भाजपा युवा मोर्चा की किस्तों में नियुक्तियां: 11 महीने बाद 19 जिलाध्यक्ष घोषित, पांच जिलों में महामंत्री के नाम गायब
करीब 11 महीने से अलग-अलग चरणों में हो रही नियुक्तियों ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
11 महीने में भी पूरी नहीं हुईं नियुक्तियां
मध्यप्रदेश भाजपा युवा मोर्चा में जिला स्तर की नियुक्तियां लगातार अलग-अलग चरणों में हो रही हैं। संगठन ने 29 अक्टूबर को एक और सूची जारी की है। इसमें 19 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष और 14 जिला महामंत्री घोषित किए गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से यह नियुक्तियां की हैं। आदेश पर श्याम टेलर के हस्ताक्षर हैं।
श्याम टेलर को 22 नवंबर 2025 को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद नई टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन जिलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
दो अप्रैल को प्रदेश पदाधिकारियों की टीम घोषित हुई। इसके बाद 19 जुलाई को 15 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की गई। फिर 20 अगस्त को 12 अन्य जिलों के अध्यक्ष बनाए गए।
अब अक्टूबर में 19 और जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है। इस तरह जुलाई, अगस्त और अक्टूबर की सूचियों में कुल 46 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं।
पांच जिलों में महामंत्रियों के नाम नहीं
29 अक्टूबर को जारी भाजपा युवा मोर्चा की मूल नियुक्ति सूची में 19 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष और 14 जिला महामंत्रियों के नाम दर्ज हैं।
सागर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और नीमच में जिलाध्यक्षों के नाम तो घोषित किए गए हैं, लेकिन इन पांच जिलों के लिए जिला महामंत्री का नाम सूची में दर्ज नहीं है।
सागर में जसवंत राठौर, उमरिया में आशुतोष तिवारी, डिंडौरी में सत्यम मानिकपुरी, मंडला में उत्कर्ष यादव और नीमच में रवि पाटीदार को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
हालांकि, मूल आदेश में यह नहीं बताया गया है कि इन जिलों के महामंत्रियों के नाम क्यों नहीं दिए गए हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इनके लिए अलग से नियुक्ति आदेश जारी होगा या नहीं।
हेमंत खंडेलवाल की सहमति से हुईं नियुक्तियां
भाजपा युवा मोर्चा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट लिखा है कि नियुक्तियां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की गई हैं।
ऐसे में संगठन के भीतर नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के करीब 11 महीने बाद भी जिलों में अलग-अलग चरणों में पदाधिकारी घोषित किए जा रहे हैं।
हालांकि, संगठन की ओर से नियुक्तियों में लगे समय का कारण नहीं बताया गया है। आदेश में चयन प्रक्रिया या नाम तय करने में हुई देरी का भी कोई उल्लेख नहीं है।
जिला नेतृत्व तय होने में महीनों क्यों लगे?
भाजपा युवा मोर्चा की जिम्मेदारी युवाओं को पार्टी से जोड़ने और जिला स्तर पर संगठन की गतिविधियां चलाने की है।
ऐसे में नई जिला टीमों की घोषणा में कई महीने लगने से संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिन जिलों में नए अध्यक्ष घोषित नहीं हुए थे, वहां संगठन का कामकाज किस व्यवस्था से चल रहा था? क्या पुराने पदाधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे थे या संगठन ने कोई अंतरिम व्यवस्था बनाई थी?
इसकी जानकारी नियुक्ति आदेश में नहीं दी गई है।
हालांकि, नियुक्तियों में देरी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित जिलों में संगठन का कामकाज बंद था।
जबलपुर नगर में रविन्द्र तिवारी, भिंड में अभिषेक मिश्रा को जिम्मेदारी
नई सूची में जबलपुर नगर से रविन्द्र तिवारी को जिलाध्यक्ष और श्रीकांत वर्मा को जिला महामंत्री बनाया गया है।
भिंड में अभिषेक मिश्रा अध्यक्ष और शिवांकर भदौरिया महामंत्री बनाए गए हैं। श्योपुर में ईश्वर जाट को अध्यक्ष और अभिषेक जांगिड़ को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है।
इंदौर ग्रामीण में अजय पंवार जिलाध्यक्ष और विजेन्द्र जाट जिला महामंत्री होंगे।
नर्मदापुरम में कुलदीप रघुवंशी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। रूपेन्द्र साहू को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
धार नगर में तरुण सिसोदिया अध्यक्ष और रोहित रघुवंशी महामंत्री बनाए गए हैं।
देखिए 19 जिलों के अध्यक्ष और महामंत्रियों की पूरी सूची
29 अक्टूबर 2026 को जारी भाजपा युवा मोर्चा की मूल सूची के अनुसार नियुक्तियां इस प्रकार हैं।
अब बाकी नियुक्तियों का इंतजार
भाजपा युवा मोर्चा की नई सूची आने के बाद 19 और संगठनात्मक जिलों में अध्यक्षों के नाम सामने आ गए हैं। इनमें से 14 जिलों में महामंत्री भी घोषित हुए हैं।
लेकिन सागर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और नीमच के महामंत्रियों के नाम इस आदेश में नहीं हैं।
अब सवाल यह है कि संगठन इन जिलों के महामंत्रियों के नाम कब घोषित करेगा। फिलहाल 29 अक्टूबर के आदेश में इस संबंध में कोई समयसीमा नहीं दी गई है।