18वीं लोकसभा में मध्यप्रदेश के सांसदों का रिपोर्ट कार्ड, वोट तो खूब मिले पर संसद में छाई रही चुप्पी
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों ने एक लाख से लेकर 11 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन जब संसद में जनता की समस्याएं उठाने का समय आया तो अधिकतर सांसद चुप्पी साधे बैठे रहे।
कुछ तो ऐसे थे जिन्होंने अपनी आवाज उठाना भी जरूरी नहीं समझा। 18वीं लोकसभा के सात सत्रों में जिन सांसदों की कागजों पर 100 प्रतिशत उपस्थिति दिख रही थी, वे ज्यादा तर मुद्दों पर खामोश रहे।
मध्यप्रदेश के सांसदों ने औसतन 4 घंटे 23 मिनट 25 सेकंड ही बोला है, जो देश भर के सांसदों की हिस्सेदारी का सिर्फ 3.62 प्रतिशत है।
खामोश सांसदों में कौन-कौन शामिल?
ये भी अजीब है कि 18वीं लोकसभा में पांच सांसद ऐसे हैं जिनकी स्पीच ट्रैकिंग में कोई भी बोलने का वक्त ही नहीं आया। इनमें रोडमल नागर, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, बंटी विवेक साहू, जनार्दन मिश्रा और सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी शामिल हैं।
हैरानी की बात ये है कि नागर, हिमाद्री और जनार्दन की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही है। सबसे ज्यादा समय 24.49 मिनट सतना के सांसद गणेश सिंह ने बोला है।
देश के 543 सांसदों में से 425 सांसदों ने इन सत्रों में बोलने का समय लिया है। 399 सांसदों ने अपनी बात रखी, जबकि 24 सांसद पूरी तरह चुप रहे।
इन खामोश सांसदों में मध्यप्रदेश से नागर और हिमाद्री भी शामिल हैं। वहीं बंटी, जनार्दन और महेंद्र सिंह इन सत्रों में रिकॉर्ड में मौजूद नहीं थे।
सबसे ज्यादा बोलने वाले सांसद
सबसे ज्यादा बोलने वाले सांसदों में पहले नंबर पर गणेश सिंह हैं। इन्होंने 24 मिनट 49 सेकंड बोला है। इसके बाद दर्शन सिंह चौधरी 22 मिनट 58 सेकंड, बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता 17 मिनट 11 सेकंड, भारती पारधी 16 मिनट 27 सेकंड और लता वानखेड़े 15 मिनट 41 सेकंड के साथ पांचवे नंबर पर हैं।
शून्य बोलने वाले सांसद
शून्य (00:00) बोलने वाले सांसदों में बंटी विवेक साहू, जनार्दन मिश्रा, महेंद्र सिंह सोलंकी, हिमाद्री सिंह और रोडमल नागर शामिल हैं, जिन्होंने कोई भी वक्तव्य नहीं दिया।
| सांसद | बोले (मिनट:सेकंड) | डिबेट | सवाल | प्राइवेट बिल |
| गणेश सिंह | 24:49 | 35 | 119 | 02 |
| दर्शन सिंह चौधरी | 22:58 | 41 | 121 | 02 |
| सुधीर गुप्ता | 17:11 | 41 | 231 | 00 |
| भारती पारधी | 16:27 | 45 | 221 | 03 |
| लता वानखेड़े | 15:41 | 21 | 99 | 00 |
| अनिल फिरोजिया | 12:03 | 11 | 11 | 00 |
| राजेश मिश्रा | 09:20 | 29 | 207 | 00 |
| राहुल सिंह लोधी | 09:01 | 07 | 62 | 00 |
| संध्या राय | 07:07 | 11 | 53 | 00 |
| आशीष दुबे | 06:34 | 20 | 58 | 00 |
| शंकर लालवानी | 05:42 | 19 | 15 | 00 |
| भारत सिंह कुशवाह | 05:41 | 08 | 44 | 00 |
| ज्ञानेश्वर पाटिल | 03:49 | 13 | 212 | 00 |
| अनीता नागर | 02:37 | 23 | 64 | 00 |
| फग्गन सिंह कुलस्ते | 02:00 | 05 | 17 | 00 |
| आलोक शर्मा | 01:01 | 10 | 214 | 00 |
| गजेंद्र सिंह पटेल | 01:00 | 12 | 76 | 00 |
| वी.डी. शर्मा | 00:55 | 07 | 13 | 00 |
| शिवमंगल तोमर | 00:45 | 01 | 35 | 00 |
| बंटी विवेक साहू | 00 | 07 | 73 | 00 |
| जनार्दन मिश्रा | 00 | 17 | 16 | 00 |
| महेंद्र सिंह सोलंकी | 00 | 00 | 79 | 00 |
| हिमाद्री सिंह | 00 | 06 | 15 | 00 |
| रोडमल नागर | 00 | 24 | 41 | 00 |
विवेक बंटी साहू भी संसद में कम सक्रिय
छिंदवाड़ा सीट पर पहली बार भाजपा की जीत दर्ज करने वाले विवेक बंटी साहू भी संसद में ज्यादा सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को हराया था। बंटी साहू ने केवल सात डिबेट में हिस्सा लिया और 73 सवाल उठाए। उनकी हाजिरी भी कम रही है।
सांसद संध्या राय की बढ़ी सक्रियता
वहीं भिंड की सांसद संध्या राय को आसंदी पर ज्यादा समय मिलता है। इससे उनकी सक्रियता संचालन में बढ़ी है। हालांकि ये समय उनकी स्पीच के परफॉर्मेंस में नहीं गिना जाता है।
2024 के चुनाव में मध्यप्रदेश से भाजपा ने पहली बार सभी 29 सीटें जीती थीं। इसलिए इन सांसदों की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ गई है।
डिबेट के मामले में कौन आगे?
डिबेट की बात करें तो डिबेट में भारती पारधी 45 डिबेट के साथ पहले नंबर पर हैं। दर्शन सिंह और सुधीर गुप्ता 41-41 डिबेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा राजेश मिश्रा 29 डिबेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
राजेश मिश्रा की हाजिरी 100 प्रतिशत रही
हाजिरी के मामले में बंटी और आलोक सबसे कम उपस्थिति वाले हैं। वहीं, भारती पारधी, गजेंद्र सिंह, हिमाद्री सिंह, जनार्दन मिश्रा, संध्या राय और राजेश मिश्रा ऐसे सांसद हैं जिनकी हाजिरी 100 प्रतिशत रही है। बाकी ज्यादातर सांसदों की उपस्थिति 75 से 90 प्रतिशत के बीच है। बजट सत्र में बंटी की हाजिरी 45 प्रतिशत और आलोक की 71 प्रतिशत रही है।
ये खबरें भी पढ़िए...
भूपेश बघेल और कांग्रेस ने क्यों रोकी ईडी की जांच ; सांसद ने विदेशी फंडिंग पर दागे सवाल
एमपी न्यूज: विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को : नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा
मध्यप्रदेश न्यूज: कर्मचारियों का वेतन मामला SC पहुंचा, सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
साइबर ठगी के खिलाफ एमपी सरकार का बड़ा कदम, 5 IAS सहित 8 अफसरों की बनाई स्पेशल टीम