मध्यप्रदेश भाजपा कोर कमेटी: शिवराज-मोहन पर अटकलों के बीच रिपोर्ट कार्ड का दांव, राज्यसभा का फैसला दिल्ली में
'मामा-फूफा' की चर्चा के बीच कोसमी विवाद फिर सुर्खियों में
बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव के रिश्तों पर चर्चाएं फिर तेज हुईं। इसकी पृष्ठभूमि में सीहोर के कोसमी गांव का विवाद है। यहां आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने पर विवाद हुआ था। शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से सवाल किए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की थी। हालांकि बैठक की तस्वीरों से दोनों नेताओं के बीच निजी नाराजगी की पुष्टि नहीं होती।
जनता के सामने आएगा जनप्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड?
कोर कमेटी में जनप्रतिनिधियों के कामकाज को सार्वजनिक करने की योजना पर चर्चा हुई। मंत्रियों और विधायकों के कार्यों का विवरण सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। सांसदों के कामकाज की जानकारी भी इसी व्यवस्था से उपलब्ध कराने पर विचार हुआ। यह व्यवस्था लागू होने पर जनता अपने प्रतिनिधियों के कामकाज की जानकारी देख सकेगी। उनके दावों और वास्तविक कार्यों का आकलन करना भी आसान होगा। हालांकि पोर्टल शुरू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। आंकड़ों की जांच और जवाबदेही से जुड़े नियमों की जानकारी भी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को पद की शपथ ली थी। उनके कार्यकाल के तीन साल दिसंबर 2026 में पूरे होंगे।
राज्यसभा के चार-पांच दावेदार
बैठक में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई। चार से पांच नामों पर मंथन किया गया। मध्यप्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों के नेताओं को भी मौका देने की संभावना जताई गई। संभावित उम्मीदवारों का पैनल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला दिल्ली में होगा।
तीन बड़े शहरों में रैलियां, एक लाख लोगों का लक्ष्य
भाजपा ने प्रदेश के तीन बड़े शहरों में रैलियां आयोजित करने का फैसला किया है। ये रैलियां इंदौर और भोपाल के साथ जबलपुर में होंगी। इनका आयोजन 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने इन कार्यक्रमों में करीब एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हालांकि प्रत्येक रैली की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
केंद्रीय योजनाओं के लिए मंत्रियों और सांसदों में तालमेल
केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए प्रदेश के मंत्रियों की विशेष टीम बनाई जाएगी। हर केंद्रीय मंत्रालय के साथ मध्यप्रदेश के एक सांसद को जोड़ने की व्यवस्था पर विचार हुआ। इससे केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। राज्य के मंत्री और सांसद संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे।
बिरसा मुंडा जयंती और समान नागरिक संहिता पर चर्चा
बैठक में 15 नवंबर को होने वाली बिरसा मुंडा जयंती की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा पर विचार किया गया। समान नागरिक संहिता को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। हालांकि इसे लागू करने की कोई तारीख सामने नहीं आई है।