोगों को शिफ्ट किया गया था अब उनके किराए पर हर माह 8.66 लाख रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। बीते 20 माह में यह राशि 1.73 करोड़ तक पहुंच गई है। अब इसमें 20 नए परिवार और दुकानों की शिफ्टिंग का भार भी बढ़ गया है।



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दो साल से चस्पा है नोटिस, एक इंच नहीं बढ़ा काम

हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट को लेकर कितना संजीदा है यह 5 नंबर साइट को देखकर समझा जा सकता है। यहां बोर्ड के ऑफिस के सामने एक शेड पर पुनर्विकास नीति के तहत कार्य प्रगति पर होने का नोटिस चस्पा है। नोटिस दो साल से लगा है लेकिन काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा है।



रहवासी और दुकानदारों की शिफ्टिंग का रोना रो रहे अधिकारी बोर्ड के दफ्तर को ही खाली नहीं करा पाए हैं। यहां अब भी ताले लगे हुए हैं। जबकि इमारत को खंडहर घोषित किया जा चुका है। ऐसे में किसी हादसे की जिम्मेदारी किसकी होगी इस पर अधिकारी चुप हैं।



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सवालों में घिरा एमपी का पहला रिडेव्लपमेंट प्रोजेक्ट

राजधानी भोपाल के 5 नंबर मार्केट के रिडेवलपमेंट का प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश का पहला प्रोजेक्ट भी है। इस लिहाज से इस पर सभी की नजरें हैं। सरकार को भी इस प्रोजेक्ट से बड़ी उम्मीद है। इसके लिए तीन- चार या उससे भी पुरानी सरकारी बसाहट और भवनों को तोड़कर बहुमंजिला इमारतों की प्लानिंग की जा रही है।



प्रोजेक्ट की कमान हाउसिंग बोर्ड के पास है, लेकिन प्लानिंग पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। प्रोजेक्ट शुरूआत में ही दो साल पिछड़ चुका है। प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा करना था लेकिन अब तक शिफ्टिंग भी पूरी नहीं हुई है।



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रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट 24 महीने बाद बढ़ा आगे

5 नंबर मार्केट में रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 20 मंजिला 8 इमारतें बनेंगी। प्रोजेक्ट शुरूआत में कई पेंचों में उलझा रहा। पहले लोग मकान और दुकान खाली करने राजी नहीं हुए। आधी अधूरी शिफ्टिंग के कारण प्रोजेक्ट के लिए एजेंसी का चयन भी अटका रहा। हांलाकि अब दुकानों की शिफ्टिंग पर सहमति बन चुकी है, लेकिन उन्हें अस्थायी दुकानों में पहुंचने में अभी भी समय लगना तय है। वहीं हाउसिंग बोर्ड द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।



टेंडर में बंसल कंस्ट्रक्शन, सीएमएके प्रोजेक्ट्स बेंगलुरु, बीपीसी इंफ्रा रांची, इंद्रजीत मेहता कंस्ट्रक्शन गुडगांव सहित 9 कंपनियां बिडिंग में शामिल हुई थी। तकनीकी मूल्यांकन और फाइनेंसियल बिड के बाद महाराष्ट्र की कंपनी पर सहमति बन गई है।



दोगुना आवास और दुकानों का होगा निर्माण

रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 5 नंबर मार्केट का पुनर्विकास किया जा रहा है, उसकी क्षमता दोगुना से अधिक हो जाएगी। 20 मंजिल वाले 8 टॉवरों में 380 फ्लैट और 130 दुकानें होंगी। इनमें 1 बीएचके आवासों की संख्या 80, 2 बीएचके आवास 120 और 3 बीएचके आवासों की संख्या 40 होगी। वहीं 120 आवास 4 बीएचके जबकि 40 आवास 5 बीएचके भी होंगे। इस एरिया से जिन रहवासी और दुकानदारों को शिफ्ट किया गया है उन्हें नए मकान और दुकानों में जगह मिलेगी। जबकि बाकी की दुकान और आवास बेंचकर डेव्लपर कंपनी प्रोजेक्ट की लागत निकालेगी।



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शिफ्टिंग के कारण हुई देरी, अब तेजी से होगा काम

मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त (आवास) महेश साहू का कहना है यह प्रोजेक्ट घनी आबादी वाले शहरों के लिए अहम है। पांच नंबर मार्केट में प्रोजेक्ट में शिफ्टिंग संबंधी कारणों से देरी हुई है। अब सारे अवरोध दूर हो गए हैं और निर्माण एजेंसी की चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। अब प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेगा।



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